16 सितंबर को फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत दर बढ़ाकर 3.75%-4% किए जाने के बाद निवेशक इस सप्ताह जारी होने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर नजर रखेंगे। बैंक ऑफ जापान की बैठक का ब्योरा, अमेरिकी महंगाई, आर्थिक वृद्धि, रोजगार और मैन्युफैक्चरिंग के आंकड़े 28 अक्टूबर की फेड बैठक से पहले दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं। इनके असर से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड, डॉलर, अमेरिकी शेयरों और बिटकॉइन में भी हलचल देखने को मिल सकती है।
फेड की पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेयर केविन वार्श ने एक और दर वृद्धि के लिए प्रतिबद्धता नहीं जताई थी। उन्होंने कहा था कि नीति निर्माता किसी एक आंकड़े पर प्रतिक्रिया देने के बजाय आर्थिक रुझानों पर ध्यान दें। इसके बावजूद, ब्याज दर वायदा बाजार में कारोबारियों को अक्टूबर में एक और दर वृद्धि की करीब 64% संभावना दिख रही है।
ऊंची ब्याज दरें बचत और बॉन्ड से मिलने वाले रिटर्न को बढ़ा सकती हैं, जिससे जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति निवेशकों की रुचि बदल सकती है। बिटकॉइन करीब 84,728 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। इस सप्ताह के आंकड़ों से बाजार यह परख सकेगा कि मौद्रिक सख्ती आगे बढ़ाने का आधार मजबूत हो रहा है या नहीं।
बैंक ऑफ जापान के मिनट्स से दरों का अंतर केंद्र में
बैंक ऑफ जापान सोमवार को 30-31 जुलाई की मौद्रिक नीति बैठक का विवरण जारी करेगा। इस बैठक के मिनट्स दो दर वृद्धि के बीच हुई चर्चाओं को सामने लाएंगे। केंद्रीय बैंक ने जून में अपनी नीतिगत दर बढ़ाकर करीब 1% की थी और 18 सितंबर को इसे फिर बढ़ाकर लगभग 1.25% कर दिया।
सितंबर के बयान में बैंक ऑफ जापान ने कहा था कि वह दरों में वृद्धि जारी रखेगा। जापान की दरें अब भी अमेरिकी दरों से 2.5 प्रतिशत अंक से अधिक नीचे हैं। यदि बैठक का विवरण तेज गति से मौद्रिक सख्ती के संकेत देता है, तो यह अंतर कम हो सकता है। इसका असर वैश्विक बॉन्ड बाजारों पर पड़ सकता है। जापानी सरकारी बॉन्ड, येन, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और बिटकॉइन इस घटनाक्रम से प्रभावित होने वाली प्रमुख परिसंपत्तियों में रहेंगे।
कोर PCE अब भी फेड के लक्ष्य से ऊपर
व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी PCE मूल्य सूचकांक फेड का प्रमुख महंगाई मापदंड है और यह उपभोक्ता खर्च की स्थिति को भी दर्शाता है। कोर PCE में अस्थिर खाद्य और ऊर्जा कीमतों को शामिल नहीं किया जाता।
अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस के अनुसार, जुलाई तक के 12 महीनों में कोर PCE में 3.3% की वृद्धि हुई थी। बाजार को अगस्त में सालाना आधार पर 3.4% वृद्धि की उम्मीद है, जो फेड के 2% महंगाई लक्ष्य से काफी ऊपर होगी। उपभोक्ता खर्च में महीने-दर-महीने 0.5% वृद्धि का अनुमान है। यह एक साल से अधिक समय में सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी हो सकती है।
यदि महंगाई और खर्च दोनों के आंकड़े मजबूत रहते हैं, तो बाजार यह आकलन कर सकता है कि ब्याज दरें कितने समय तक ऊंची रह सकती हैं। कमजोर आंकड़े इसके विपरीत दरों को लेकर उम्मीदों में बदलाव ला सकते हैं। ट्रेजरी यील्ड, डॉलर, S&P 500, नैस्डैक और बिटकॉइन सभी पर प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
दूसरी तिमाही के GDP अनुमान से विकास की तस्वीर साफ होगी
ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस बुधवार को दूसरी तिमाही के GDP का तीसरा और अंतिम अनुमान जारी करेगा। GDP अर्थव्यवस्था में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को मापता है। दूसरे अनुमान में सालाना दर पर वृद्धि 1.5% रही थी, जो पहली तिमाही के 2.1% से कम थी।
अंतिम आंकड़ा निवेशकों को यह समझने में मदद करेगा कि आर्थिक गति और कमजोर हुई है या नहीं। महंगाई के आंकड़ों के साथ मिलाकर देखा जाए तो यह फेड की नीति और कंपनियों की आय के माहौल को लेकर आकलन को भी प्रभावित करेगा। शेयरों और क्रिप्टो परिसंपत्तियों के लिए आर्थिक वृद्धि के रुझान और ब्याज दरों की उम्मीदों का संयोजन किसी एक आंकड़े से अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।
सितंबर के रोजगार अनुमान में भर्ती की रफ्तार धीमी
सितंबर की रोजगार रिपोर्ट भी इस सप्ताह का एक अहम आंकड़ा है। अर्थशास्त्रियों को 90,000 नई नौकरियों की उम्मीद है, जबकि अगस्त में 162,000 नौकरियां जुड़ी थीं। भर्ती की रफ्तार में कमी से अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और फेड की नीति को लेकर बाजार की धारणा बदल सकती है। हालांकि, प्रतिक्रिया इस बात पर निर्भर करेगी कि रिपोर्ट अन्य आर्थिक संकेतकों के अनुरूप आती है या नहीं।
फेड पहले ही कह चुका है कि वह किसी एक आंकड़े के आधार पर मौद्रिक नीति तय नहीं करेगा। इसलिए कारोबारी रोजगार के आंकड़ों को उपभोक्ता खर्च और महंगाई के साथ जोड़कर देखेंगे। अकेली रोजगार रिपोर्ट को दर बढ़ाने या दरों को स्थिर रखने का अंतिम संकेत नहीं माना जाएगा।
मैन्युफैक्चरिंग आंकड़ों से मांग का आकलन
मैन्युफैक्चरिंग के आंकड़े कारोबारी गतिविधि और मांग की एक और तस्वीर पेश करेंगे। निवेशक इन्हें GDP, उपभोक्ता खर्च और रोजगार के आंकड़ों के साथ मिलाकर यह आकलन करेंगे कि अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो रही है या नहीं।
पांचों संकेतक लगातार जारी होने के कारण हर नए आंकड़े के साथ ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदल सकती हैं। इस पूरे क्रम में अमेरिकी ट्रेजरी, डॉलर, अमेरिकी शेयर और बिटकॉइन पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।