अमेरिका में कम से कम चार एक्सचेंज 2026 की चौथी तिमाही में शेयर परपेचुअल फ्यूचर्स की ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं। SEC के मार्केट स्ट्रक्चर प्रमुख सेलवे ने यह जानकारी दी। क्रिप्टो बाजारों में आम इन अनुबंधों के आने से अमेरिकी विनियमित इक्विटी डेरिवेटिव बाजार में बिना तय समाप्ति-तिथि वाले उत्पाद जुड़ेंगे।
14 अक्टूबर को सिक्योरिटीज ट्रेडर्स एसोसिएशन के वार्षिक मार्केट स्ट्रक्चर सम्मेलन में बोलते हुए सेलवे ने कहा कि उन्हें तिमाही के दौरान कम से कम चार एक्सचेंजों के कारोबार शुरू करने की उम्मीद है। उन्होंने एक्सचेंजों के नाम या लॉन्च की तारीखें नहीं बताईं। पात्र शेयरों, लीवरेज सीमा, फंडिंग व्यवस्था और सेटलमेंट की शर्तों का भी खुलासा नहीं हुआ।
पांच CFTC-विनियमित एक्सचेंजों ने SEC में नोटिस दाखिल किए
सितंबर में Coinbase, Kalshi, Bitnomial, NADEX और ICE Futures ने SEC के पास Form 1-N के तहत सिक्योरिटीज फ्यूचर्स पंजीकरण नोटिस दाखिल किए। ये पांचों प्लेटफॉर्म कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (CFTC) में डेजिग्नेटेड कॉन्ट्रैक्ट मार्केट (DCM) के रूप में पंजीकृत हैं।
यह प्रक्रिया किसी सामान्य एक्सचेंज आवेदन से अलग है। लागू नियमों के तहत पात्र एक्सचेंज जरूरी नोटिस जमा करने के बाद पंजीकरण प्रभावी कर सकता है; इसके लिए पारंपरिक एक्सचेंज आवेदन जैसी अलग SEC मंजूरी आवश्यक नहीं होती।
Form 1-N का दायरा भी सीमित है। SEC के नियम इन नोटिसों को उन एक्सचेंज आवेदनों से अलग मानते हैं जिनकी समीक्षा आयोग ट्रेडिंग शुरू होने से पहले करता है। यह पंजीकरण प्लेटफॉर्म को सिक्योरिटीज फ्यूचर्स का कारोबार करने की अनुमति देता है, लेकिन व्यापक स्तर पर कैश इक्विटी एक्सचेंज चलाने की मंजूरी नहीं देता।
पंजीकरण और किसी खास अनुबंध की शुरुआत अलग-अलग चरण हैं। पांचों नोटिस दाखिल होने का मतलब है कि प्लेटफॉर्म संबंधित पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं; इससे यह तय नहीं होता कि सभी एक ही समय पर परपेचुअल फ्यूचर्स शुरू करेंगे।
CME के सिंगल-स्टॉक फ्यूचर्स की तय समाप्ति-तिथि
सेलवे ने CME Group के नकद-सेटल होने वाले सिंगल-स्टॉक फ्यूचर्स का भी उल्लेख किया। ये अनुबंध 27 जुलाई को शुरू हुए और 50 से अधिक अमेरिकी शेयरों को कवर करते हैं। इनके जरिए निवेशक अलग-अलग कंपनियों के शेयरों से जुड़े सूचीबद्ध डेरिवेटिव में भाग ले सकते हैं।
प्रस्तावित सिक्योरिटीज परपेचुअल फ्यूचर्स के उलट, CME के अनुबंधों की समाप्ति-तिथि होती है। परपेचुअल फ्यूचर्स की आम तौर पर कोई तय समाप्ति नहीं होती; इसलिए उनकी कीमत और अंतर्निहित परिसंपत्ति के बीच संबंध फंडिंग दरों, सेटलमेंट नियमों और अन्य अनुबंध शर्तों जैसे तंत्रों पर निर्भर करता है। सिक्योरिटीज परपेचुअल फ्यूचर्स का अंतिम ढांचा हर एक्सचेंज द्वारा प्रकाशित नियमों से तय होगा।
सेलवे ने कहा कि SEC की भूमिका यह तय करना नहीं है कि ये उत्पाद व्यावसायिक रूप से सफल होंगे या नहीं। आयोग का काम यह सुनिश्चित करना है कि प्लेटफॉर्म नियामकीय मानकों पर खरे उतरें और निवेशकों की सुरक्षा के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दें। उनके अनुसार, आयोग का उद्देश्य कारोबार की सफलता या विफलता का फैसला करना नहीं, बल्कि मानकों और प्रतिस्पर्धा के जरिए निवेशकों की सुरक्षा और लाभ सुनिश्चित करना है।
लॉन्च की तारीख और अनुबंध शर्तें अभी बाकी
अब तक सार्वजनिक जानकारी मुख्य रूप से पंजीकरण प्रक्रिया और संभावित लॉन्च की संख्या तक सीमित है। सेलवे ने कहा कि कम से कम चार एक्सचेंज चौथी तिमाही में कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे हैं, लेकिन उनके नाम नहीं बताए। लीवरेज, मार्जिन की जरूरतें, फंडिंग दरें, ट्रेडिंग घंटे, पात्र शेयर और नकद सेटलमेंट व्यवस्था जैसी अहम शर्तों की घोषणा भी नहीं हुई है।
यदि उत्पाद तय समय पर शुरू होते हैं, तो अमेरिकी इक्विटी डेरिवेटिव बाजार में समाप्ति-तिथि वाले सिंगल-स्टॉक फ्यूचर्स से अलग एक अनुबंध प्रारूप जुड़ जाएगा। बाजार प्रतिभागियों की नजर एक्सचेंजों के औपचारिक नियमों, SEC और CFTC के बीच नियामकीय जिम्मेदारियों के बंटवारे, और अलग-अलग प्लेटफॉर्म के जोखिम नियंत्रण तथा सेटलमेंट की शर्तों पर रहेगी। पांच पंजीकरण नोटिस दाखिल हो चुके हैं, लेकिन वास्तविक ट्रेडिंग तारीखें और उत्पादों का विवरण अभी लंबित है।