HORAN Wealth की 2026 की शरदकालीन निवेशक चिट्ठी के अनुसार, बड़ी टेक कंपनियों के एक छोटे समूह ने S&P 500 की तीसरी तिमाही की बढ़त में फिर प्रमुख भूमिका निभाई। सितंबर में समान-भार वाले सूचकांक में कमजोरी के बावजूद, अमेरिकी अर्थव्यवस्था और कंपनियों की कमाई में मजबूती बनी रही। फेडरल रिजर्व की दरों में बढ़ोतरी, ट्रेजरी यील्ड में उछाल और लक्ष्य से ऊपर बनी महंगाई ने शेयरों और बॉन्ड—दोनों के लिए बाजार परिस्थितियों को प्रभावित किया।
चार टेक शेयरों ने सूचकांक की कुल बढ़त से अधिक जोड़ा
Citadel Securities के आंकड़ों का हवाला देते हुए HORAN Wealth ने कहा कि Microsoft, Nvidia, Apple और Meta Platforms ने तीसरी तिमाही में S&P 500 में करीब 300 अंक जोड़े। यह सूचकांक की कुल बढ़त से दोगुने से भी अधिक था। सूचकांक की बाकी कंपनियों ने सामूहिक रूप से करीब 150 अंक घटाए। तिमाही में S&P 500 का रिटर्न 2.30% रहा, जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों ने इसमें 2.72 प्रतिशत अंक का योगदान दिया। सात सबसे कमजोर सेक्टरों ने मिलकर 1.86 प्रतिशत अंक की कमी की।
सूचकांक में कंपनियों के भार से भी बाजार की एकाग्रता स्पष्ट होती है। S&P 500 में निवेश किए गए प्रत्येक 1 डॉलर में करीब 41 सेंट उसकी 10 सबसे बड़ी कंपनियों में, 35 सेंट “मैग्निफिसेंट सेवन” में और 19 सेंट सेमीकंडक्टर शेयरों में जाते हैं। अकेले Nvidia का भार करीब 8 सेंट है—यह सूचकांक की 256 सबसे छोटी कंपनियों के संयुक्त भार से भी अधिक है।
सितंबर में बाजार की चौड़ाई बदल गई। एक समय समान-भार वाला S&P 500, बाजार पूंजीकरण के आधार पर भारित सूचकांक से बेहतर प्रदर्शन कर रहा था। लेकिन सितंबर में बाजार पूंजीकरण-भारित सूचकांक 0.35% गिरा, जबकि समान-भार वाला सूचकांक 4.81% नीचे आया। इसके बाद समान-भार वाला सूचकांक साल-दर-साल आधार पर पीछे हो गया। S&P 500 अपने उच्चतम स्तर से 2% से भी कम नीचे रहा, लेकिन इसकी 22% कंपनियां अपने-अपने शिखर से 20% से अधिक नीचे थीं और 65% कंपनियां 10% से अधिक गिर चुकी थीं। बड़ी टेक कंपनियों की बढ़त ने कई शेयरों में आई गिरावट को ढक दिया। कमजोरी का असर मुख्य सूचकांक में तेज गिरावट के बजाय समय के साथ असमान प्रदर्शन के रूप में अधिक दिखाई दिया।
मध्यावधि चुनाव और राष्ट्रपति कार्यकाल का चक्र
HORAN Wealth ने कहा कि बाजार समय के साथ राष्ट्रपति चुनावों से जुड़ी नीतिगत अनिश्चितता को पचा लेते हैं और कंपनियां चुनावी नतीजों के अनुसार अपने परिचालन में बदलाव करती हैं। ऐतिहासिक रूप से मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति की पार्टी को प्रतिनिधि सभा में सीटें गंवाने की प्रवृत्ति रही है। 1946 के बाद सत्ता में रहने वाली पार्टी ने केवल 1998 और 2002 में सीटें बढ़ाई हैं; औसतन उसे 22 सीटों का नुकसान हुआ है।
चार वर्षीय राष्ट्रपति चक्र के ऐतिहासिक रिटर्न के अनुसार, दूसरे वर्ष की चौथी तिमाही तथा तीसरे वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही आम तौर पर चक्र की तीन सबसे मजबूत तिमाहियां रही हैं। हालांकि, यह केवल ऐतिहासिक पैटर्न है और इससे यह सुनिश्चित नहीं होता कि हर चक्र इसी तरह आगे बढ़ेगा।
सेवाओं और विनिर्माण में विस्तार से कमाई को सहारा
ऊंची ऊर्जा कीमतों, मध्य पूर्व में तनाव और फेड की दरों में बढ़ोतरी से निवेशक धारणा पर पड़े असर के बावजूद, तीसरी तिमाही में अमेरिकी अर्थव्यवस्था लचीली बनी रही और कंपनियों की कमाई उम्मीदों से बेहतर रही। LSEG I/B/E/S के आंकड़ों के अनुसार, S&P 500 कंपनियों की दूसरी तिमाही की अंतिम रिपोर्टेड कमाई सालाना आधार पर 53.7% बढ़ी। तीसरी तिमाही की रिपोर्टिंग शुरू ही हुई थी और विश्लेषकों ने सालाना कमाई वृद्धि 30.6% रहने का अनुमान लगाया था।
दूसरी तिमाही में अमेरिकी वास्तविक GDP की वार्षिकीकृत वृद्धि दर 2.2% रही। उपभोक्ता खर्च 3.8% बढ़ा, जबकि कारोबारी निवेश में वार्षिकीकृत 9% की वृद्धि हुई। कारोबारी निवेश में इस बढ़ोतरी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स जैसी गतिविधियों से जोड़ा गया। अटलांटा फेड के GDPNow मॉडल ने तीसरी तिमाही की वृद्धि का अनुमान 3.7% लगाया।
इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट का विनिर्माण परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स सितंबर में अगस्त के 54.6 से मामूली घटकर 54.5 पर आ गया, लेकिन लगातार नौवें महीने विस्तार क्षेत्र में रहा। यह 2025 के अधिकांश समय में दर्ज संकुचन के मुकाबले सुधार था। सेवा क्षेत्र का सूचकांक जुलाई के 54.1 से बढ़कर अगस्त में 55.4 हो गया, जो छह महीने का सबसे मजबूत स्तर था। आम तौर पर 50 से ऊपर का PMI विस्तार का संकेत देता है। कारोबारों ने यह भी बताया कि ईंधन लागत के कारण कीमतों का दबाव चार साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया।
फेड की दर वृद्धि के बीच 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 20 साल के उच्च स्तर पर
सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व ने फेडरल फंड्स की लक्षित दर सीमा में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 3.75%–4.00% कर दिया। यह 2023 के बाद पहली दर वृद्धि थी और केविन वॉर्श की फेड चेयर के रूप में नियुक्ति के बाद हुई। वॉर्श ने इस कदम को मौद्रिक सहूलियत में कमी बताया, न कि नीति को कड़ा करने की प्रक्रिया। फेड अधिकारियों के औसत अनुमान से संकेत मिला कि 2026 और 2027 में नीति दर करीब 4.1% रह सकती है।
इस वर्ष बाजार दरों में इससे भी तेज बढ़ोतरी हुई। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड फरवरी के 3.97% से बढ़कर सितंबर में 5.28% हो गई, जो 20 से अधिक वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर था। बॉन्ड की कीमतें आम तौर पर यील्ड के विपरीत दिशा में चलती हैं, इसलिए बढ़ती दरों ने बॉन्ड रिटर्न पर दबाव डाला। सितंबर के अंत तक Bloomberg U.S. Aggregate Bond Index सालाना आधार पर 3.3% नीचे था। अकेले सितंबर में इसमें 2.6% की गिरावट आई, जो 30 वर्षों में उसका छठा सबसे खराब सितंबर प्रदर्शन था। तुलना के लिए, 2022 में दरों में बढ़ोतरी के दौरान 10-वर्षीय ट्रेजरी का कुल रिटर्न नकारात्मक 16.9% रहा था।
महंगाई फेड के 2% लक्ष्य से ऊपर बनी रही। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की नवीनतम रीडिंग 3.35% थी, जबकि खाद्य और ऊर्जा को छोड़कर कोर CPI 2.45% रहा। व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी PCE मूल्य सूचकांक 3.45% पर था। हालांकि, PCE की 402 श्रेणियों में केवल 12 में सालाना कीमत वृद्धि 2% से अधिक रही। ऊर्जा कीमतों में सालाना 16.8% की वृद्धि हुई, जो सभी श्रेणियों में सबसे बड़ी बढ़ोतरी थी।
डेटा सेंटर निवेश और उभरते बाजारों का प्रदर्शन
HORAN Wealth ने इससे पहले टेक्नोलॉजी कंपनियों के पूंजीगत खर्च और डेटा सेंटर विस्तार को रेखांकित किया था। चिट्ठी में कहा गया कि कुछ डेटा सेंटर निर्माण परियोजनाओं को स्थानीय समुदायों के विरोध का सामना करना पड़ा, हालांकि फर्म का मानना था कि इन मुद्दों का समाधान किया जा सकता है। उसने बुनियादी ढांचे में निवेश को AI विकास का प्रमुख संचालक बताया।
उभरते बाजारों ने अमेरिका और विकसित बाजारों से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें टेक्नोलॉजी कंपनियों का योगदान काफी रहा। HORAN Wealth ने चिट्ठी में किसी खास सूचकांक का रिटर्न नहीं दिया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों के बीच उभरते बाजारों को अपेक्षाकृत मजबूत क्षेत्र बताया।
2026 की कमाई का अनुमान और बाजार के प्रमुख कारक
LSEG I/B/E/S ने 2026 में S&P 500 कंपनियों की कमाई में 35.8% वृद्धि का अनुमान लगाया। चिट्ठी लिखे जाने के समय सूचकांक का साल-दर-साल रिटर्न 12.8% था। HORAN Wealth के अनुसार, अगले 12 से 18 महीनों में कमाई की वृद्धि शेयर कीमतों को सहारा दे सकती है, जबकि वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ने पर दबाव बन सकता है।
महंगाई में और कमी आने पर ब्याज दरों में गिरावट हो सकती है या वे मौजूदा स्तरों पर बनी रह सकती हैं। यदि महंगाई ऊंची बनी रहती है, तो दरों और बॉन्ड बाजार का प्रदर्शन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा।