अमेरिकी कॉलेज छात्र और वाणिज्यिक विमानन लेखक ज़ैक बेनिटेज़ ने बगदाद से दुबई तक इराकी एयरवेज़ की इकोनॉमी-क्लास उड़ान के लिए $123 चुकाए। करीब ढाई घंटे की इस यात्रा में उन्हें युद्ध, प्रतिबंधों और विमानन निगरानी पर उठे सवालों के बाद अपने बेड़े को आधुनिक बनाने की कोशिश कर रही सरकारी एयरलाइन को करीब से देखने का मौका मिला। हालांकि, संचालन और सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं अब भी कायम हैं।
इराकी एयरवेज़ ने अमेरिका के लिए कभी नियमित वाणिज्यिक उड़ानें संचालित नहीं की हैं। मध्य पूर्व के मार्गों पर सीमित मांग के कारण अमेरिकी यात्रियों का इस एयरलाइन से सामना कम होता है। इराक की विमानन निगरानी व्यवस्था को लेकर चिंताएं भी इसकी वजह हैं। संचालन और कॉरपोरेट प्रबंधन में गंभीर कमियों का हवाला देते हुए यूरोपीय संघ ने 2015 से एयरलाइन को संबंधित उड़ानें संचालित करने से रोक रखा है।
बोर्डिंग से पहले बेनिटेज़ को सुरक्षा को लेकर आशंकाएं थीं। एयरलाइन का एकमात्र जानलेवा विमान हादसा 1986 में अपहरण से जुड़ी घटना में हुआ था। वहीं, इराक का नागरिक विमानन प्राधिकरण अब तक अंतरराष्ट्रीय विमानन निगरानी मानकों पर खरा नहीं उतरा है। नया बेड़ा अपने आप में व्यापक नियामकीय और परिचालन समस्याओं का समाधान नहीं है।
नए विमानों से बेड़ा बदल रही है इराकी एयरवेज़
बेनिटेज़ को पुराने विमान की उम्मीद थी, लेकिन उनकी उड़ान करीब तीन साल पुराने बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर से संचालित हुई। इराकी एयरवेज़ को 2023 में लगभग नए दो 787-8 विमान मिले थे और 2027 तक बेड़े में और विमान शामिल होने की उम्मीद है।
हाल के वर्षों में एयरलाइन अपने कुछ विमानों को बदल रही है। अब इसके बेड़े की औसत उम्र करीब 11 साल है, जो अमीरात और कतर एयरवेज़ जैसी क्षेत्र की बड़ी एयरलाइनों के औसत के आसपास है। इराकी एयरवेज़ मध्य पूर्व की उन शुरुआती एयरलाइनों में भी थी जिसने एयरबस A220 का संचालन शुरू किया। 2023 में उसने अगली पीढ़ी के बोइंग 737 मैक्स 8 विमानों की डिलीवरी लेना भी शुरू किया।
हालांकि, विमान का केबिन उसकी उम्र जितना नया नहीं लगा। बेनिटेज़ को सीटों पर दाग, कुशन के बीच खाने के टुकड़े और सीट के पीछे की जेबें गंदी मिलीं। बेज और नीले रंग का केबिन सादा था और उसकी हालत उस विमान से मेल नहीं खाती थी जो सेवा में आए अभी दो-तीन साल ही हुए हों।
यह अंतर दिखाता है कि बेड़े में निवेश और रोज़मर्रा के रखरखाव में फर्क होता है। नए विमान खरीदने या लीज़ पर लेने से बेड़े की औसत उम्र घट सकती है, लेकिन केबिन की सफाई, रखरखाव और संचालन के मानकों पर लगातार ध्यान देना पड़ता है—खासकर ऐसी एयरलाइन के लिए जो अभी अपना कारोबार फिर से खड़ा कर रही है।
बगदाद हवाई अड्डे के टर्मिनल में घूमते कबूतर
इराकी एयरवेज़ से उड़ान भरने से पहले बेनिटेज़ इस्तांबुल से टर्किश एयरलाइंस की उड़ान लेकर बगदाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। उन्होंने एक तीसरे पक्ष के माध्यम से ऑनलाइन वीज़ा लिया था, जिसके लिए करीब $200 चुकाए। वह हवाई अड्डे से बाहर नहीं गए, इसलिए उन्हें टर्मिनल देखने का समय मिला।
टर्मिनल की इमारत या दुकानों से ज्यादा उनका ध्यान वहां मौजूद कबूतरों पर गया। वे टर्मिनल में घूम रहे थे और कुछ सुरक्षा कैमरों पर बैठे थे। बोर्डिंग के दौरान एक कबूतर यात्री के सिर पर बैठा और उस पर बीट कर दी। आसपास के लोगों की प्रतिक्रिया बेनिटेज़ की अपेक्षा से कहीं अधिक सहज थी।
यह दृश्य उस सुव्यवस्था, साफ-सफाई और सुविधा प्रबंधन से काफी अलग था जिस पर कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनें जोर देती हैं। यात्रा के सबसे अप्रत्याशित अनुभवों में यह भी शामिल रहा।
छोटी उड़ान में गर्म चिकन और चावल
विमान में मिलने वाली सेवा ने एक अलग तरह का आश्चर्य दिया। करीब दो घंटे की उड़ान में इराकी एयरवेज़ ने पूरा गर्म भोजन परोसा। यह अमेरिका की कई घरेलू इकोनॉमी उड़ानों से अलग था, जहां सेवा अक्सर पेय, हल्के नाश्ते या सैंडविच तक सीमित रहती है।
ट्रे में गर्म चिकन और चावल, थोड़ा सलाद और पानी था। विमान के उतरने से पहले यात्रियों के पास खाना खाने का पर्याप्त समय था। बेनिटेज़ ने कुल मिलाकर भोजन को अच्छा बताया।
अमेरिकी एयरलाइनों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा और लागत घटाने के दबाव के बीच छोटी दूरी के मार्गों पर भोजन सेवा में व्यापक कटौती की है। इराकी एयरवेज़ सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी है और उसे सरकारी वित्तपोषण मिलता है। इससे उसका लागत ढांचा और व्यावसायिक दबाव अमेरिकी एयरलाइनों से अलग है। कंपनी छोटी उड़ानों में गर्म भोजन देना जारी रखती है।
सिर्फ भोजन के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि कुल सेवा किस एयरलाइन की बेहतर है। हालांकि, इससे पता चलता है कि स्वामित्व, उड़ान मार्गों के बाजार और लागत ढांचा यात्रियों को विमान में मिलने वाली सुविधाओं को कैसे प्रभावित कर सकते हैं।
हवाई अड्डे पर बातचीत ने बदली धारणा
दूसरे यात्रियों से हुई बातचीत भी बेनिटेज़ के लिए अप्रत्याशित रही। चेक-इन के दौरान एक व्यक्ति ने उनसे पूछा कि वह कहां से आए हैं। वहां अमेरिकी यात्रियों का आना-जाना कम होने के कारण दोनों ने करीब एक घंटे तक अपने परिवारों और बचपन के रीति-रिवाजों पर चर्चा की।
बाद में, जब बेनिटेज़ कॉफी स्टॉल से बोतलबंद पानी खरीदने की कोशिश कर रहे थे, एक अन्य यात्री ने अनुवाद में मदद की। दोनों ने उस यात्री के विश्वविद्यालय में अंग्रेज़ी पढ़ने के अनुभव पर भी बात की।
बेनिटेज़ को चिंता थी कि बगदाद हवाई अड्डे पर रास्ता ढूंढना मुश्किल होगा। अमेरिकी विदेश विभाग फिलहाल इराक की सभी यात्राओं से बचने की सलाह देता है। देश में विमानन सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं और भू-राजनीतिक तनाव भी बने हुए हैं। अपने संक्षिप्त प्रवास के दौरान बेनिटेज़ ने हवाई अड्डे की सुविधाओं और सुरक्षा जांच के साथ-साथ स्थानीय यात्रियों के रोज़मर्रा के अनुभव भी देखे।
इस उड़ान में इराकी एयरवेज़ की कई वास्तविकताएं एक साथ सामने आईं। एयरलाइन बोइंग 787, एयरबस A220 और बोइंग 737 मैक्स 8 जैसे विमानों से अपना बेड़ा आधुनिक कर रही है, जबकि केबिन रखरखाव, सुरक्षा निगरानी और परिचालन प्रबंधन पर ध्यान देना अभी भी जरूरी है। नए विमान, गर्म भोजन और यात्रियों का दोस्ताना व्यवहार बेनिटेज़ के अनुभव को बेहतर बनाने वाले पहलू थे, लेकिन उनसे नियामकों द्वारा पहले उठाई गई सुरक्षा चिंताएं खत्म नहीं होतीं।