माएकेडा गिबन्स एस्टन बेंजामिन 2018 में Bank of America में लोन अधिकारी के रूप में काम कर रही थीं। ग्राहकों की वित्तीय स्थिति का आकलन करने वाली गिबन्स ने उसी दौरान घर पर खुशबू के फॉर्मूले मिलाने शुरू किए। महंगे परफ्यूम लंबे समय तक खरीदना उनके लिए उचित नहीं था, इसलिए शुरुआत में उन्होंने अपना खर्च घटाने और सहकर्मियों व दोस्तों के साथ उत्पाद साझा करने के लिए ये उत्पाद बनाए। जब सहकर्मी इन्हें खरीदने के लिए पूछने लगे, तो यह साइड प्रोजेक्ट कारोबार में बदल गया।
गिबन्स ने शुरुआत के लिए करीब 300 डॉलर लगाए। इसमें लगभग 54 डॉलर Amazon से बोतलें खरीदने में गए और बाकी रकम कैरियर ऑयल तथा फॉर्मूला परीक्षण पर खर्च हुई। सात साल बाद उनकी कंपनी Brown Sugar Babe का सकल राजस्व 21 मिलियन डॉलर हो चुका है और अटलांटा में इसका फ्लैगशिप स्टोर भी है। डिजिटल बिक्री डैशबोर्ड और वित्तीय रिकॉर्ड के अनुसार, कंपनी ने अब तक बाहरी निवेश नहीं लिया है।
बाहरी पूंजी के बिना कारोबार का विस्तार
Brown Sugar Babe बॉडी ऑयल, स्क्रब, बॉडी बटर और स्किनकेयर उत्पाद बेचती है। ब्रांड का विस्तार मुख्य रूप से कारोबार से पैदा हुई रकम के जरिए हुआ है। गिबन्स का कहना है कि इस तरीके ने कंपनी को कम लागत वाली संरचना में बनाए रखा, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि कुछ योजनाओं को तब तक टालना पड़ता है, जब तक कंपनी के पास उन्हें वित्तपोषित करने के लिए पर्याप्त नकदी न हो। इस तरह विस्तार सीधे नकदी प्रवाह से जुड़ा रहता है।
गिबन्स अपने फैसले लेने के तरीके को ‘अंदाजे से निर्णय’ लेने जैसा बताती हैं। पहले सोशल मीडिया समुदायों के जरिए यह समझने की कोशिश की जाती है कि ग्राहक क्या चाहते हैं, फिर सामग्री, पैकेजिंग और उत्पादन के लिए रकम जुटाई जाती है। कुछ मौकों पर किसी उत्पाद की लॉन्चिंग पूरी करने के लिए जरूरी सामग्री खरीदने हेतु उन्हें क्रेडिट कार्ड की पूरी सीमा तक इस्तेमाल करनी पड़ी। वेंचर कैपिटल या अन्य बाहरी वित्तीय समर्थन के बिना चल रहे उपभोक्ता ब्रांड के लिए इस रणनीति में ग्राहक मांग, इन्वेंटरी और नकदी प्रबंधन सीधे एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं।
एक बार इन्वेंटरी तैयार करते समय Brown Sugar Babe को करीब दो साल के स्टॉक और कच्चे माल की जरूरत थी। गिबन्स ने लगभग तीन महीनों में कई खरीदारी कीं और कुल मिलाकर करीब 5.5 मिलियन डॉलर खर्च किए। उन्होंने इस ऑर्डर के लिए वित्तपोषण पर विचार किया, लेकिन अंततः चरणों में भुगतान करना चुना। उनका कहना था कि वह कंपनी की ‘सुरक्षा राशि’ बचाए रखना चाहती थीं। शुरुआत में इन खरीदों ने वित्तीय दबाव बढ़ाया, लेकिन दो साल की सामग्री सुरक्षित हो जाने से उत्पादन और बिक्री पर अधिक ध्यान देना संभव हुआ और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण उत्पाद उपलब्ध न होने का जोखिम घटा।
फ्रेगरेंस ऑयल पर ही क्यों कायम है ब्रांड
गिबन्स नए फॉर्मूलों का परीक्षण जारी रखे हुए हैं, लेकिन Brown Sugar Babe की फिलहाल अल्कोहल-आधारित ईओ डी परफ्यूम यानी EDP और स्प्रे फ्रेगरेंस बाजार में उतरने की योजना नहीं है। ब्रांड फ्रेगरेंस ऑयल पर ध्यान दे रहा है। गिबन्स का मानना है कि इस श्रेणी में अभी ऐसी मांग और अवसर मौजूद हैं, जिन्हें दूसरी कंपनियों ने पूरी तरह विकसित नहीं किया है। उनका यह भी कहना है कि अल्कोहल-आधारित फ्रेगरेंस बाजार में पहले से कई स्थापित ब्रांड हैं, इसलिए अधिक भीड़ वाले क्षेत्र में उतरने का Brown Sugar Babe के पास फिलहाल पर्याप्त कारण नहीं है।
ब्रांड के कई उत्पादों में स्थापित लग्जरी फ्रेगरेंस से जुड़े तत्व दिखाई देते हैं। गिबन्स इन्हें केवल ‘डुप’ कहना पसंद नहीं करतीं। उनका कहना है कि वह किसी खास लग्जरी परफ्यूम से शुरुआत करके उसे एक-एक तत्व के स्तर पर दोहराने की कोशिश नहीं करतीं। इसके बजाय वह अपनी पसंद की खुशबू से शुरुआत करती हैं और यह तलाशती हैं कि उसे अधिक प्रभावी तथा बॉडी-केयर उत्पाद के लिए उपयुक्त कैसे बनाया जाए।
यह उत्पाद रणनीति फ्रेगरेंस उद्योग में चल रहे बौद्धिक संपदा विवादों के बीच सामने आती है। 2024 में Sol de Janeiro ने MCoBeauty पर झूठे विज्ञापन, ट्रेड-ड्रेस उल्लंघन और अनुचित प्रतिस्पर्धा का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया। शिकायत में कहा गया कि MCoBeauty के फ्रेगरेंस मिस्ट ने Cheirosa बॉडी-मिस्ट श्रृंखला की खुशबू, पैकेजिंग और ब्रांड प्रस्तुति समेत कई पहलुओं की नकल की। MCoBeauty ने जनवरी 2026 में मामला खारिज करने की मांग की और तर्क दिया कि यह मुकदमा वैध प्रतिस्पर्धा रोकने की कोशिश है। मामला अभी संघीय अदालत में लंबित है।
गिबन्स के अनुसार, समान उत्पादों को लेकर उपभोक्ताओं की धारणा अक्सर ब्रांड और उत्पाद की प्रस्तुति पर निर्भर करती है। उनका कहना है कि Brown Sugar Babe के फॉर्मूलों की नकल करने वाले अन्य ब्रांडों का भी उन्हें सामना करना पड़ा है, लेकिन वह यह नहीं मानतीं कि बाजार में मौजूद उत्पादों से प्रेरणा लेना अपने-आप में अस्वीकार्य होना चाहिए। उनके विचार में अलग-अलग ब्रांड पहले से बाजार में मौजूद उत्पादों से विचार ले सकते हैं।
अटलांटा फ्लैगशिप पर 1.2 मिलियन डॉलर का निवेश
कई फ्रेगरेंस कंपनियां लीज, स्टोर निर्माण और कर्मचारियों से जुड़ी स्थायी लागत से बचने के लिए केवल ऑनलाइन बिक्री करती हैं। गिबन्स का मानना था कि डिजिटल माध्यम अकेले वह आमने-सामने का जुड़ाव नहीं दे सकते जिसे वह बनाना चाहती थीं। कारोबार शुरू होने के कई साल बाद उन्होंने 2025 में अटलांटा में Brown Sugar Babe का फ्लैगशिप स्टोर खोला।
स्टोर पर निर्माण, ब्रांड डिजाइन और लॉन्च कार्यक्रमों समेत कुल करीब 1.2 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ। नियमित खुदरा कारोबार के अलावा कंपनी स्टोर के भीतर और अन्य ऑफलाइन स्थानों पर कार्यक्रम तथा पॉप-अप भी आयोजित करती है, ताकि ग्राहकों को ऐसा अनुभव दिया जा सके जो ऑनलाइन खरीदारी से नहीं मिलता। गिबन्स मानती हैं कि वह समुदाय के लिए कभी-कभी और अधिक गतिविधियां आयोजित करना चाहती हैं, लेकिन व्यक्तिगत अनुभव जितना विस्तृत होता है, उसकी लागत और उसे संचालित करने का दबाव भी उतना ही बढ़ता है।
मांग का अनुमान लगाना कंपनी के संचालन में एक और चुनौती है। नए उत्पाद लॉन्च होने के बाद Brown Sugar Babe का स्टॉक कई बार खत्म हो चुका है और असामान्य रूप से अधिक ट्रैफिक के कारण उसकी वेबसाइट भी बंद पड़ी है। गिबन्स का कहना है कि उम्मीद से अधिक बिक्री होने के कई अनुभवों के बाद भी वह नए उत्पाद के लाइव होते ही ग्राहकों की खरीदारी की इच्छा को कम आंक देती हैं। करीब 300 डॉलर से शुरू होकर कारोबार में बची हुई नकदी के जरिए बढ़े इस ब्रांड के लिए अचानक बढ़े ऑर्डर और जरूरत से ज्यादा इन्वेंटरी के जोखिम के बीच संतुलन बनाना अब भी रोजमर्रा की सबसे अहम वित्तीय चुनौतियों में शामिल है।