कनाडा के अल्बर्टा प्रांत स्थित CFB वेनराइट सैन्य अड्डे पर प्रशिक्षण के दौरान लगी आग में चार सैन्यकर्मियों की मौत हो गई और दर्जनों गंभीर रूप से घायल हुए। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 18 अक्टूबर को यह जानकारी दी। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। सेना ने कहा कि अब तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है जिससे आग का संबंध आतंकवाद से जुड़ता हो। मृतकों और घायलों के परिवारों को सूचित कर दिया गया है।
आग शनिवार, 17 अक्टूबर की दोपहर अड्डे के प्रशिक्षण क्षेत्र में लगी। अल्बर्टा के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चल रही थीं और हवा के झोंकों की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। इसके चलते आग अड्डे की सीमा पार कर आसपास के ग्रामीण इलाकों तक फैल गई। कार्नी ने इसे शांतिकाल में कनाडाई सशस्त्र बलों पर आई सबसे गंभीर त्रासदियों में से एक बताया।
अल्बर्टा के कई अस्पतालों में घायलों का इलाज
टेलीविजन पर दिए संबोधन में कार्नी ने बताया कि मृतकों और घायलों में रिजर्व सैनिक तथा प्रिंसेस पैट्रिशिया कैनेडियन लाइट इन्फैंट्री के जवान शामिल थे। यह कनाडा की प्रमुख रेजिमेंटों में से एक है। ये सैनिक देशभर के सैन्य अड्डों से प्रशिक्षण के लिए वेनराइट आए थे। शोक जताने के लिए देशभर में संघीय सरकारी इमारतों पर झंडे आधे झुका दिए जाएंगे।
उस दिन तक घायलों की पक्की संख्या अधिकारियों ने जारी नहीं की थी। घायलों को वेनराइट, एडमंटन, रेड डियर और कैलगरी में इलाज के लिए ले जाया गया। करीब 7,000 की आबादी वाले वेनराइट में सामूहिक हताहतों की स्थिति से निपटने के लिए बना अस्पताल नहीं है। शहर के मेयर ब्रूस प्यू ने कहा कि स्थानीय चिकित्सा कर्मियों ने आपात प्रतिक्रिया में हिस्सा लिया और कुछ मरीजों को हेलीकॉप्टरों तथा विमानों से दूसरे चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया गया।
एडमंटन के एक अस्पताल में आपात चिकित्सा विशेषज्ञ वॉरेन थिर्स्क ने कहा कि घायलों की अचानक बड़ी संख्या पहुंचने से सैन्य अड्डे के पास के चिकित्सा केंद्र कुछ समय के लिए दबाव में आ गए थे। अल्बर्टा के कई अस्पतालों ने कई गंभीर रूप से घायल मरीजों से जुड़ी घटनाओं के लिए इस्तेमाल होने वाली “कोड ऑरेंज” प्रक्रिया शुरू की। एडमंटन क्षेत्र में एम्बुलेंस की उपलब्धता भी बहुत कम हो गई। अधिकारियों ने लोगों से कहा कि गैर-आपात स्थिति में यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा अस्पताल के आपात विभाग जाने से बचें, जहां तक संभव हो।
जांच में आरसीएमपी शामिल, राहत अभियान जारी
रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने कहा कि उसे शनिवार स्थानीय समयानुसार शाम 4 बजे के कुछ ही देर बाद अड्डे के प्रशिक्षण क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली। रक्षा मंत्री डेविड मैकगिन्टी ने बताया कि आरसीएमपी जांच में शामिल हो गई है और संघीय, प्रांतीय तथा स्थानीय अधिकारी मिलकर प्रतिक्रिया का समन्वय कर रहे हैं। उन्होंने घटनास्थल और जांच को “बहुत सक्रिय और संवेदनशील” बताया। उनके मुताबिक, आने वाले घंटों और दिनों में और जानकारी मिलने की उम्मीद थी।
तेज हवाओं के कारण घटनास्थल पर राहत और आग बुझाने का काम कठिन हुआ। शनिवार रात करीब 11 बजे स्थानीय नगरपालिका अधिकारियों ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और संपत्ति तथा अहम बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखा गया है। वेनराइट के निवासियों को घर खाली करने का आदेश नहीं दिया गया था। चिकित्सा और सैन्य कर्मियों के मरीजों को ले जाने का काम जारी रहने के दौरान वेनराइट हेल्थ सेंटर के पास कम से कम 10 एम्बुलेंस तैनात थीं।
अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने आग को गंभीर और दुखद बताया। सस्केचेवान के प्रीमियर स्कॉट मो ने कहा कि उनका प्रांत अल्बर्टा की मदद करेगा, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किस तरह के संसाधन भेजे जाएंगे। कार्नी ने कहा कि एडमंटन और सास्काटून से STARS एयर एम्बुलेंस के हेलीकॉप्टर भी राहत अभियान में शामिल थे।
आग से अल्बर्टा जनमत-संग्रह का अग्रिम मतदान प्रभावित
CFB वेनराइट कनाडा के सबसे व्यस्त सैन्य प्रशिक्षण केंद्रों में से एक है। यहां कैनेडियन मैन्यूवर ट्रेनिंग सेंटर और 3rd कैनेडियन डिवीजन ट्रेनिंग सेंटर स्थित हैं, जहां युद्धक्षेत्र और सैन्य अभियानों से जुड़े अभ्यास कराए जाते हैं। कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिव्र ने कहा कि उन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति समर्थन जताने के लिए कार्नी और मैकगिन्टी से बात की। उन्होंने स्थानीय निवासियों से आपात निर्देशों का पालन करने और राहत वाहनों के लिए रास्ता खाली रखने की अपील की।
आग के कारण अल्बर्टा के संभावित स्वतंत्रता-मार्ग से जुड़े जनमत-संग्रह के अग्रिम मतदान पर भी असर पड़ा। इलेक्शंस अल्बर्टा ने बताया कि वेनराइट कम्युनिटी सेंटर में मतदान केंद्र शनिवार को समय से पहले बंद कर दिया गया और मतपत्रों तथा चुनाव सामग्री को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। मतदाताओं के लिए लॉयडमिन्स्टर और वर्मिलियन के मतदान केंद्र विकल्प के तौर पर बताए गए।
आग की जांच और हताहतों की पुष्टि का काम जारी था। सेना ने मृतकों और घायलों की पहचान के बारे में अतिरिक्त जानकारी जारी नहीं की थी।