X-energy के शेयर सोमवार को बढ़े और लगातार आठ सत्रों की गिरावट थमी, जिसने कंपनी के शेयर को IPO के बाद के सबसे निचले स्तर तक पहुंचा दिया था। कंपनी और American Electric Power (AEP) ने इंडियाना में छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर परियोजना की व्यवहार्यता का संयुक्त आकलन करने पर सहमति जताई है। Amazon अध्ययन की लागत का कुछ हिस्सा देगा। यह कदम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) डेटा केंद्रों को परमाणु बिजली उपलब्ध कराने की दौड़ में एक नया पड़ाव है, लेकिन अभी यह व्यवहार्यता अध्ययन ही है—बिजली संयंत्र बनाने की प्रतिबद्धता नहीं।
इंडियाना परियोजना अभी व्यवहार्यता अध्ययन तक सीमित
X-energy और AEP यह जांचेंगे कि इंडियाना में छोटा मॉड्यूलर रिएक्टर विकसित किया जा सकता है या नहीं। कंपनियों ने संभावित क्षमता, निर्माण की समयसीमा या निवेश लागत का खुलासा नहीं किया है। इसलिए इस घोषणा का अर्थ यह नहीं है कि परियोजना को मंजूरी मिल गई है या निर्माण शुरू होने वाला है। Amazon अध्ययन के लिए आंशिक धन देगा, लेकिन राशि नहीं बताई गई।
छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर अभी उभरती हुई तकनीक हैं। इनके समर्थकों का कहना है कि AI डेटा केंद्रों से बिजली की बढ़ती मांग के बीच ये अमेरिका की बिजली आपूर्ति में योगदान दे सकते हैं। निवेशकों के लिए अहम सवाल यह है कि क्या अध्ययन से वास्तविक निर्माण परियोजना निकलेगी और उसके लिए वित्तपोषण तथा नियामकीय मंजूरियां कैसे जुटाई जाएंगी। फिलहाल जारी जानकारी व्यवहार्यता समीक्षा तक ही सीमित है।
Amazon और X-energy का लक्ष्य 2039 तक 5 गीगावाट
यह अध्ययन Amazon और X-energy के मौजूदा सहयोग के तहत दूसरी परियोजना है। दोनों कंपनियों का लक्ष्य 2039 तक अमेरिका में 5 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता जोड़ना है। AI डेटा केंद्रों का बड़ा विकासकर्ता Amazon, संबंधित बिजली उपलब्ध होने पर उसे खरीदने की योजना बना रहा है। हालांकि, घोषणा में यह नहीं बताया गया कि इंडियाना की परियोजना इस क्षमता लक्ष्य में किस तरह शामिल होगी।
सोमवार की तेजी X-energy के लगातार आठ सत्रों की गिरावट और IPO के बाद बने निचले स्तर के बाद आई। प्रतिस्पर्धी Oklo का शेयर भी नए निचले स्तर पर पहुंचा। दोनों कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा है, लेकिन एक दिन की बढ़त से इंडियाना परियोजना की स्थिति नहीं बदली: वह अभी मूल्यांकन के चरण में है। निवेशक X-energy और AEP के अध्ययन के निष्कर्षों और इस बात की स्पष्ट जानकारी का इंतजार करेंगे कि Amazon के समर्थन वाली पहल ठोस निर्माण योजना तक पहुंचती है या नहीं।