अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट विचार कर रहा है कि 401(k) योजना के प्रबंधन को लेकर मुकदमा करने वाले कर्मचारियों को यह दिखाना होगा या नहीं कि तुलना के लिए चुने गए निवेशों का जोखिम और संभावित रिटर्न विवादित फंडों से पर्याप्त रूप से मेल खाते हैं। फैसला ERISA के तहत दावे दायर करने की कसौटी और सेवानिवृत्ति योजना प्रायोजकों तथा निवेश सलाहकारों के मुकदमे संबंधी जोखिम का आकलन प्रभावित कर सकता है।
Anderson v. Intel Corp. Investment Policy Committee मामले पर 6 अक्टूबर को दलीलें सुनी गईं। फैसला अगले साल आने की उम्मीद है। न्यायाधीश इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या वादियों को यह दिखाना जरूरी है कि वैकल्पिक निवेश बेहतर नतीजे दे सकते थे और उन विकल्पों का विवादित फंडों से कितना मिलता-जुलता होना आवश्यक है।
सुप्रीम कोर्ट के सामने बेंचमार्क की समानता का सवाल
विवाद इंटेल की 401(k) योजना में निवेश विकल्पों को लेकर योजना के न्यासियों द्वारा किए गए बदलावों से जुड़ा है। वादियों का आरोप है कि 2008 की मंदी के बाद न्यासियों ने कुछ विकल्पों में हेज फंड और प्राइवेट इक्विटी फंड शामिल किए। उनके मुताबिक, यह कदम निवेश प्रबंधन की मान्य पेशेवर परंपराओं से हटकर था और ERISA के तहत न्यासियों के कर्तव्यों का उल्लंघन करता था।
इंटेल के पूर्व कर्मचारी विंस्टन एंडरसन ने 2019 में मुकदमा दायर किया। बाद में उन्होंने इंटेल के निवेशों का आकलन करने के लिए S&P 500 इंडेक्स फंड और एसेट मैनेजर Morningstar के फंडों को बेंचमार्क के रूप में पेश किया। कैलिफोर्निया की एक संघीय जिला अदालत ने मामला खारिज करते हुए कहा कि वादियों ने कोई “अर्थपूर्ण बेंचमार्क” नहीं दिया। Ninth Circuit Court of Appeals ने इस फैसले को बरकरार रखा।
एंडरसन के वकीलों का कहना है कि कई संघीय अपीलीय अदालतों में लागू “अर्थपूर्ण बेंचमार्क” की कसौटी को अदालतों को छोड़ देना चाहिए। मौखिक सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने इस पर सवाल किए कि निवेश प्रबंधन के विवेकपूर्ण होने का आकलन करने में तुलना के लिए चुने गए निवेश में कौन-सी विशेषताएं होनी चाहिए।
जस्टिस एलेना कगन ने सुझाव दिया कि अदालत सटीक मेल की मांग किए बिना बेंचमार्क को “काफी हद तक समान” होने की शर्त रख सकती है और निचली अदालतों के लिए कुछ कारक तय कर सकती है। जस्टिस एमी कोनी बैरेट ने पूछा कि क्या समान उद्देश्य और रणनीति की मांग से निचली अदालतें यह निष्कर्ष निकाल सकती हैं कि वादियों को विवादित फंड का लगभग हूबहू “जुड़वां” निवेश ढूंढना होगा।
तुलना में जोखिम और रिटर्न भी अहम
Groom Law Group में ERISA प्रैक्टिस के प्रमुख विल डेलाने ने कहा कि सुनवाई से संकेत मिला कि न्यायाधीश केवल बेहतर प्रदर्शन करने वाले फंड से साधारण तुलना को पर्याप्त नहीं मान सकते। वादियों को यह भी समझाना पड़ सकता है कि प्रस्तावित विकल्प का जोखिम और रिटर्न प्रोफाइल कितना तुलनीय है।
डेलाने के मुताबिक, निवेश सलाहकार आम तौर पर अलग-अलग बाजार चक्रों और परिस्थितियों में फंडों के प्रदर्शन का आकलन करते हैं। जोखिम और निवेश के रिटर्न प्रोफाइल को ध्यान में रखे बिना सिर्फ यह कहना कि एक फंड ने दूसरे से बेहतर प्रदर्शन किया, बाजार की स्थितियों के असर को नजरअंदाज कर सकता है।
यह कसौटी तय कर सकती है कि वादी निवेश प्रबंधन के मामलों में अपने दावे कैसे तैयार करें और योजना प्रायोजक तथा सलाहकार निवेश विकल्पों की समीक्षा और उनका रिकॉर्ड कैसे रखें। बेंचमार्क स्वीकार करने की कम सख्त शर्त से योजनाओं से जुड़े पक्षों के खिलाफ अधिक मुकदमे हो सकते हैं। दूसरी ओर, कड़ी समानता की मांग से वादियों के लिए यह साबित करना मुश्किल हो सकता है कि निवेश का चुनाव अनुचित था।
फैसला न्यासियों के खिलाफ दावों का दायरा तय कर सकता है
बोस्टन की Goodwin Procter फर्म में अपीलीय मामलों के वकील जॉर्डन बॉक ने इंटेल मामले में अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से एमिकस ब्रीफ दाखिल किया। उन्होंने कहा कि अदालत की राय से यह प्रभावित हो सकता है कि न्यायाधीश निवेश विकल्पों की कितनी बारीकी से जांच करें, योजना प्रायोजक संभावित देनदारी का आकलन कैसे करें और निवेश सलाहकारों को कितना मुकदमा जोखिम उठाना पड़े।
बॉक ने यह भी कहा कि अदालत सीमित फैसला दे सकती है और “अर्थपूर्ण बेंचमार्क” की सटीक परिभाषा तय करने से बच सकती है। ERISA के हालिया मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने कभी कानून की व्याख्या में बड़े बदलाव किए हैं, तो कभी निचली अदालतों को मौजूदा तरीके से काम जारी रखने को कहा है।
वैकल्पिक निवेशों की पात्रता पर फैसला होने की उम्मीद नहीं
मुकदमे में शुरुआत में इंटेल की 401(k) योजना के विकल्पों में हेज फंड और प्राइवेट इक्विटी फंड शामिल करने को चुनौती दी गई थी। फिर भी बॉक और डेलाने को उम्मीद नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट सीधे यह तय करेगा कि ऐसे वैकल्पिक निवेश सेवानिवृत्ति योजनाओं के लिए उपयुक्त हैं या नहीं। मार्च में श्रम विभाग ने एक प्रस्तावित नियम पेश किया था, जो 401(k) और इसी तरह के खातों में वैकल्पिक निवेशों की सिफारिश करने वाले योजना प्रायोजकों को कानूनी संरक्षण देगा।
डेलाने ने कहा कि अदालतें आम तौर पर सिर्फ निवेश की श्रेणी के आधार पर किसी विकल्प को ERISA के तहत अनुचित नहीं मानतीं। अगर वादी खराब प्रदर्शन के आधार पर हेज फंड जैसे वैकल्पिक निवेश को चुनौती देते हैं, तो उन्हें समान उद्देश्य और निवेश लक्ष्य वाला तुलना-योग्य विकल्प दिखाना होगा। मसलन, कम जोखिम वाला स्थिर-मूल्य उत्पाद हेज फंड के लिए उपयुक्त बेंचमार्क नहीं हो सकता।
इसलिए सुप्रीम कोर्ट के सामने मुख्य सवाल ERISA मुकदमों में निवेशों की तुलना का तरीका है, न कि सेवानिवृत्ति खातों में हेज फंड या प्राइवेट इक्विटी शामिल किए जा सकते हैं या नहीं। अगले साल अपेक्षित फैसला यह स्पष्ट कर सकता है कि ऐसे दावे आगे बढ़ाने के लिए कर्मचारियों को बेंचमार्क की समानता के बारे में कौन-से सबूत देने होंगे।