प्रिंस हैरी ने बताया कि 2019 में ब्रिटेन छोड़कर अस्थायी रूप से कनाडा जाने के बाद वह करीब दो हफ्ते तक अवसाद में रहे। उन्होंने कहा कि लगातार दबाव में रहने के दौरान शरीर में बना रहने वाला एड्रेनालिन अचानक कम हुआ, जिसका असर उनकी रोजमर्रा की सक्रियता पर पड़ा। उन्होंने अपनी मां, राजकुमारी डायना की मौत के बाद लंबे समय तक दुख को दबाए रखने के अनुभव भी साझा किए।
हैरी ने शोक से निपटने पर केंद्रित एक सशुल्क ऑनलाइन कोर्स के दौरान ये बातें कहीं। वह और उनकी पत्नी मेघन शाही जिम्मेदारियों से पीछे हटने के बाद पहले कनाडा गए और फिर अमेरिका के कैलिफोर्निया में बस गए। हैरी के मुताबिक, ब्रिटेन छोड़ने का शुरुआती फैसला उन्हें “कुछ दूरी और जगह” देने के लिए था।
कनाडा जाने के बाद एड्रेनालिन में अचानक गिरावट
हैरी ने याद किया कि लगातार तनाव वाले माहौल से बाहर आने के दो-तीन दिन बाद उन्हें एड्रेनालिन में तेज गिरावट जैसा महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा अनुभव पहले कभी नहीं हुआ था और घर पर वह बहुत कम काम कर पा रहे थे।
उनके अनुसार, दिमाग को सक्रिय रखने के लिए उन्हें दबाव और उत्तेजना की जरूरत महसूस होती थी। हैरी ने कहा, “मैं करीब दो हफ्ते तक अवसाद में रहा और सोचता था, ‘एड्रेनालिन के बिना मैं काम नहीं कर सकता।’”
उन्होंने यह नहीं बताया कि उस समय उन्होंने उपचार लिया था या इस दौर ने उनके दैनिक जीवन को किस तरह प्रभावित किया। कोर्स में एक न्यूरोसाइंटिस्ट से बातचीत के दौरान उन्होंने यह अनुभव साझा किया। यह कोर्स MasterClass मंच पर शुल्क देकर उपलब्ध है। निर्माण टीम ने पिछले साल हैरी को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था और वीडियो की शूटिंग गर्मियों में कैलिफोर्निया में हुई।
डायना की मौत के बाद दुख और अपराधबोध
हैरी ने अपनी मां की मौत के लंबे समय तक रहे असर पर भी बात की। डायना की 1997 में मृत्यु हुई थी, जब हैरी 12 साल के थे। उन्होंने बताया कि 20 की उम्र में उन्होंने दो बार अफगानिस्तान में सेवा की और शुरुआत में माना कि इससे वह अपनी भावनाओं से बच सकेंगे। बाद में उन्हें लगा कि ऐसा नहीं हुआ।
हैरी के मुताबिक, वह कई वर्षों तक भावनात्मक रूप से सुन्न रहे। उन्हें लगता था कि खुश होना मां के प्रति बेवफाई जैसा होगा। उन्हें यह अपराधबोध भी था कि मां को याद करने का सबूत देने के लिए उन्हें दुखी रहना और अपनी भावनाएं दबाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मां के अंतिम संस्कार में रोने के बाद करीब 20 साल तक वह फिर नहीं रोए। बाद में एक थेरपिस्ट ने उन्हें डायना के जीवनकाल में इस्तेमाल किए गए परफ्यूम का छिड़काव करने का सुझाव दिया, ताकि वह अपनी भावनाओं से दोबारा जुड़ सकें। हैरी ने कहा कि इस अनुभव से उन्हें समझ आया कि उनकी मां चाहतीं कि वह खुश रहें।
ब्रिटेन वापसी और परिवार से दूर रहने की सीमा
हैरी और मेघन हाल में अपने दो बच्चों, प्रिंस आर्ची और प्रिंसेस लिलिबेट, के साथ ब्रिटेन लौटे। दंपति ने पिछले महीने इस यात्रा की घोषणा की थी। वे छह साल से अमेरिका में रह रहे हैं और माना जाता है कि उनका ठिकाना कॉट्सवोल्ड्स में है।
कोर्स के दौरान हैरी ने परिवार से जुड़ा अपना एक निजी नियम भी बताया: वह परिवार से 10 दिन से अधिक दूर नहीं रहना चाहते।
हैरी और उनके भाई, प्रिंस विलियम, दोनों मानसिक स्वास्थ्य और अपनी मां की मौत के प्रभाव पर सार्वजनिक रूप से बोल चुके हैं और इससे जुड़े परोपकारी कामों में हिस्सा लिया है। हैरी की हालिया बातचीत में विदेश जाने के बाद आए अल्पकालिक मनोवैज्ञानिक बदलावों के साथ-साथ इस बात पर ध्यान रहा कि दशकों बाद भी शोक उनकी भावनाओं और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करता रहा।