यात्रा की मांग मजबूत रहने के बावजूद डेल्टा एयर लाइन्स ने पूरे साल के लाभ और मुक्त नकदी प्रवाह के अनुमान घटा दिए हैं। ईंधन की ऊंची कीमतों ने मुनाफे पर दबाव डाला और 9 अक्टूबर को जारी तीसरी तिमाही के नतीजे बाजार की उम्मीदों से नीचे रहे। मुख्य वित्त अधिकारी एरिक स्नेल ने कहा कि अनुमान घटाने की वजह “पूरी तरह ईंधन” है।
डेल्टा ने प्रति शेयर पूरे साल की आय का अनुमान 6.50–7.50 डॉलर से घटाकर 5.10–5.60 डॉलर कर दिया। मुक्त नकदी प्रवाह का अनुमान भी 3–4 अरब डॉलर से घटाकर 2.5 अरब डॉलर किया गया।
तीसरी तिमाही में ईंधन बिल 4.1 अरब डॉलर
समायोजित राजस्व सालाना आधार पर 15.7% बढ़कर 17.58 अरब डॉलर रहा, जबकि विश्लेषकों का अनुमान 17.76 अरब डॉलर था। कंपनी का लाभ 1.13 अरब डॉलर रहा, जो बाजार की अपेक्षाओं से कम था।
डेल्टा ने बताया कि तीसरी तिमाही में उसका वास्तविक ईंधन खर्च जुलाई में लगाए गए अनुमान से 500 मिलियन डॉलर अधिक रहा। तिमाही का कुल ईंधन बिल 4.1 अरब डॉलर पहुंच गया—एक साल पहले की तुलना में 62% ज्यादा। पिछले साल इसी अवधि में अमेरिका, इज़राइल और ईरान से जुड़े संघर्ष और उसके व्यापक असर से वैश्विक तेल बाजार पर दबाव अपेक्षाकृत कम था।
ईंधन खर्च बढ़ने के साथ हवाई यात्रा की मांग मजबूत बनी रही। छुट्टियों के दौरान भी मांग टिके रहने की उम्मीद है। अगस्त तक अमेरिका में हवाई किराये सालाना आधार पर 23.4% ऊपर थे। फिर भी ऊंचे किराये और यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी ऊर्जा लागत के असर की पूरी भरपाई नहीं कर सके, जिससे डेल्टा के नतीजों पर दबाव पड़ा।
एयरलाइंस अधिक भुगतान करने वाले यात्रियों पर ध्यान दे रहीं
ईंधन लागत के दबाव के बीच बड़ी एयरलाइंस किराये बढ़ाने के साथ अपने मार्गों और केबिन व्यवस्था में बदलाव कर रही हैं, ताकि अधिक भुगतान करने वाले यात्रियों को आकर्षित किया जा सके।
कुछ कंपनियां लंबी दूरी के ज्यादा लाभदायक अंतरराष्ट्रीय मार्ग बढ़ा रही हैं और कम किराये वाले, कम मार्जिन के मार्गों पर सेवा घटा रही हैं। साथ ही, वे प्रथम श्रेणी, बिजनेस क्लास और अन्य प्रीमियम सीटों की संख्या बढ़ा रही हैं। लक्ष्य है कि प्रीमियम टिकटों से अधिक राजस्व मिले और ईंधन, बेड़े तथा परिचालन की बढ़ती लागत का कुछ असर संभाला जा सके।
इस रणनीति से डेल्टा को ईंधन खर्च में हुई कुछ बढ़ोतरी की भरपाई करने में मदद मिली। तीसरी तिमाही में प्रीमियम सीटों से राजस्व सालाना आधार पर 18% बढ़ा और कुल राजस्व वृद्धि में योगदान दिया। यह आय ईंधन कीमतों के झटके को आगे भी कितना संभाल पाएगी, यह ईंधन की कीमतों, किरायों और कारोबारी व अवकाश यात्रियों की मांग पर निर्भर करेगा।
डेल्टा की रिफाइनरी से मिलता है कुछ सहारा
डेल्टा अमेरिका की सबसे अधिक लाभ कमाने वाली एयरलाइंस में से एक है और देश की प्रमुख एयरलाइंस में अकेली ऐसी कंपनी है जिसके पास अपनी रिफाइनरी है। इससे उसका एयरलाइन कारोबार तेल की महंगाई से सुरक्षित नहीं होता, लेकिन ईंधन लागत तेजी से बढ़ने पर कुछ राहत मिलती है।
इस महीने के आखिर में यूनाइटेड एयरलाइंस, साउथवेस्ट एयरलाइंस, अमेरिकन एयरलाइंस, अलास्का एयरलाइंस और जेटब्लू के नतीजे आने वाले हैं। उनके आंकड़ों से पता चलेगा कि किराया बढ़ाने, कम आमदनी वाले मार्ग घटाने और प्रीमियम सीटें बढ़ाने से पूरे क्षेत्र में ईंधन लागत का दबाव कितना कम हो पा रहा है।