Salesforce के CEO मार्क बेनिऑफ ने कंपनी के AI एजेंट प्लेटफॉर्म AIForce का नाम बदलकर SIForce कर दिया है। यह बदलाव ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की जगह ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द अपनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। एलन मस्क ने भी कहा है कि SpaceXAI का नाम बदलकर SpaceXSI किया जाएगा। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका में सरकारी दस्तावेजों में ‘सुपर इंटेलिजेंस’ के बढ़ते इस्तेमाल का असर तकनीकी कंपनियों की ब्रांडिंग पर पड़ना शुरू हो गया है, हालांकि संबंधित कार्यकारी आदेश निजी कंपनियों को अपने नाम बदलने के लिए बाध्य नहीं करता।
Salesforce के प्लेटफॉर्म का नया नाम
बेनिऑफ ने शुक्रवार को X पर लिखा, “सुपर इंटेलिजेंस का दौर आ गया है। AIForce अब आधिकारिक रूप से SIForce है।” यह बदलाव Salesforce पर नहीं, बल्कि उसके एजेंट प्लेटफॉर्म पर लागू होता है। उत्पाद के नाम में ‘AI’ की जगह ‘SI’ का इस्तेमाल दिखाता है कि कंपनी अपने उत्पाद की पोजिशनिंग में ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द को शामिल करना चाहती है।
मस्क ने रविवार को कहा कि SpaceXAI का नाम SpaceXSI किया जाएगा। दोनों घोषणाएं कम अंतराल में हुईं और इस तरह नाम बदलने की यह प्रवृत्ति अमेरिकी सरकारी दस्तावेजों से कॉरपोरेट ब्रांडिंग तक पहुंचती दिखाई दी। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, Salesforce ने प्लेटफॉर्म का नाम बदलने की घोषणा की है, जबकि मस्क ने SpaceX के उत्पाद का नाम बदलने की प्रतिबद्धता जताई है। किसी भी घोषणा में संबंधित उत्पादों की क्षमताओं या कारोबारी संचालन में बदलाव का संकेत नहीं दिया गया है।
सरकारी एजेंसियों को ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द अपनाने का निर्देश
अमेरिकी सरकार ने 29 सितंबर को जारी कार्यकारी आदेश में संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया कि जहां कानून इसकी अनुमति देता हो, वहां आधिकारिक संचार, वेबसाइटों, रिपोर्टों और नीतिगत दस्तावेजों में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ या ‘AI’ की जगह ‘सुपर इंटेलिजेंस’ या ‘SI’ का इस्तेमाल किया जाए। आदेश में कहा गया कि मौजूदा प्रणालियां मानव रचनात्मकता को बढ़ाने में लगातार अधिक सक्षम हो रही हैं और ‘सुपर इंटेलिजेंस’ उनकी संभावित क्षमता का बेहतर वर्णन करता है।
गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने Truth Social पर एक पोस्ट में इससे आगे की बात कही। उन्होंने कहा कि जो लोग ‘सुपर इंटेलिजेंस’ के बजाय ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें व्हाइट हाउस की नजर में “दुश्मन” माना जाएगा। इस भाषा ने उस मुद्दे को राजनीतिक आयाम दे दिया, जो शुरुआत में सरकारी शब्दावली में बदलाव तक सीमित था। हालांकि कार्यकारी आदेश निजी कंपनियों के लिए नाम बदलना अनिवार्य नहीं करता। किसी कंपनी द्वारा यह शब्द अपनाना उसके ब्रांड और उत्पाद की पोजिशनिंग से जुड़े फैसले पर निर्भर करता है।
नया नाम सुपर इंटेलिजेंस का तकनीकी प्रमाण नहीं
‘सुपर इंटेलिजेंस’ आम तौर पर ऐसी प्रणालियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो कई तरह के कार्यों में मनुष्यों से काफी बेहतर प्रदर्शन करें। किसी उत्पाद के नाम में ‘AI’ को बदलकर ‘SI’ कर देने से यह साबित नहीं होता कि वह उत्पाद इस क्षमता के मानक को पूरा करता है। न ही इससे कोई मापने योग्य तकनीकी बेंचमार्क स्थापित होता है।
इसलिए बाजार में कंपनियों के संचार को लेकर नए सवाल उठ सकते हैं। उपभोक्ता ‘SI’ को किस अर्थ में समझेंगे और कंपनियों को नए नाम का वास्तविक उत्पाद-क्षमताओं से संबंध किस तरह स्पष्ट करना होगा, यह दोनों ही महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
इस प्रवृत्ति का असर उन कंपनियों पर भी पड़ सकता है जिनके नाम में सीधे ‘AI’ शामिल है। OpenAI, Scale AI, Character AI और Resolve AI ने टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया। सरकारी शब्दावली और कॉरपोरेट ब्रांडिंग के बीच समानता बढ़ने के बावजूद, आधिकारिक दस्तावेजों में इस्तेमाल की जाने वाली नीति-भाषा को कंपनियों के मार्केटिंग फैसलों और AI प्रणालियों की वास्तविक क्षमताओं से अलग करके देखना होगा।