अमेरिकी स्पॉट ईथर ETF से 9 अक्टूबर को 56.1 मिलियन डॉलर की शुद्ध निकासी हुई और निकासी का सिलसिला लगातार नौवें कारोबारी सत्र तक पहुंच गया। दिन की पूरी निकासी BlackRock के ETHA से हुई। दूसरी ओर, मौजूदा कीमत से ऊपर ईथर की करीब 5 अरब डॉलर की शॉर्ट पोजिशन थीं। ETF प्रवाह और डेरिवेटिव बाजार की पोजिशनिंग पर नजर है, हालांकि इनमें से कोई भी संकेत अकेले ईथर की कीमत की दिशा तय नहीं करता।
नौ सत्रों में करीब 697 मिलियन डॉलर निकले
29 सितंबर से अमेरिकी स्पॉट ईथर ETF से लगभग 697 मिलियन डॉलर की निकासी हुई है। इससे पहले के सात कारोबारी सत्रों में दर्ज 850.8 मिलियन डॉलर के शुद्ध निवेश का बड़ा हिस्सा इस निकासी से मिट गया। लगातार नौ सत्रों की मौजूदा अवधि, 17 से 30 जून के बीच बने निकासी के रिकॉर्ड के बराबर है।
SoSoValue के आंकड़ों के मुताबिक, इन फंडों की कुल परिसंपत्तियां अब करीब 15.71 अरब डॉलर हैं, जबकि सितंबर के अंत में यह लगभग 17.9 अरब डॉलर थीं। ETF प्रवाह पारंपरिक ब्रोकरेज खातों के जरिए ईथर में निवेश की मांग का संकेत देता है। हाल की लगातार निकासी ने फंडों में आए पिछले निवेश का बड़ा हिस्सा वापस ले लिया है।
ईथर और बिटकॉइन ETF में अलग दिशा
रिपोर्टिंग के समय ईथर 2,496 डॉलर पर कारोबार कर रहा था और पिछले 24 घंटों में इसकी कीमत में खास बदलाव नहीं हुआ था। 2 अक्टूबर को टोकन का भाव 2,715.50 डॉलर था। ETF से निकासी जारी रहने के बीच स्पॉट बाजार की गतिविधि और अन्य प्लेटफॉर्मों पर पोजिशनिंग भी अहम है; केवल फंड प्रवाह से क्रिप्टोकरेंसी की संभावित दिशा का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
इसके उलट, अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETF में 9 अक्टूबर को 21.13 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश आया। हालांकि, यह 7 और 8 अक्टूबर को मिलाकर हुई करीब 729 मिलियन डॉलर की निकासी के बाद आया था और उन दो सत्रों की कुल निकासी की तस्वीर को पलटने के लिए पर्याप्त नहीं था।
स्पॉट कीमत से ऊपर करीब 5 अरब डॉलर की शॉर्ट पोजिशन
डेरिवेटिव बाजार में ईथर की करीब 5 अरब डॉलर की मंदी वाली पोजिशन मौजूदा कीमत से ऊपर थीं। इनका आकार अस्थिरता और लिक्विडेशन के जोखिम पर बाजार का ध्यान खींच सकता है। लेकिन उपलब्ध जानकारी में कीमत के स्तर, एक्सपायरी की तारीखें या पोजिशन की संरचना नहीं दी गई है, इसलिए यह तय नहीं किया जा सकता कि इन्हें किस स्तर पर बंद करना पड़ सकता है।
बाजार के लिए ETF निकासी और स्पॉट कीमत से ऊपर की शॉर्ट पोजिशन दो अलग संकेत हैं। पहला पारंपरिक निवेश माध्यमों से निकासी दिखाता है, जबकि दूसरा डेरिवेटिव बाजार में मंदी की पोजिशनिंग को दर्शाता है। दिन की ETF निकासी पूरी तरह ETHA से हुई, जबकि ईथर की कीमत में सीमित बदलाव आया। आगे नजर इस बात पर रहेगी कि फंडों से निकासी जारी रहती है या नहीं और शॉर्ट पोजिशन में क्या बदलाव आता है।