सऊदी अरब और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास नए हमलों ने मध्य पूर्व से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई और सोमवार को अमेरिकी कच्चे तेल के वायदा भाव ऊपर चढ़े। इसी बीच, एक्सॉन मोबिल और शेवरॉन के शेयर तकनीकी विश्लेषण में देखे जाने वाले खरीद स्तरों के करीब पहुंचे। दोनों कंपनियां 30 अक्टूबर को तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी।
WTI दो सप्ताह के उच्च स्तर के करीब, 93.83 डॉलर पर
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल का वायदा सोमवार को 2.2% बढ़कर 93.83 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, जो करीब दो सप्ताह का उच्च स्तर है। इसके बावजूद भाव अप्रैल के 114.58 डॉलर के शिखर से नीचे हैं। तेजी के पीछे भू-राजनीतिक जोखिम और आपूर्ति बाधित होने की आशंका फिर से चर्चा में आना रहा। उपलब्ध जानकारी से यह पुष्टि नहीं होती कि तेल आपूर्ति वास्तव में बाधित हुई है।
सप्ताहांत में यमन के ईरान समर्थित हूती बलों ने सऊदी अरब के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमला किया। इस हमले में 10 से अधिक लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा घायल हुए। यह हमला पिछले सप्ताह के मध्य में हुए हवाई अड्डे पर दो हमलों के बाद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिका हूतियों के खिलाफ हवाई हमले शुरू करने में सऊदी अरब की मदद कर सकता है।
अलग से, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक और टैंकर पर हमले की खबरों ने क्षेत्रीय ऊर्जा परिवहन और कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई। ऊर्जा की खेप के लिए यह जलडमरूमध्य अहम मार्ग है, इसलिए इसकी सुरक्षा तेल बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है। खबरों में हमले से जहाजों को हुए किसी खास नुकसान का विवरण नहीं दिया गया।
एक्सॉन मोबिल और शेवरॉन के शेयर तकनीकी खरीद स्तरों के करीब
कच्चे तेल के साथ सोमवार को तेल और गैस कंपनियों के शेयर भी चढ़े। इनमें कुछ शेयर तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पहचाने जाने वाले खरीद स्तरों के करीब पहुंचे। बड़ी ऊर्जा कंपनियों में एक्सॉन मोबिल (NYSE: XOM) और शेवरॉन (NYSE: CVX) पर निवेशकों की नजर रही। उपलब्ध जानकारी में संबंधित भाव स्तर या दोनों शेयरों की दिनभर की बढ़त नहीं दी गई है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि किसी शेयर ने कोई खास स्तर पार कर लिया।
बाजार दोनों कंपनियों के तिमाही नतीजों का भी इंतजार कर रहा है। एक्सॉन मोबिल और शेवरॉन, दोनों 30 अक्टूबर को रिपोर्ट जारी करने वाले हैं। नतीजे तिमाही के दौरान कंपनियों के प्रदर्शन की नई जानकारी देंगे। कच्चे तेल की कीमतें और कंपनी के नतीजे अलग-अलग संकेत देते हैं: भू-राजनीतिक घटनाक्रम आपूर्ति की उम्मीदों को प्रभावित करता है, जबकि नतीजे बताते हैं कि कंपनियों ने उस अवधि में कैसा प्रदर्शन किया।
डीजल की कीमतें कच्चे तेल से उलट दिशा में
सोमवार को वैश्विक डीजल कीमतों में गिरावट आई, जबकि कच्चे तेल का वायदा चढ़ा। सप्ताहांत में ट्रंप ने कहा था कि रूस और यूक्रेन “ऊर्जा संघर्ष-विराम” पर सहमत हुए हैं। इससे पहले शुक्रवार को उन्होंने रूस के साथ डीजल सौदे की घोषणा की थी। इन बयानों और सौदे ने डीजल बाजार के लिए अलग संदर्भ दिया, लेकिन कीमतों पर उनके खास असर, सौदे की मात्रा या उसे लागू करने के तरीके का विवरण उपलब्ध नहीं था।
इस तरह सोमवार को ऊर्जा बाजारों में रुझान एक जैसा नहीं रहा: मध्य पूर्व की आपूर्ति को लेकर चिंता लौटने पर WTI चढ़ा, जबकि डीजल की कीमतें नीचे आईं। कच्चे तेल की बढ़त ने बड़ी तेल कंपनियों को फिर बाजार के केंद्र में ला दिया। हवाई अड्डे और टैंकर पर हमलों की खबरें, साथ ही ऊर्जा सौदे से जुड़े घटनाक्रम, आपूर्ति की उम्मीदों के लिहाज से चर्चा में बने हुए हैं।