Anthropic एंटरप्राइज इंजीनियरों को Claude और AI एजेंट सिस्टम कामकाजी प्रक्रियाओं में लागू करने का प्रशिक्षण देने के लिए 100 मिलियन डॉलर का निवेश करेगी। कंपनी का लक्ष्य 2027 के अंत तक 10,000 लोगों को प्रशिक्षित करना है। यह पहल ऐसे समय में आई है जब Anthropic संभावित IPO की तैयारी कर रही है और कारोबारों में Claude का इस्तेमाल बढ़ाना चाहती है।
AI मॉडल की क्षमताएं तेजी से बढ़ रही हैं और प्रतिस्पर्धी कंपनियां बाजार हिस्सेदारी हासिल करने के लिए इस तकनीक का उपयोग कर रही हैं। ऐसे में व्यवसायों पर अपने कामकाज के तरीके बदलने का दबाव बढ़ा है। Anthropic में पार्टनर मार्केट स्ट्रैटेजी एंड ऑपरेशंस की प्रमुख शांभवी ने कहा कि ग्राहक मॉडल की तेज प्रगति को पहचान रहे हैं और यह परख रहे हैं कि कौन-से काम AI से कराए जा सकते हैं।
Anthropic के FDE के लिए पांच अहम कौशल
Anthropic इस भूमिका को आम तौर पर इस्तेमाल होने वाले “फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर” के बजाय “फ्रंटियर डिप्लॉयड इंजीनियर” (FDE) कहती है। ये इंजीनियर ग्राहकों के साथ काम करते हुए नई कार्यप्रणालियां तैयार करने और AI सिस्टम लागू करने में मदद करते हैं। “फॉरवर्ड डिप्लॉयड इंजीनियर” पदनाम को लोकप्रिय बनाने में Palantir की भूमिका रही है।
शांभवी ने इस काम के लिए चार मुख्य क्षमताएं गिनाईं: एजेंटिक AI सिस्टम की समझ, समस्या सुलझाने की क्षमता, प्रभावी संवाद और मजबूत इंजीनियरिंग अनुभव व कौशल। Anthropic में ग्लोबल बिजनेस डेवलपमेंट एंड पार्टनरशिप के प्रमुख स्टीव कॉर्फील्ड ने पांचवें कौशल के तौर पर जिज्ञासा को जोड़ा। उनके मुताबिक, लगातार सवाल पूछना और नए रास्ते तलाशना इस भूमिका का अहम हिस्सा है।
कंपनियों में कार्यप्रणालियां बदलने और एजेंटिक AI को अलग-अलग विभागों में लागू करने के दौरान संवाद की खास अहमियत होती है। इंजीनियरों को तकनीकी दिक्कतें सुलझाने के साथ विभिन्न टीमों और सहकर्मियों के बीच तालमेल भी बनाना पड़ता है। शांभवी ने कहा कि Anthropic के FDE रोजाना ऐसी चुनौतियों का सामना करते हैं। कंपनी अपने अनुभव ग्राहकों, साझेदारों और एंटरप्राइज इंजीनियरों के साथ साझा करना चाहती है, ताकि वे Claude का अधिक प्रभावी इस्तेमाल कर सकें।
चार दिन का पाठ्यक्रम, फिर 12 हफ्ते का कार्यस्थल प्रशिक्षण
पहले प्रशिक्षण सत्र न्यूयॉर्क और सैन फ्रांसिस्को में शुरू हो चुके हैं। Accenture, Bain और Novo Nordisk समेत कई संगठनों के प्रतिभागी इसमें शामिल हैं। कंपनियां इंजीनियरों को नामांकित करती हैं, जिसके बाद Anthropic उनके साक्षात्कार लेती है।
चुने गए प्रतिभागी चार दिन के आमने-सामने चलने वाले पाठ्यक्रम में हिस्सा लेते हैं। वे सिम्युलेटेड माहौल में एजेंट सिस्टम बनाना और लागू करना सीखते हैं तथा व्यावहारिक आकलन पूरा करते हैं। इसके बाद वे अपने नियोक्ताओं के पास लौटकर अगले 12 हफ्तों तक परियोजनाओं पर काम करते हैं। इस दौरान Anthropic के मेंटर्स उनका मार्गदर्शन करते हैं।
प्रतिभागियों के आकलन का तरीका Anthropic अभी तय कर रही है। शांभवी के अनुसार, मूल्यांकन में प्रभावी FDE के लिए जरूरी संवाद, समस्या-समाधान और कोडिंग जैसे कौशल पर ध्यान दिया जाएगा। एंटरप्राइज ग्राहकों के सामने चुनौती सिर्फ AI में रुचि की कमी नहीं है; उन्हें ऐसे लोगों की भी कमी है जो इन टूल्स को कारोबार की विशिष्ट प्रक्रियाओं में लागू कर सकें। कॉर्फील्ड ने इस कमी को कौशल-अंतर बताया, जो बाजार में AI के व्यापक इस्तेमाल की राह में बाधा है।
AI लागू करने वाले इंजीनियरों के लिए बढ़ती होड़
टीक कंपनियों में उन इंजीनियरों की मांग बढ़ रही है जो टीमों को AI का इस्तेमाल व्यापक बनाने में मदद कर सकें। Salesforce ने मई में कहा था कि वह “AI बिल्डर” भूमिकाओं के लिए शुरुआती करियर वाले 1,000 कर्मचारियों की भर्ती की योजना बना रही है। कॉर्फील्ड के मुताबिक, Anthropic का कार्यक्रम और कंपनी की अन्य AI शिक्षा पहलें उद्योग के प्रशिक्षण के लिए एक मानक बन सकती हैं।
यह कार्यक्रम केवल कक्षा में टूल्स सिखाने तक सीमित नहीं है; प्रशिक्षण को कंपनियों के वास्तविक कार्यस्थल से जोड़ा गया है। इसकी व्यावसायिक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि इंजीनियर सही उपयोग के मामले पहचान पाते हैं या नहीं, प्रक्रियाओं को नए सिरे से तैयार कर पाते हैं या नहीं और सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू कर पाते हैं या नहीं। यही कदम तय करते हैं कि कंपनियां AI मॉडल की क्षमताओं को नियमित व्यावसायिक इस्तेमाल में बदल सकेंगी या नहीं। 10,000 लोगों को प्रशिक्षित करने का Anthropic का लक्ष्य और एंटरप्राइज AI लागू करने में कौशल-अंतर घटाने की इस पहल की क्षमता, कार्यक्रम आगे बढ़ने के साथ परखी जाएगी।