अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन कुछ प्रतिबंधित टैंकरों को ऐसी प्रक्रिया शुरू करने दे रहा है, जिससे जरूरी कदम पूरे करने के बाद वे वैध रूप से कच्चे तेल की ढुलाई फिर कर सकें। निवेशकों ने निष्क्रिय प्रतिबंधित जहाज खरीदने, उनकी मरम्मत कराने और उन्हें गैर-प्रतिबंधित कच्चे तेल के परिवहन में लगाने का प्रस्ताव दिया है। इससे टैंकरों की उपलब्धता, प्रतिबंधित तेल के शिपिंग मार्गों और आपूर्ति जोखिमों के आकलन पर असर पड़ सकता है।
राइट ने 19 अक्टूबर को न्यूयॉर्क में Citadel Securities के एक कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने यह नहीं बताया कि मंजूरी के मानदंड क्या होंगे, किन जहाजों को पात्र माना जा सकता है या हर टैंकर को कौन-सी नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितने जहाज आवेदन, मरम्मत या दोबारा परिचालन के चरण में पहुंच चुके हैं।
शैडो फ्लीट में करीब 1,600 प्रतिबंधित टैंकर
राइट के अनुमान के मुताबिक, वैश्विक शैडो फ्लीट में करीब 1,600 प्रतिबंधित टैंकर शामिल हैं। ये जहाज लंबे समय से प्रतिबंधित कच्चे तेल की ढुलाई करते रहे हैं। कुछ निष्क्रिय पड़े हैं, जबकि प्रतिबंध, बीमा संबंधी पाबंदियां और बंदरगाहों तक सीमित पहुंच अन्य जहाजों को मुख्यधारा के शिपिंग नेटवर्क से बाहर रख सकती है।
अगर प्रतिबंधित टैंकर औपचारिक रूप से गैर-प्रतिबंधित कच्चे तेल की ढुलाई पर लौट सकें, तो उपलब्ध जहाजों का दायरा बढ़ सकता है। इससे जहाज मालिक और निवेशक निष्क्रिय टैंकरों के मूल्य का नए सिरे से आकलन कर सकते हैं। हालांकि, किसी जहाज की वापसी उसकी मौजूदा हालत और मरम्मत लागत के साथ-साथ बीमा, ध्वज-राज्य की शर्तों और बंदरगाहों तथा कारोबारी भागीदारों की अनुपालन जांच पर निर्भर करेगी।
मरम्मत के बाद भी सेवाओं तक पहुंच तय नहीं
प्रस्तावित योजना के तहत निष्क्रिय टैंकर खरीदे जाएंगे, उनकी मरम्मत होगी और उन्हें गैर-प्रतिबंधित कच्चे तेल की ढुलाई में लगाया जाएगा। ऐसे में लागत सिर्फ खरीद मूल्य तक सीमित नहीं होगी; रखरखाव, चालक दल, बीमा और मार्गों का खर्च भी अहम होगा। तकनीकी काम पूरा होने के बाद भी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेवाओं तक पहुंच और कारोबारी भागीदारों की स्वीकृति तय करेगी कि जहाज वास्तव में परिचालन कर पाएगा या नहीं।
टैंकरों की उपलब्धता अलग-अलग क्षेत्रों के बीच परिवहन लागत और हाजिर कच्चा तेल कारोबार की लॉजिस्टिक्स को प्रभावित करती है। सक्रिय बेड़े में बढ़ोतरी से कुछ मार्गों पर क्षमता की कमी कम हो सकती है। लेकिन लाइसेंस के मानदंड, नियामकीय शर्तें और योजना का दायरा स्पष्ट होने तक बाजार यह नहीं आंक सकता कि इससे कितनी उपयोगी क्षमता जुड़ सकती है।
अब तक सार्वजनिक जानकारी से केवल इतना पता चलता है कि अमेरिका संबंधित टैंकरों को वैध परिवहन में लौटने की प्रक्रिया शुरू करने दे रहा है। मंजूर जहाजों की सूची, कार्यक्रम का आकार या कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं हुई है। निवेशक और शिपिंग बाजार लाइसेंस दस्तावेजों, जहाजों के पंजीकरण में बदलाव और बीमा तथा बंदरगाह सेवाओं की बहाली पर नजर रखेंगे।