न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत ने FirstBank Puerto Rico और उसकी मूल कंपनी First Bancorp के खिलाफ मुकदमे को आगे बढ़ने की अनुमति दी है। रूसी वादी जूलिया मोल्चोनोवा का आरोप है कि बैंक ने 20 साल से अधिक समय तक जेफ्री एपस्टीन और उससे जुड़े लोगों को बैंकिंग सेवाएं दीं, जिससे खातों और लेन-देन के जरिए उसका यौन तस्करी नेटवर्क चलता रहा।
इस आदेश में बैंक की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। अदालत ने केवल यह माना है कि न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले की अमेरिकी जिला अदालत मोल्चोनोवा के दावों के कुछ हिस्सों की सुनवाई कर सकती है। मामला इस बात पर केंद्रित है कि बैंक ने खातों और धन हस्तांतरण को कैसे संभाला और संभावित चेतावनी संकेतों पर क्या प्रतिक्रिया दी। ये सवाल जोखिम वाले ग्राहकों की निगरानी, धनशोधन-रोधी नियंत्रण और ग्राहक-जांच प्रक्रियाओं के संदर्भ में अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए भी प्रासंगिक हैं।
न्यायाधीश ने FirstBank की अधिकार-क्षेत्र संबंधी आपत्तियां खारिज कीं
अमेरिकी जिला न्यायाधीश जेड एस. राकोफ ने FirstBank की यह दलील खारिज कर दी कि न्यूयॉर्क की अदालत को उस पर व्यक्तिगत अधिकार-क्षेत्र नहीं है और न्यूयॉर्क इस मुकदमे के लिए उचित स्थान नहीं है। उन्होंने संघीय Trafficking Victims Protection Act और New York City Gender-Motivated Violence Act के तहत कुछ दावों को आगे बढ़ने दिया।
राकोफ ने बैंक पर तस्करी कानूनों के प्रवर्तन में सक्रिय रूप से बाधा डालने के आरोप को खारिज किया। आदेश के मुताबिक, न्यूयॉर्क के एक अलग मामले में अपील के नतीजे के आधार पर इस हिस्से पर फिर विचार किया जा सकता है। अदालत जल्द ही अपने तर्कों की विस्तृत व्याख्या वाला आदेश जारी कर सकती है।
मोल्चोनोवा ने पहले अदालत में “Jane Doe” नाम से दस्तावेज दाखिल किए थे। जून में उन्होंने करीब 19.2 अरब डॉलर की परिसंपत्तियों वाले FirstBank Puerto Rico और First Bancorp के खिलाफ प्रस्तावित समूह की ओर से मुकदमा दायर किया। उनका आरोप है कि 2011 से 2019 के बीच उनके साथ 100 से अधिक बार यौन हमला हुआ। वह अनिर्दिष्ट प्रतिपूरक और दंडात्मक हर्जाने के साथ निषेधाज्ञा और घोषणात्मक राहत मांग रही हैं।
शिकायत में 20 साल से अधिक के बैंकिंग संबंधों का आरोप
शिकायत के अनुसार, FirstBank एपस्टीन के सबसे लंबे समय तक साथ रहे बैंकों में से एक था और उसके साथ संबंध 1998 से कम-से-कम 2020 तक बना रहा। आरोप है कि बैंक ने एपस्टीन, उसके सहयोगियों और उनसे जुड़ी होल्डिंग इकाइयों के 30 से अधिक कारोबारी, चालू और व्यक्तिगत खाते रखे। शिकायत में कहा गया है कि 2016 में FirstBank में एपस्टीन के खातों का संयुक्त औसत बैलेंस 53 लाख डॉलर से अधिक था।
मोल्चोनोवा का कहना है कि बैंक को लेन-देन शुल्क, जमा शेष और ग्राहकों के रेफरल से फायदा हुआ, जबकि उसकी वित्तीय सेवाओं ने तस्करी और शोषण को जारी रखने में मदद की। शिकायत में यह भी आरोप है कि FirstBank ने पर्याप्त ‘नो योर कस्टमर’ (KYC) जांच नहीं की और संभावित चेतावनी संकेतों पर ध्यान नहीं दिया। इनमें गोल रकम के वायर ट्रांसफर, संबंधित इकाइयों के बीच धन का आवागमन और बड़ी नकद निकासी शामिल हैं।
दस्तावेज में 1.09 करोड़ डॉलर के एक लेन-देन का जिक्र है। यह रकम पहले FirstBank में एपस्टीन की सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल के खाते में जमा हुई, फिर अगले दिन JPMorganChase में उनके खाते में भेजी गई और बाद में एपस्टीन के नियंत्रण वाले खातों में बांट दी गई। वादी का तर्क है कि यह व्यापक पैटर्न का हिस्सा था और इस पर बैंक की आंतरिक जांच होनी चाहिए थी।
शिकायत के मुताबिक, एपस्टीन से जुड़े आपराधिक मामले जैसे सार्वजनिक जोखिम सामने आने के बाद बैंक को निगरानी बढ़ानी चाहिए थी या बैंकिंग संबंध खत्म कर देना चाहिए था। इसमें यह आरोप भी है कि FirstBank ने संघीय अधिकारियों को संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट समय पर नहीं दी।
FirstBank का कहना है कि सेवाएं सामान्य बैंकिंग तक सीमित थीं
FirstBank और First Bancorp आरोपों से इनकार करते हैं। अगस्त में दोनों ने अदालत से मुकदमा खारिज करने की मांग की थी। FirstBank का कहना है कि उसने केवल सामान्य बैंकिंग सेवाएं दीं और उसे एपस्टीन के अपराधों की जानकारी नहीं थी; न ही उसने उनमें सक्रिय भूमिका निभाई।
बैंक का तर्क है कि वायर ट्रांसफर करना, खाते खोलना और सामान्य खाता शुल्क माफ करना यौन तस्करी में भागीदारी नहीं है। उसके वकीलों के मुताबिक, शिकायत में FirstBank के ऐसे किसी कर्मचारी की पहचान नहीं की गई जिसे पता था कि एपस्टीन लोगों की तस्करी कर रहा है या जिसका पीड़ितों से संपर्क था।
FirstBank ने शिकायत में कुछ नियामकीय प्रवर्तन कार्रवाइयों और सहमति आदेशों के संदर्भों पर भी आपत्ति जताई है। बैंक का कहना है कि बताए गए कदम हुए ही नहीं और इन दावों से शिकायत की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। अदालत में बैंक की ओर से दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, FirstBank ने 2019 में एपस्टीन की गिरफ्तारी के 11 दिन बाद संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट जमा की थी। वादी का कहना है कि रिपोर्ट तब भी देर से दाखिल हुई।
अदालत का मौजूदा आदेश केवल मुकदमे को जारी रखने की अनुमति देता है। इससे यह तय नहीं होता कि FirstBank ने तस्करी में मदद की, कानून तोड़ा या हर्जाना देना होगा। आरोपों के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्य, अदालत की विस्तृत राय और संभावित अपीलों से मामले की आगे की दिशा तय होगी।