न्यूयॉर्क शहर में अमेज़न पैकेज पहुंचाने वाले वाहनों को जुलाई 2020 से जून 2025 के बीच 14,000 से अधिक ट्रैफिक टिकट मिले। इनमें आपातकालीन वाहनों का रास्ता रोकना, अग्निशमन हाइड्रेंट के सामने वाहन खड़ा करना और स्कूल क्षेत्रों में तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना शामिल था। शहर के ट्रैफिक रिकॉर्ड पर आधारित यह आंकड़ा डिलीवरी वाहनों के सार्वजनिक सड़कों पर इस्तेमाल और उनसे जुड़ी जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है।
गैर-लाभकारी संस्था Alliance for a Greater New York की संकलित रिपोर्ट के अनुसार, ये वाहन न्यूयॉर्क के सभी पांच नगर क्षेत्रों में पंजीकृत थे और कुल 637 नंबर प्लेटों से जुड़े थे। इसी पांच साल की अवधि में अमेज़न की डिलीवरी गतिविधियों से संबंधित वाहनों के लंबे समय तक इंजन चालू रखे जाने की करीब 13,000 घटनाएं भी दर्ज की गईं। न्यूयॉर्क में निवासी लंबे समय तक खड़े रहकर इंजन चालू रखने वाले व्यावसायिक वाहनों की शिकायत कर सकते हैं; इसके बाद शहर के अधिकारी शिकायतों की जांच करते हैं।
अलग-अलग उल्लंघनों में 14,000 से अधिक टिकट
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेज़न का डिलीवरी मॉडल न्यूयॉर्क की सड़क-प्रबंधन व्यवस्था पर लगातार दबाव डालता है। डिलीवरी वाहनों को बार-बार रुकना, पैकेज लादना-उतारना और घनी आबादी वाले इलाकों में रास्ता बनाना पड़ता है। इस दौरान कुछ वाहनों पर अग्नि-सुरक्षा उपकरणों के सामने रुकने, आपातकालीन पहुंच बाधित करने या स्कूलों के पास गति सीमा पार करने के लिए कार्रवाई हुई।
उपलब्ध आंकड़े ट्रैफिक उल्लंघनों और लंबे समय तक इंजन चालू रखने की घटनाओं का रिकॉर्ड देते हैं। वे यह साबित नहीं करते कि हर मामले में दुर्घटना हुई या किसी व्यक्ति को चोट पहुंची।
न्यूयॉर्क शहर के उपभोक्ता और श्रमिक संरक्षण विभाग के आयुक्त सैमुअल ए.ए. लेविन ने कहा कि ये आंकड़े संकेत देते हैं कि डिलीवरी संचालन की मौजूदा व्यवस्था कुछ लागत और जोखिम स्थानीय समुदायों पर डाल सकती है। वह Delivery Protection Act का समर्थन करते हैं, जो फिलहाल न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल के विचाराधीन है। प्रस्ताव पारित होने पर अमेज़न जैसी कंपनियों को पैकेज पहुंचाने वाले कर्मचारियों को सीधे नियुक्त करना पड़ सकता है, बजाय इसके कि ड्राइवरों की व्यवस्था मुख्य रूप से तीसरे पक्ष की कंपनियों के जरिए हो।
ज्यादातर ड्राइवर तीसरे पक्ष के डिलीवरी साझेदारों के कर्मचारी
इन वाहनों को चलाने वाले कई ड्राइवर अमेज़न के सीधे कर्मचारी नहीं हैं। वे कंपनी के Delivery Service Partner (DSP) कार्यक्रम के तहत स्वतंत्र तीसरे पक्ष के कारोबारों के लिए काम करते हैं। ड्राइवर आम तौर पर अमेज़न के ब्रांड वाले कपड़े पहनते हैं और उन्हें कंपनी की ओर से की जाने वाली पृष्ठभूमि जांच से गुजरना पड़ता है।
इस व्यवस्था में जिम्मेदारी किसकी है, इस पर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों को लेकर ड्राइवरों की शिकायत पर अमेज़न उन्हें उस DSP के पास भेज सकता है जो उन्हें रोजगार देता है। अगर अमेज़न-ब्रांडेड वाहन दुर्घटना में शामिल हो, तो घायल पक्ष अमेज़न से मुआवजे की मांग कर सकता है; वहीं कंपनी यह कह सकती है कि जिम्मेदारी संबंधित DSP की है। किसी मामले का नतीजा घटना के तथ्यों, अनुबंध संबंध और लागू कानून पर निर्भर करेगा। रिपोर्ट अलग-अलग मामलों पर कोई न्यायिक निष्कर्ष नहीं देती।
अमेज़न ने प्रशिक्षण और वाहन सुरक्षा तकनीक का जिक्र किया
अमेज़न के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी सुरक्षित डिलीवरी को बढ़ावा देने के लिए DSP के साथ काम करती है। इसमें आमने-सामने ड्राइवर प्रशिक्षण और वाहनों में सुरक्षा तकनीक का इस्तेमाल शामिल है। कंपनी के मुताबिक, उसकी Last Mile Training Academy करीब 110,000 ड्राइवरों को प्रशिक्षण दे चुकी है। पाठ्यक्रमों में डिलीवरी वाहन सुरक्षित तरीके से चलाने की ट्रेनिंग भी शामिल है।
अमेज़न ने यह भी कहा कि ड्राइवरों से ट्रैफिक कानूनों का पालन सुनिश्चित करने और उल्लंघनों से जुड़ी लागत उठाने की जिम्मेदारी DSP की होती है। कंपनी पारंपरिक डिलीवरी वैन के विकल्प भी तलाश रही है, जिनमें इलेक्ट्रिक कार्गो बाइक और पैदल डिलीवरी शामिल हैं। इन तरीकों से शहर की कुछ सड़कों पर वाहनों का इस्तेमाल घट सकता है।
प्रस्ताव से रोजगार और जिम्मेदारी की व्यवस्था बदल सकती है
अमेज़न Delivery Protection Act का विरोध करता है। कंपनी ने इस साल अप्रैल में जमा किए गए बयान में अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। यदि कानून के तहत प्लेटफॉर्म को डिलीवरी कर्मचारियों को सीधे नियुक्त करना पड़ा, तो अमेज़न और उसके DSP के संबंध, ड्राइवरों की रोजगार स्थिति और ट्रैफिक उल्लंघनों या दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी का बंटवारा बदल सकता है।
फिलहाल शहर के सार्वजनिक आंकड़ों में ट्रैफिक टिकट, नंबर प्लेट और लंबे समय तक इंजन चालू रखने की शिकायतों का विवरण है। उनसे यह पता नहीं चलता कि अमेज़न पर सीधे कितनी वित्तीय लागत या परिचालन खर्च पड़ा। उपभोक्ताओं के लिए विवाद सिर्फ समय पर पैकेज पहुंचने का नहीं है; इसमें यह भी शामिल है कि डिलीवरी वाहन सार्वजनिक सड़कों का इस्तेमाल कैसे करते हैं और दुर्घटना या कार्यस्थल-सुरक्षा की समस्या होने पर जिम्मेदारी किसकी होती है।