माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के लिए वैश्विक सुरक्षा नियम बनाने की मांग की है। उनके प्रस्ताव में आपातकालीन शटडाउन व्यवस्था, AI से जुड़ी घटनाओं की अनिवार्य रिपोर्टिंग और कुछ उत्पादों को बाजार में उतारने से पहले स्वतंत्र समीक्षा शामिल है। स्मिथ का कहना है कि फिलहाल AI पर वॉशिंग मशीन और दूध जैसे रोजमर्रा के उत्पादों की तुलना में भी कम सुरक्षा आवश्यकताएं लागू हैं। इससे यह सवाल उठता है कि AI प्रणाली विफल होने पर कंपनियों की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए और प्रभावित उपयोगकर्ताओं को इसकी जानकारी कब दी जानी चाहिए।
स्मिथ ने घटना रिपोर्टिंग और आपातकालीन शटडाउन का प्रस्ताव रखा
एक साक्षात्कार में स्मिथ ने AI को एक साथ “उपकरण” और “हथियार” बताते हुए कहा कि इसके लिए नियमन की शुरुआत अब होनी चाहिए। उनका तर्क है कि यदि कोई AI प्रणाली खराब हो जाए या गंभीर समस्या पैदा करे, तो कंपनियों के पास उसे रोकने या उसकी गति कम करने की क्षमता होनी चाहिए। ऐसी व्यवस्था को आम तौर पर “किल स्विच” कहा जाता है।
स्मिथ ने AI से जुड़ी घटनाओं की कानूनी रूप से अनिवार्य रिपोर्टिंग का भी सुझाव दिया। उनके अनुसार, यदि कोई AI एजेंट किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाता है या कोई प्रणाली हैक होकर प्रभावित होती है, तो कंपनी को प्रभावित लोगों को इसकी सूचना देनी चाहिए। उन्होंने कुछ नए AI उत्पादों के बाजार में आने से पहले स्वतंत्र सरकारी मूल्यांकनकर्ताओं से उनकी समीक्षा कराने का प्रस्ताव भी रखा।
स्मिथ ने मौजूदा उत्पाद-सुरक्षा नियमों को संभावित मॉडल के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि आज AI की तुलना में वॉशिंग मशीनों पर अधिक सुरक्षा नियम लागू हैं। उनके मुताबिक, किराना दुकानों में बिकने वाले दूध के हर कार्टन को सुरक्षा नियमों का पालन करना और निरीक्षण से गुजरना पड़ता है।
AI नियमन पर अमेरिका और ब्रिटेन के रुख अलग
स्मिथ का रुख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उद्योग-स्वनियमन को प्राथमिकता देने वाली नीति से अलग है। ट्रंप का कहना है कि चीन के साथ प्रतिस्पर्धा के दौरान अमेरिकी कंपनियों को नियमों से बाधित नहीं किया जाना चाहिए। वह कई बार यह भी कह चुके हैं कि “जो AI जीतेगा, वह सब कुछ अपने नियंत्रण में ले लेगा।” स्मिथ के अनुसार, केवल स्वैच्छिक नियंत्रण पर्याप्त नहीं होंगे, खासकर तब जब कुछ कंपनियां जिम्मेदारी लेने से बचें।
AI विकास की गति और सुरक्षा उपायों की जरूरत को लेकर बहस तेज हुई है। अमेरिकी AI कंपनियों Anthropic, OpenAI और Google DeepMind के नेताओं ने विकास की गति धीमी करने से जुड़े प्रस्तावों का समर्थन किया है, जबकि ट्रंप इसका विरोध कर चुके हैं। स्मिथ ने चेतावनी दी कि यदि AI एजेंट मानव नियंत्रण से आगे निकलते हैं या वैश्विक साइबर सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने लायक शक्तिशाली हो जाते हैं, तो स्पष्ट नियम जरूरी होंगे।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय चर्चा को आगे बढ़ाने में ब्रिटेन की भूमिका हो सकती है और देश की AI सुरक्षा अनुसंधान क्षमता का उल्लेख किया। पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के कार्यकाल में स्थापित ब्रिटेन के AI Safety Institute का नाम अब AI Security Institute है। स्मिथ के अनुसार, प्रौद्योगिकी क्षेत्र में ब्रिटेन को इस विषय से जुड़ी तकनीकी क्षमताओं में अग्रणी माना जाता है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वॉशिंगटन ब्रिटेन की अगुवाई में बनाए गए नियमों को स्वीकार करेगा, स्मिथ ने कहा कि अमेरिकी राजनेता लंदन को ब्रसेल्स से अलग नजरिए से देखते हैं। उनके विचार में इससे ब्रिटेन द्वारा प्रस्तावित मानकों को अमेरिका के लिए स्वीकार करना आसान हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं कहा कि दोनों देशों के बीच किसी विशिष्ट नियामकीय ढांचे पर सहमति बन गई है।
व्हाइट हाउस की कंपनियों वाली स्वैच्छिक प्रतिज्ञा पर्याप्त नहीं
पिछले महीने के अंत में ट्रंप ने व्हाइट हाउस में OpenAI, Anthropic, Nvidia, SpaceX, Meta और Google के नेताओं से मुलाकात की। इन कंपनियों ने नैतिकता-आधारित एक स्वैच्छिक प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत वे “स्वतंत्र ऑडिटरों” के साथ काम कर यह जांचने पर सहमत हुईं कि AI प्रणालियां अपेक्षित तरीके से काम करती हैं और अनजाने में तकनीकी ढांचे तक पहुंच या उसमें हस्तक्षेप नहीं करतीं।
स्मिथ ने इस प्रतिज्ञा को “अच्छा और जरूरी कदम” बताया और कहा कि माइक्रोसॉफ्ट इस पर हस्ताक्षर करने को तैयार होगी। लेकिन उनका तर्क है कि स्वैच्छिक प्रतिबद्धताएं अब पर्याप्त नहीं हैं। जो कंपनियां पहले से अनुपालन को गंभीरता से लेती हैं, वे सुरक्षा उपाय अपना लेंगी; कठिन सवाल उन कंपनियों से निपटने का है जो खुद पर ऐसे नियंत्रण लागू नहीं करतीं।
इसलिए नीति बहस केवल AI मॉडल के मूल्यांकन तक सीमित नहीं है। इसमें यह भी शामिल है कि आकलन कौन करेगा, किसी घटना के बाद कंपनियों को क्या रिपोर्ट और सार्वजनिक करना होगा, तथा क्या नियम उन कंपनियों पर भी लागू किए जा सकेंगे जो स्वनियमन नहीं अपनातीं। वैश्विक AI सुरक्षा नियमों की स्मिथ की मांग फिलहाल एक प्रस्ताव है और इसके लिए ठोस व्यवस्थाएं अभी तय नहीं हुई हैं।