अमेरिकी शेयर बाजार की तेजी ने सोमवार, 12 अक्टूबर को चार साल पूरे किए। 12 अक्टूबर 2022 के बंद स्तर पर बने निचले स्तर से S&P 500 करीब 120% ऊपर है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े निवेश ने इस उछाल को सहारा दिया, लेकिन बढ़ती बॉन्ड यील्ड, महंगाई की चिंता और फेडरल रिजर्व का सख्त रुख अब पांचवें साल में तेजी की टिकाऊ क्षमता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
AI निवेश से S&P 500 को करीब 120% का सहारा
2022 के आखिर में ChatGPT लॉन्च होने के बाद निवेशकों का ध्यान AI आपूर्ति शृंखला पर तेजी से बढ़ा। डेटा सेंटर और AI ढांचे के लिए जरूरी उपकरण बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेज बढ़त ने पिछले चार वर्षों में बाजार को सहारा दिया है।
Nvidia इस तेजी का प्रमुख चेहरा बनकर उभरी है। पहले हाई-एंड गेमिंग ग्राफिक्स कार्ड के लिए पहचानी जाने वाली कंपनी का बाजार पूंजीकरण अब करीब 5.5 लाख करोड़ डॉलर है। Nvidia ने 2023 में पहली बार 1 लाख करोड़ डॉलर का आंकड़ा पार किया था। AI मांग से लाभ पाने वाली Micron Technology का बाजार पूंजीकरण भी मई 2026 में पहली बार 1 लाख करोड़ डॉलर पहुंचा।
पिछले सप्ताह S&P 500 पहली बार 7,800 के ऊपर गया और अब भी रिकॉर्ड स्तरों के करीब है। सूचकांक में प्रौद्योगिकी कंपनियों की हिस्सेदारी करीब 40% है, इसलिए बड़ी टेक कंपनियों का प्रदर्शन पूरे बाजार की दिशा पर खासा असर डालता है। इस संकेंद्रण के चलते यह सवाल अहम हो गया है कि क्या AI से जुड़ी कंपनियां कमाई की लगातार ऊंची होती उम्मीदें पूरी कर पाएंगी।
ऐतिहासिक आंकड़े 2027 की ओर इशारा करते हैं, तारीख तय नहीं
Oppenheimer के तकनीकी विश्लेषक Ari Wald के मुताबिक, 1932 के बाद दर्ज 24 तेजी के चक्रों में मौजूदा चक्र अवधि के लिहाज से छठा सबसे लंबा है। ऐतिहासिक तौर पर तेजी के मौजूदा चरण से बाजार के शिखर तक पहुंचने का मध्यकाल 13 महीने रहा है। यह पैटर्न दोहराया गया तो 2027 तेजी के अंतिम दौर का साल हो सकता है।
हालांकि, यह मध्यकाल बाजार के पलटने की तारीख का अनुमान नहीं है। Wald ने यह भी कहा कि तेजी के पांचवें वर्ष में औसत बढ़त 21% रही है, यानी लंबी तेजी के बाद भी आगे लाभ की गुंजाइश रह सकती है। चक्र की अवधि केवल एक संकेतक है; बाजार का प्रदर्शन कंपनियों की कमाई, ब्याज दरों और निवेशकों की भागीदारी पर भी निर्भर करेगा।
कम होती बाजार भागीदारी से स्मॉल-कैप पर नजर
तेजी कितनी व्यापक है, यह भी चिंता का विषय है। सितंबर में S&P 500 की 75% कंपनियों के शेयर गिरे। ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों को कुछ बड़ी कंपनियों की ओर मोड़ा है। नतीजतन, बाजार की बढ़त व्यापक भागीदारी के बजाय मेगा-कैप शेयरों पर अधिक निर्भर होती जा रही है।
स्मॉल-कैप शेयरों का प्रदर्शन खास तौर पर कमजोर रहा है। Wald ने कहा कि तेजी में आगे दम है या नहीं, इसे परखने के लिए वह Russell 2000 के 200-दिवसीय मूविंग एवरेज के परीक्षण पर नजर रख रहे हैं। बाजार की स्थितियां सुधरने तक वह स्मॉल-कैप शेयरों की तुलनात्मक कमजोरी को खरीदारी का अवसर नहीं, बल्कि चेतावनी संकेत मानते हैं।
तीसरी तिमाही की कमाई से उम्मीदें ऊंची
तीसरी तिमाही के नतीजे कुल मिलाकर मजबूत रहने की उम्मीद है, लेकिन कुछ निवेशकों को संदेह है कि कमाई में बढ़ोतरी शेयरों को और ऊपर ले जाने के लिए पर्याप्त होगी या नहीं। उम्मीदें पहले से ऊंची होने के कारण कंपनियां अनुमान से बेहतर नतीजे दे पाती हैं या नहीं, इससे उनके मूल्यांकन और आगे के संभावित रिटर्न को लेकर नजरिया प्रभावित होगा।
Deutsche Bank के रणनीतिकार Parag Thatte का कहना है कि टेक्नोलॉजी क्षेत्र में पूंजी का प्रवाह जरूरत से ज्यादा हो सकता है, जिससे इस क्षेत्र का जोखिम-लाभ संतुलन पहले के मुकाबले कम आकर्षक रह गया है। दूसरी ओर, कुछ निवेशकों का तर्क है कि पिछले चार वर्षों में बाजार की मजबूती को कंपनियों के बुनियादी प्रदर्शन और AI ढांचे में निवेश से जुड़ी कमाई का सहारा मिला है। चुनौती ऐसी कंपनियों की पहचान करने की है जो नतीजों में निराश किए बिना वृद्धि जारी रख सकें।
Trivariate Research के संस्थापक Adam Parker ने कहा कि बाजार से बेहतर प्रदर्शन चाहने वाले निवेशकों को ऐसी तेज वृद्धि वाली कंपनियों में निवेश करना होगा जो उम्मीदें पूरी कर सकें। वह अमेरिकी शेयर बाजार को लेकर अब भी सकारात्मक हैं। तेजी के पांचवें साल में निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि कंपनियां कमाई के वादे पूरे करती हैं या नहीं, बढ़त टेक शेयरों में कितनी केंद्रित रहती है और क्या इसमें अन्य कंपनियों की भी भागीदारी बढ़ती है।