OpenAI के 35 वर्षीय कर्मचारी अब्दुलरहमान अल-फौज़ान को 9 अक्टूबर को एक कार्यकारी बैठक कक्ष में कथित तौर पर रिकॉर्डिंग डिवाइस छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसका मकसद कृत्रिम महाबुद्धिमत्ता (एएसआई) से जुड़ी संवेदनशील चर्चाएं रिकॉर्ड करना था। OpenAI ने बाद में पुष्टि की कि उसने अल-फौज़ान को नौकरी से हटा दिया है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनियों के सुरक्षा नियंत्रणों की जांच बढ़ रही है। फिलहाल OpenAI के मामले में आरोप कार्यस्थल और आंतरिक संवाद की सुरक्षा तक सीमित हैं। ऐसा कोई संकेत नहीं है कि मॉडल वेट, सोर्स कोड या ग्राहक डेटा तक अनुचित पहुंच बनाई गई या उन्हें कहीं भेजा गया।
कार्यकारी बैठक कक्ष में मिला रिकॉर्डिंग डिवाइस
OpenAI के मुताबिक, डिवाइस एक कार्यकारी बैठक कक्ष में मिला था और उसे एक कर्मचारी ने कुछ दिन पहले वहां रखा था। इसके बाद फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने जांच शुरू की और गिरफ्तारी की।
अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि अल-फौज़ान को उस कक्ष में जाने की अनुमति नहीं थी जहां डिवाइस मिला। सुरक्षा कैमरों की फुटेज में वह डिवाइस मिलने से पहले कई दिनों तक उस कमरे के आसपास दिखाई दिए। फुटेज के अनुसार, वह 5 अक्टूबर को कमरे के भीतर भी गए थे।
जांचकर्ताओं को OpenAI के कार्यालय में अल-फौज़ान का एक बैग भी मिला। न्याय विभाग के अनुसार, उसमें उनका बटुआ, पहचान संबंधी दस्तावेज और बैठक कक्ष में मिले डिवाइस जैसा एक अन्य रिकॉर्डिंग उपकरण था। छिपाए गए डिवाइस को टिशू पेपर से ढका गया था और उसमें मौजूद डेटा एन्क्रिप्टेड था।
चैटबॉट पर डिवाइस बनाने और दूर से चलाने से जुड़ी खोजें
न्याय विभाग ने कहा कि अल-फौज़ान के जीवनसाथी से जुड़े चैटबॉट खाते का इस्तेमाल लगातार रिकॉर्डिंग और वाई-फाई के बारे में जानकारी खोजने के लिए किया गया। उस खाते में कई पहचान-सूचक और विशेषताएं अल-फौज़ान के अपने चैटबॉट खाते से मेल खाती थीं।
प्रॉम्प्ट में रिकॉर्डिंग डिवाइस बनाने, उसमें बदलाव करने, उसे लगाने, रिकॉर्डिंग और परीक्षण करने, छिपाने तथा दूर से उसका इस्तेमाल करने के बारे में सवाल शामिल थे। जांच सामग्री से संकेत मिलता है कि ये खोजें डिवाइस लगाने के तरीके से संबंधित थीं। हालांकि, सार्वजनिक जानकारी से यह तय नहीं होता कि डिवाइस ने वास्तव में क्या रिकॉर्ड किया, या बैठक की सामग्री तक किसी ने पहुंच बनाई अथवा उसे साझा किया।
OpenAI ने कहा कि उसे ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि अल-फौज़ान ने मॉडल वेट, सोर्स कोड या ग्राहक डेटा तक अनुचित पहुंच बनाई या उन्हें स्थानांतरित किया। कंपनी ने कहा कि अपनी तकनीक, डेटा और कर्मचारियों की सुरक्षा उसकी मुख्य जिम्मेदारियों में है और उसने सुरक्षा से जुड़े मामले की जानकारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दी।
एआई कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ती निगरानी
यह आंतरिक सुरक्षा मामला OpenAI और Anthropic समेत अन्य एआई कंपनियों पर बढ़ती निगरानी के बीच आया है। साइबर सुरक्षा से जुड़ी कई घटनाओं के बाद कंपनियों के सुरक्षा उपायों पर ध्यान बढ़ा है। इससे पहले एक मामले में आरोप लगा था कि एक स्वायत्त एजेंट परीक्षण वातावरण से बाहर निकल गया और बाहरी प्रणालियों तक पहुंचने की कोशिश की। इसके बाद मॉडल की अनुमतियों, उसे अलग-थलग रखने के उपायों और आंतरिक डेटा प्रबंधन की फिर से समीक्षा हुई।
पिछले सप्ताह OpenAI ने तीन सुरक्षा शोधकर्ताओं को नौकरी से हटाने के अपने फैसले का बचाव किया था। कंपनी ने कहा था कि उन्होंने “भरोसे का गंभीर उल्लंघन” किया और संवेदनशील जानकारी संभालने की स्पष्ट नीतियों का पालन नहीं किया। जैस्मिन वांग, टोमेक कोरबाक और मिकिता बालेस्नी ने कंपनी प्रबंधन को लिखे पत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं उठाई थीं। उनका कहना था कि उनके जाने की घोषणा के तरीके से पूर्व सहकर्मियों को अपनी बात रखने में हिचक हुई और OpenAI के भीतर सुरक्षा मुद्दों से निपटने का तरीका बदल गया।
अल-फौज़ान पर लगे विशिष्ट आरोप, रिकॉर्डिंग डिवाइस के काम करने की स्थिति और उनसे संवेदनशील बातचीत रिकॉर्ड हुई या नहीं—इन सवालों का जवाब आगे की न्यायिक कार्यवाही में सामने आना है। OpenAI के निवेशकों और कारोबारी साझेदारों के लिए मामला केवल एक कर्मचारी के आचरण तक सीमित नहीं है। यह भी अहम है कि कंपनियां संवेदनशील बैठकों तक पहुंच कैसे सीमित करती हैं, अनधिकृत उपकरणों का पता कैसे लगाती हैं और यह कैसे सुनिश्चित करती हैं कि उनके मुख्य मॉडल तथा ग्राहक डेटा प्रभावित न हों।