इन्फ्लेशन से जुड़े सॉफ्टवेयर बग का पता चलने के बाद Zano ब्लॉकचेन को रोलबैक किया गया है। इस प्रक्रिया में ऑन-चेन इतिहास का पूरा एक दिन हट गया। घटना का असर केवल प्रोटोकॉल कोड तक सीमित नहीं है; इससे टोकन सप्लाई रिकॉर्ड, लेनदेन की निरंतरता और सेटलमेंट व सत्यापन के लिए ब्लॉकचेन डेटा पर निर्भर प्रणालियों को लेकर भी सवाल उठे हैं।
इन्फ्लेशन बग के बाद Zano नेटवर्क का रोलबैक
रोलबैक की वजह Zano के इन्फ्लेशन मैकेनिज्म से जुड़ी एक सॉफ्टवेयर कमजोरी बनी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस बग के कारण परियोजना को ब्लॉकचेन के इतिहास में बदलाव करना पड़ा। नेटवर्क ने किसी एक लेनदेन या सीमित संख्या में ब्लॉक को सुधारने के बजाय अंततः पूरे एक दिन के रिकॉर्ड हटा दिए।
ब्लॉकचेन लेजर आम तौर पर कालानुक्रमिक क्रम में नए ब्लॉक जोड़कर आगे बढ़ते हैं। इतिहास के किसी पूरे हिस्से को हटाने के लिए नोड्स को नए चेन स्टेट को अपनाना पड़ता है। इसके बाद संबंधित सॉफ्टवेयर, ब्लॉक एक्सप्लोरर, वॉलेट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को संशोधित रिकॉर्ड के साथ दोबारा सिंक्रोनाइज़ करना पड़ता है। हटाए गए समयखंड में हुए लेनदेन की स्थिति अब रोलबैक के बाद बनी चेन के आधार पर जांची जानी होगी।
Zano टोकन सप्लाई की गणना पर निगरानी
नेटवर्क-स्तरीय कार्रवाई की जरूरत इस संभावना से जुड़ी है कि इन्फ्लेशन बग ने Zano टोकन के जारी होने या कुल सप्लाई की गणना को प्रभावित किया हो। कुल सप्लाई, ब्लॉक रिवॉर्ड और उनसे जुड़े इश्यूअन्स नियम एक्सचेंजों, वॉलेट प्रदाताओं और बाजार प्रतिभागियों के लिए एसेट बैलेंस की जांच के प्रमुख आधार हैं। यदि सॉफ्टवेयर का आउटपुट प्रोटोकॉल में तय नियमों से अलग हो जाए, तो केवल फ्रंट-एंड पर दिखने वाला आंकड़ा बदलना या अलग-अलग खातों का बैलेंस समायोजित करना मूल समस्या का समाधान नहीं करेगा।
अब तक पुष्टि की गई कार्रवाई यह है कि Zano ने घटना से निपटने के लिए एक दिन का इतिहास हटा दिया है। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कमजोरी ने इश्यूअन्स कैलकुलेशन, ब्लॉक रिवॉर्ड या इन्फ्लेशन लॉजिक के किसी अन्य हिस्से को प्रभावित किया। प्रभावित टोकनों की कुल संख्या, संबंधित ब्लॉक रेंज या प्रभावित पतों का पूरा विवरण भी उपलब्ध नहीं है। यही जानकारी तय करेगी कि बाहरी सेवाएं और उपयोगकर्ता सुधार से पहले और बाद के बैलेंस तथा लेनदेन की स्थिति का मिलान कैसे करेंगे।
नोड्स और ऑन-चेन सेवाओं को रिकॉर्ड मिलाना होगा
ब्लॉकचेन रोलबैक में आम तौर पर नोड ऑपरेटरों को अपना सॉफ्टवेयर अपग्रेड करना, नए चेन स्टेट पर स्विच करना और ब्लॉक डेटा को दोबारा वैलिडेट करना पड़ता है। एक्सचेंज, वॉलेट प्रदाता, ब्लॉक एक्सप्लोरर और Zano डेटा पर निर्भर अन्य सेवाओं को भी जांचना होगा कि उनके आंतरिक रिकॉर्ड संशोधित मेन चेन से मेल खाते हैं या नहीं। चेन के स्थिर होने तक डिपॉजिट, निकासी और लेनदेन पुष्टि की प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत पड़ सकती है। उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि किसी विशेष प्लेटफॉर्म ने इन सेवाओं को रोक दिया है या नहीं।
उपयोगकर्ताओं के लिए तत्काल सवाल यह है कि हटाए गए समयखंड में किए गए लेनदेन नई चेन पर मान्य माने जाएंगे या नहीं। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि अकाउंट बैलेंस और टोकन सप्लाई से जुड़े आंकड़ों की दोबारा गणना कैसे होगी। डेवलपर्स और नोड ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी नोड्स उस संस्करण पर चल रहे हों जिसमें सुधार शामिल है। इससे अलग-अलग नोड्स के बीच इतिहास के परस्पर विरोधी संस्करण बने रहने का जोखिम कम किया जा सकेगा।
Zano मामला लेजर की निरंतरता की सीमा दिखाता है
Zano की घटना बताती है कि सॉफ्टवेयर कमजोरी सामने आने पर प्रोटोकॉल-स्तर का रोलबैक ब्लॉकचेन की सामान्य अपरिवर्तनीयता को चुनौती दे सकता है। एक दिन का इतिहास हटाना किसी वेबपेज से डेटा मिटाने जैसा साधारण बदलाव नहीं है। इसके लिए नेटवर्क प्रतिभागियों को वैध माने जाने वाले चेन रिकॉर्ड का अलग सेट अपनाना पड़ता है। व्यावहारिक असर सुधार की सीमा, नोड अपग्रेड की गति और एक्सचेंजों व अन्य सेवा प्रदाताओं की नेटवर्क के साथ तालमेल से सिस्टम अपडेट करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
Zano ने 25 सितंबर 2026 को इस घटना का खुलासा किया। फिलहाल सार्वजनिक रूप से पुष्टि किए गए तथ्यों में इन्फ्लेशन बग, नेटवर्क रोलबैक और एक दिन के ऐतिहासिक रिकॉर्ड का हटाया जाना शामिल है। कमजोरी का तकनीकी कारण, प्रभावित एसेट का पैमाना, इस्तेमाल किया गया विशिष्ट फिक्स संस्करण और बाहरी सेवाओं के संचालन से जुड़ी पूरी प्रक्रिया अभी सामने नहीं आई है। अंतिम बैलेंस और लेनदेन स्थिति की पुष्टि के लिए उपयोगकर्ताओं तथा नोड ऑपरेटरों को परियोजना की आगे की तकनीकी जानकारी और ऑन-चेन डेटा से किए जाने वाले मिलान पर निर्भर रहना होगा।