25 सितंबर को अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में बिकवाली तेज हुई और दीर्घकालिक यील्ड 2004 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। बॉन्ड कीमतों और यील्ड का आम तौर पर विपरीत संबंध होता है। इसलिए इस बिकवाली से संकेत मिलता है कि निवेशक लंबी अवधि के अमेरिकी सरकारी ऋण को रखने के लिए अधिक रिटर्न की मांग कर रहे हैं। इससे अमेरिकी सरकार की दीर्घकालिक वित्तपोषण लागत बढ़ने का संकेत भी मिलता है।
दीर्घकालिक यील्ड 20 साल से अधिक के उच्चतम स्तर पर
बाजार में यह बदलाव लंबी अवधि वाले सरकारी बॉन्ड में अधिक स्पष्ट रहा। यील्ड बढ़ने पर पहले से जारी बॉन्ड का बाजार मूल्य घटता है और वित्तीय व्यवस्था में दीर्घकालिक पूंजी की बेंचमार्क लागत भी ऊपर जाती है। अमेरिकी ट्रेजरी वैश्विक फिक्स्ड-इनकम बाजारों के लिए प्रमुख संदर्भ दर है, इसलिए दीर्घकालिक यील्ड में बदलाव का असर कॉरपोरेट बॉन्ड, मॉर्गेज दरों और डॉलर में मूल्यांकित अन्य परिसंपत्तियों तक पहुंच सकता है।
25 सितंबर तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्य घटनाक्रम यह था कि अमेरिकी ट्रेजरी की दीर्घकालिक यील्ड 2004 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। हालांकि, उपलब्ध विवरण में संबंधित बॉन्ड की परिपक्वता अवधि, दिन के भीतर हुई बढ़त या बंद स्तर का उल्लेख नहीं था। इसलिए यह आकलन करने के लिए कि यील्ड कर्व का कौन-सा हिस्सा सबसे अधिक प्रभावित हुआ, निवेशकों को अलग-अलग परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड के प्रदर्शन की तुलना करनी होगी।
बढ़ती यील्ड से बॉन्ड मूल्य और नई उधारी पर दबाव
बॉन्ड धारकों के लिए बढ़ती यील्ड पहले से जारी प्रतिभूतियों की कीमतों पर दबाव डालती है। सरकारों, कंपनियों और परिवारों के लिए दीर्घकालिक बेंचमार्क दर बढ़ने का मतलब नई उधारी की लागत में वृद्धि हो सकता है। बाजार प्रतिभागी यह भी देखेंगे कि यह बदलाव आगे कायम रहता है या नहीं और क्या अल्पकालिक तथा दीर्घकालिक यील्ड के बीच का अंतर बढ़ता है।
2004 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंची दीर्घकालिक ट्रेजरी यील्ड का असर शेयरों, रियल एस्टेट और अन्य जोखिम वाली परिसंपत्तियों के मूल्यांकन पर भी पड़ सकता है। जोखिम-मुक्त दर बढ़ने से निवेशक भविष्य के नकदी प्रवाह का मूल्यांकन अलग तरीके से कर सकते हैं और परिसंपत्ति कीमतों तथा वित्तपोषण की स्थितियों पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस बदलाव का कोई विशिष्ट कारण, फेडरल रिजर्व की कोई नीतिगत घोषणा या अन्य बाजारों में समानांतर उतार-चढ़ाव की पुष्टि नहीं की गई है। व्यापक असर का आकलन आगे के कारोबार और यील्ड के आंकड़ों पर निर्भर करेगा।