डीपसीक के नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल के जारी होने के बाद सोमवार को दक्षिण कोरियाई शेयरों में गिरावट बढ़ गई। निवेशकों ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में इस्तेमाल होने वाली चिपों की संभावित मांग का फिर से आकलन किया। एआई परियोजनाओं को आगे भी पर्याप्त फंडिंग मिल पाएगी या नहीं, इस चिंता ने बाजार धारणा पर अतिरिक्त दबाव डाला। सेमीकंडक्टर शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही और कोस्पी (KOSPI) कारोबार के दौरान 3.2% तक गिर गया।
सैमसंग और एसके हाइनिक्स में 4% से अधिक गिरावट
सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स, दोनों के शेयर एक समय 4% से अधिक नीचे चले गए, हालांकि बाद में उन्होंने कुछ नुकसान की भरपाई की। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से दक्षिण कोरिया की दो सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव का कोस्पी के प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ता है।
निवेशकों का ध्यान इस बात पर है कि डीपसीक का नया मॉडल चिप मांग को लेकर उम्मीदों को किस तरह बदल सकता है। यदि एआई मॉडल कम हार्डवेयर संसाधनों या अधिक दक्षता के साथ समान परिणाम दे सकते हैं, तो डेटा सेंटर और अन्य ग्राहक मेमोरी चिपों की अपनी अनुमानित खरीद घटा सकते हैं। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई विशिष्ट प्रमाण सामने नहीं आया है कि दक्षिण कोरियाई चिप निर्माताओं के ऑर्डर या आय में बदलाव हुआ है। दबाव फिलहाल वास्तविक मांग में बदलाव के बजाय भविष्य की संभावित मांग के पुनर्मूल्यांकन के रूप में दिखाई दे रहा है।
जापानी चिप-उपकरण कंपनियों पर भी दबाव
एशिया के अन्य बाजारों में भी प्रौद्योगिकी शेयरों में गिरावट आई। जापान का टेक्नोलॉजी-केंद्रित निक्केई 225 करीब 2% नीचे रहा, जबकि चिप-उपकरण निर्माता एडवांटेस्ट सबसे अधिक प्रभावित शेयरों में शामिल था। दक्षिण कोरिया और जापान, दोनों बाजारों में एक साथ कमजोरी से संकेत मिलता है कि निवेशक एआई सप्लाई चेन के कुछ हिस्सों में अपना जोखिम घटा रहे हैं।
बिकवाली की वजह केवल एक मॉडल नहीं है। डीपसीक के मॉडल के बाद मेमोरी चिपों की मांग पर उठे सवालों के साथ-साथ एआई परियोजनाओं के लिए लगातार और बड़े निवेश की जरूरत भी बाजार के केंद्र में आ गई है। कंपनियां कितनी आसानी से वित्त जुटा सकती हैं और उनकी पूंजीगत व्यय योजनाएं कैसी हैं, यह भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
जैसे-जैसे निवेशक यह परख रहे हैं कि एआई में निवेश मौजूदा गति से जारी रह सकता है या नहीं, चिप निर्माता, उपकरण आपूर्तिकर्ता और अन्य टेक्नोलॉजी कंपनियों के मूल्यांकन पर दबाव बना हुआ है। चिंता केवल उत्पाद मांग तक सीमित नहीं है; एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण और संचालन के लिए जरूरी फंडिंग भी इसका हिस्सा है।
मांग और फंडिंग पर निवेशकों की नजर
दक्षिण कोरिया के शेयर सूचकांकों और निर्यात उम्मीदों में सेमीकंडक्टर कंपनियों का बड़ा योगदान है। इसलिए चिप शेयरों में गिरावट व्यापक बाजार की अस्थिरता को बढ़ा सकती है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स के इंट्राडे नुकसान में कमी से पता चलता है कि कुछ बिकवाली का दबाव कम हुआ, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि एआई मांग को लेकर चिंताएं समाप्त हो गई हैं।
निवेशक वास्तविक चिप ऑर्डर, मेमोरी उत्पादों की मांग और एआई से जुड़े पूंजीगत व्यय में किसी भी बदलाव पर नजर रखेंगे। इन संकेतकों के स्पष्ट होने तक डीपसीक मॉडल की दक्षता और एआई परियोजनाओं के लिए उपलब्ध फंडिंग की स्थिति पर बहस दक्षिण कोरियाई और जापानी टेक्नोलॉजी शेयरों में कारोबार को प्रभावित कर सकती है।