अमेरिका में ओवरडोज़ से होने वाली मौतें घटने के बावजूद ओपिओइड संकट जारी है। 2022 में ऐसी मौतों की संख्या करीब 1,10,000 तक पहुंची थी, जो पिछले साल घटकर लगभग 70,000 रही। लेकिन अवैध प्रयोगशालाओं में बने उत्तेजक पदार्थों, पशुओं को शांत करने वाली दवाओं और अन्य रसायनों के साथ फेंटानिल की मिलावट बढ़ रही है। इससे नशीले पदार्थों की आपूर्ति और ओवरडोज़ के लक्षण—दोनों बदल रहे हैं।
ओहायो के कोलंबस स्थित लिंडेन इलाके में 48 वर्षीय पूर्व सैनिक माइक अब भी फेंटानिल का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें 20 साल से ओपिओइड लेने की आदत है और वे गिरवी की दुकानों तथा पेट्रोल पंपों पर अस्थायी काम करके गुजारा करते हैं। माइक के मुताबिक, थोड़ी-सी मात्रा की कीमत करीब 3 से 4 डॉलर होती है। लेकिन ओवरडोज़ का असर सांस के जरिए शरीर में पहुंच जाए तो उसे वापस नहीं लिया जा सकता—यह उनके शब्दों में, “छूटी हुई गोली” जैसा है।
फेंटानिल पूरी तरह सिंथेटिक है और इसे हेरोइन से 50 से 100 गुना अधिक शक्तिशाली माना जाता है। अब सड़क पर मिलने वाले नमूनों में अक्सर दूसरे सिंथेटिक शामक भी पाए जाते हैं। इससे लोगों को होश में लाना मुश्किल होता है और आपातकालीन इलाज का असर कम अनुमानित रह जाता है।
नालोक्सोन हर दवा का असर नहीं पलटता
अमेरिका में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला नाक से दिया जाने वाला नालोक्सोन ओपिओइड ओवरडोज़ का असर तेजी से पलट सकता है और इसने कई जानें बचाई हैं। लेकिन माइक ने जो पदार्थ लिया था, उसमें फेंटानिल के अलावा अन्य चीजें भी हो सकती थीं। उनकी पुतलियां असामान्य रूप से सिकुड़ी हुई थीं। बाद में उन्होंने कहा कि उसमें जाइलाज़ीन और एक अन्य कठिन नाम वाला पदार्थ—मेडेटोमिडीन—हो सकता है।
जाइलाज़ीन और मेडेटोमिडीन, दोनों पशुओं को शांत करने के लिए इस्तेमाल होने वाले सिंथेटिक शामक हैं। ये फेंटानिल का असर लंबा कर सकते हैं और सांस को दबा सकते हैं, लेकिन नालोक्सोन सीधे तौर पर इनका असर नहीं रोकता। जाइलाज़ीन से त्वचा पर ऊतक नष्ट करने वाले घाव भी हो सकते हैं। गंभीर मामलों में घाव हड्डी तक पहुंच जाते हैं और लंबे इलाज की जरूरत पड़ती है।
कोलंबस के ग्लेनवुड चर्च में Hope Dealer Community का पुनर्वास समूह हर सप्ताह बैठक करता है। सदस्य ओवरडोज़, नशा छोड़ने के दौरान होने वाले लक्षणों और अपने परिजनों को खोने के अनुभव साझा करते हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि जुलाई 2022 में उसे ओवरडोज़ हुआ था। आपातकालीन कर्मियों ने तीन बार नालोक्सोन दिया, लेकिन वह होश में नहीं आया; चौथे प्रयास में उसकी जान बची।
समूह की एक अन्य सदस्य टोन्या ने अपने भतीजे की ओवरडोज़ से हुई मौत के बारे में बताया। उसी दौरान, फेंटानिल से दूषित कोकीन लेने के बाद उन्हें भी ओवरडोज़ हुआ था। उनका कहना था कि बच जाना तय नहीं था।
उत्तेजक पदार्थ लेने वालों तक भी पहुंच रहा फेंटानिल
Hope Dealer Community के प्रमुख स्कॉट सैंडर्स के मुताबिक, कोलंबस वाले फ्रैंकलिन काउंटी में पिछले 12 महीनों के दौरान 78% घातक ओवरडोज़ में उत्तेजक पदार्थ शामिल थे। कुछ लोग मानते हैं कि वे कोकीन या कोई अन्य उत्तेजक खरीद रहे हैं, जबकि उत्पाद में फेंटानिल या दूसरे ओपिओइड मिले होते हैं। ऐसे में उन्हें पता भी नहीं चलता कि वे ओवरडोज़ के जोखिम में हैं।
यह समूह अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) के साथ मिलकर नशीले पदार्थों के नमूने जुटाता है। लोग अपनी सुई या पाइप से स्वैब लेकर दे सकते हैं; नमूने जांच के लिए नॉर्थ कैरोलाइना की एक प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। माइक के दिए नमूनों में से एक में मेडेटोमिडीन मिला, जिससे उनके संदेह को समर्थन मिला।
सैंडर्स ने कहा कि 2026 में सड़क पर मिलने वाले पदार्थों का मामला अब पारंपरिक मिलावट तक सीमित नहीं है। फेंटानिल, मेथामफेटामाइन और अवैध ठिकानों पर बने अन्य रसायनों को सीधे मिलाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ओहायो में अश्वेत पुरुषों के बीच ओवरडोज़ से होने वाली मौतें अब भी बढ़ रही हैं।
शिकागो की जेल में नशीले पदार्थों से भीगे कागज
सिंथेटिक नशीले पदार्थों में बदलाव जेलों तक भी पहुंचा है। शिकागो की कुक काउंटी जेल में आम तौर पर हर साल एक या दो ओवरडोज़ से मौतें होती हैं, लेकिन 2023 में आठ हिरासत में लिए गए लोगों की मौत जानलेवा दौरे पड़ने के बाद हुई।
कुक काउंटी के शेरिफ टॉम डार्ट ने बताया कि निगरानी कैमरों में कुछ बंदियों को जेल की कोठरियों में बने रसोईघर के माइक्रोवेव में कागज जलाते देखा गया। जांचकर्ताओं को पता चला कि किताबों के पन्नों और चिट्ठियों को नशीले पदार्थों में भिगोया जाता था और कागज जलने पर उठने वाला धुआं सांस के जरिए लिया जाता था। इनमें K2 नाम का पूरी तरह सिंथेटिक कैनाबिनॉइड उत्पाद भी था, जिसका उस साल हुई जानलेवा दौरों की घटनाओं से संबंध पाया गया।
इसके बाद जेल ने डाक की जांच कड़ी कर दी। अब परिसर में आने वाले सभी पैकेज और चिट्ठियों में नमी की जांच होती है। करीब पांचवें से चौथाई हिस्से तक डाक में असामान्य नमी मिलती है और उसे अस्वीकार कर दिया जाता है। कोठरियों की तलाशी के दौरान अधिकारी किताबों, चिट्ठियों और हवा निकलने के छेदों के पास जले हुए निशान भी देखते हैं।
अवैध उत्पादन से आपूर्ति के रास्तों का पता लगाना कठिन
शिकागो में मैक्सिकन नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक समूह के लिए काम करने वाले वितरक ने कहा कि कुछ तस्करी समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित करने और फेंटानिल को सामूहिक विनाश के हथियार के रूप में बताने के बावजूद, मेक्सिको से आपूर्ति जारी है। उनके अनुसार, सीमा पार माल भेजना मुश्किल होने पर खेप भूमिगत या दूसरे रास्तों से भेजी जा सकती है, जिससे आपूर्ति शृंखला अपना तरीका बदल लेती है।
वितरक ने कहा कि मुख्य बदलाव सिंथेटिक नशीले पदार्थों के पैमाने और उनकी विविधता में है। उन्होंने माना कि इस कारोबार से कई मौतें हुई हैं, लेकिन फिर भी इसमें शामिल हैं और अपने काम को सही ठहराते हैं।
20 साल से शेरिफ के पद पर काम कर रहे डार्ट ने कहा कि पहले कानून प्रवर्तन का ध्यान मुख्य रूप से सीमा पार तस्करी और कोलंबिया, मेक्सिको, चीन तथा अफगानिस्तान जैसे पारंपरिक स्रोतों पर था। सिंथेटिक पदार्थों के फैलने से अब घरों, बेसमेंट और यहां तक कि बाथरूम में भी उत्पादन हो सकता है। ऐसे में केवल आपूर्ति शृंखला के रास्ते रोककर हर स्तर पर कार्रवाई करना संभव नहीं है।
डार्ट के मुताबिक, मांग घटाने के लिए नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को इलाज और पुनर्वास कार्यक्रमों तक व्यापक पहुंच देना भी जरूरी है। कुक काउंटी जेल कई पुनर्वास पहल चलाती है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले ओवरडोज़ और मौतों को कम करने के लिए लोगों की लंबे समय से चली आ रही लत की समस्या पर ध्यान देना होगा।
शिकागो के एक उपनगर में पुनर्वास कार्यकर्ता करेन बेल ने पैर पर गंभीर घाव वाले एक व्यक्ति की मदद की। बेल पहले हेरोइन लेती थीं और पिछले 17 वर्षों से हार्ड ड्रग्स से दूर हैं। उन्होंने कहा कि अब लोग यह भरोसे से नहीं जान सकते कि खरीदे गए पैकेट में क्या है। इन मिश्रणों से होने वाले घाव, नशा छोड़ने के लक्षण और अन्य असर भी अधिक जटिल हो गए हैं।
पुनर्वास संगठन फेंटानिल, मेडेटोमिडीन और जाइलाज़ीन की पहचान के लिए टेस्ट स्ट्रिप बांट रहे हैं। आपातकालीन कर्मियों, पुनर्वास सेवाओं और नशीले पदार्थ लेने वालों के सामने सबसे तात्कालिक समस्या सामग्री को लेकर यही अनिश्चितता है: नालोक्सोन ओपिओइड ओवरडोज़ का असर पलट सकता है, लेकिन सिंथेटिक शामकों के सभी प्रभावों का अकेले इलाज नहीं कर सकता।