अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट बैंकॉक में होने वाली अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की वार्षिक बैठक में शामिल नहीं होंगे। इससे एक प्रमुख बहुपक्षीय आर्थिक बैठक में अमेरिका के शीर्ष ट्रेजरी अधिकारी की अनुपस्थिति तय हो गई है और वैश्विक आर्थिक तथा वित्तीय मुद्दों पर वॉशिंगटन अन्य सदस्य देशों के साथ किस स्तर पर संवाद करेगा, इस पर ध्यान केंद्रित हो गया है।
बेसेंट की अनुपस्थिति से नीति संवाद पर अनिश्चितता
आईएमएफ की वार्षिक बैठक में वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि वैश्विक अर्थव्यवस्था तथा नीतिगत समन्वय पर चर्चा करते हैं। बेसेंट के बैठक में शामिल न होने का कोई कारण नहीं बताया गया है। अमेरिकी ट्रेजरी ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि अमेरिका की ओर से कौन प्रतिनिधित्व करेगा या वॉशिंगटन किसी अन्य माध्यम से बैठक में भाग लेगा।
निवेशकों और वित्तीय संस्थानों के लिए इस तरह की उच्चस्तरीय बैठकें सरकारों के आर्थिक नीति रुख को समझने का महत्वपूर्ण अवसर होती हैं। ट्रेजरी सचिव की मौजूदगी से अन्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को अमेरिकी नीति प्राथमिकताओं पर वॉशिंगटन से सीधे जानकारी प्राप्त करने का अवसर भी मिलता है।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की संरचना पर जानकारी नहीं
बेसेंट के शामिल न होने के निर्णय के बाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल होगा, इसकी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस बदलाव का अमेरिका, आईएमएफ और अन्य सदस्य देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठकों पर कोई असर पड़ेगा या नहीं।
बैठक में अमेरिकी भागीदारी का प्रारूप, एजेंडे से जुड़े अतिरिक्त विवरण या बेसेंट के किसी अन्य मंच पर नीतिगत बयान देने की संभावना के बारे में भी जानकारी नहीं दी गई है। केवल उनकी अनुपस्थिति से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आईएमएफ से जुड़े मामलों या व्यापक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नीति पर अमेरिका अपना रुख बदल रहा है। अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि ट्रेजरी अमेरिकी प्रतिनिधित्व की व्यवस्था कैसे करता है और बैंकॉक बैठक के दौरान अमेरिकी अधिकारी वैश्विक आर्थिक तथा वित्तीय नीति पर क्या बयान देते हैं।