Anthropic ने 2030 के लिए AI पर आधारित तीन आर्थिक संभावनाएँ पेश कीं
कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान कंपनी Anthropic ने एक नई आर्थिक मॉडल जारी की है जो 2030 तक AI के अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव को दर्शाती है। "Economic Scenarios of Transformative AI" नामक इस रिपोर्ट में GDP, रोजगार और मजदूरी के संदर्भ में तीन अलग-अलग परिदृश्य दिए गए हैं, जिनमें सबसे तीव्र वृद्धि वाले मॉडल में ज्ञान कर्मचारियों की मजदूरी में उल्लेखनीय गिरावट देखी जाती है।
तीन आर्थिक परिदृश्यों का विस्तार
Anthropic के मॉडल में तीन प्रमुख परिदृश्य हैं:
मध्यम वृद्धि का परिदृश्य: AI के कारण GDP में लगभग 1.6% की मामूली वृद्धि, जिससे कुल GDP $34.1 ट्रिलियन तक पहुँचता है। यह इंटरनेट की शुरुआत से हुए आर्थिक प्रभाव के समान है।
महत्वपूर्ण वृद्धि का परिदृश्य: इस मध्यवर्ती स्थिति में 2030 तक AI आधे ज्ञान कार्यों को संभाल लेता है, जिससे GDP $36.3 ट्रिलियन तक बढ़ता है। यहाँ बेरोजगारी लगभग 5% रहती है और ज्ञान कर्मचारियों की मजदूरी स्थिर बनी रहती है।
अत्यधिक वृद्धि का परिदृश्य: AI की तीव्र प्रगति, जो स्वयं को सुधारने में सक्षम है, इस स्थिति में प्रति वर्ष GDP 15% तक बढ़ता है और कुल आर्थिक आकार $44.4 ट्रिलियन हो जाता है। हालांकि, बेरोजगारी रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच जाती है और ज्ञान कर्मचारियों की मजदूरी 10% से अधिक गिरती है।
इन परिदृश्यों में श्रम आय का हिस्सा मध्यम स्थिति में 56.1% तक सीमित रहता है, जबकि तीव्र वृद्धि की स्थिति में यह केवल 45.2% रह जाता है। यह आर्थिक असमानता की संभावना को दर्शाता है क्योंकि AI की प्रगति के साथ धनी और गरीब के बीच अंतर बढ़ सकता है।
शोधकर्ता का इस्तीफा और उद्योग में मतभेद
रिपोर्ट के प्रकाशन के दिन, Anthropic के शोधकर्ता Jacob Coxon ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अत्यधिक वृद्धि वाले मॉडल में केंद्रीय भूमिका निभाने वाली स्वयं-सुधार क्षमता वाली सुपरइंटेलिजेंस के खतरे की चिंता जताई। उनका जाना AI उद्योग में चिंता और असहमति की पड़ताल करता है।
अमेरिकी नागरिकों की अपेक्षाएँ
अगस्त 2026 में Anthropic द्वारा 11,000 अमेरिकी नागरिकों के बीच किए गए सर्वेक्षण में अधिकांश ने AI के कारण लगभग 10% GDP वृद्धि की उम्मीद जताई, जो मध्यवर्ती परिदृश्य के अनुरूप है। मात्र 10% ने अत्यधिक वृद्धि वाले मॉडल को यथार्थ मानते हुए उसकी संभावना जताई। अधिकांश अमेरिकियों के लिए AI से जुड़ी रोजगार हानि सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है, जो गोल्डमैन सैक्स के शोध से भी समर्थन पाती है, जिसमें शुरुआती तकनीकी पदों पर AI के प्रभाव को दर्शाया गया है।
आर्थिक विकास और श्रम बाजार के संतुलन पर ध्यान
Anthropic की आर्थिक टीम के अनुसार, उनका मॉडल यह दिखाता है कि तेज़ AI वृद्धि के बावजूद रोजगार और मजदूरी स्तर पर नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। तेज विकास से कुल धन में वृद्धि हो सकता है लेकिन श्रम आय में कमी भी होगी। यह सवाल कि भविष्य के इन बदलावों को कौन नियंत्रित करेगा, नीति निर्माताओं और अर्थशास्त्रियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है।