रूस की ओर से जेट इंजन वाले हमलावर ड्रोन की तैनाती बढ़ाए जाने के बीच यूक्रेन तेज रफ्तार इंटरसेप्टर ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। यूक्रेनी ड्रोन निर्माता वाइल्ड हॉर्नेट्स ने कहा कि उसकी नई स्टिंग एस इंटरसेप्टर प्रणाली का इस्तेमाल एक सामरिक वायु रक्षा इकाई ने रूसी गेरान-5 ड्रोन को गिराने के लिए किया। यह प्रणाली के फील्ड टेस्ट शुरू होने के बाद सामने आए शुरुआती युद्धक परिणामों में से एक है।
वाइल्ड हॉर्नेट्स के एक प्रवक्ता के अनुसार, यूक्रेनी बलों ने पिछले कुछ दिनों में कई गेरान-5 ड्रोन और करीब 12 धीमी गति वाले जेट इंजन संचालित गेरान-4 विमानों को मार गिराया। परीक्षण पूरा होने के बाद कंपनी स्टिंग एस का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की योजना बना रही है। हालांकि, उसने अभी उत्पादन क्षमता, परिचालन गति या प्रति इकाई लागत के आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
स्टिंग एस का संचालन सुरक्षित ठिकानों से
स्टिंग एस, वाइल्ड हॉर्नेट्स के पहले से मौजूद गोलीनुमा स्टिंग ड्रोन का उन्नत संस्करण है। कंपनी ने कहा कि फील्ड टेस्ट के दौरान दर्ज किए गए अधिकांश इंटरसेप्शन उसके हॉर्नेट विजन कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले ऑपरेटरों ने किए। यह प्रणाली स्टिंग ड्रोन के पायलटों को लॉन्च स्थल से सैकड़ों मील दूर किसी सुरक्षित स्थान से संचालन की सुविधा देती है। इससे अग्रिम मोर्चे और वायु रक्षा ठिकानों के आसपास कर्मियों का जोखिम घटता है।
तेज रफ्तार इंटरसेप्टर विकसित करने वाला यूक्रेन का यह अकेला समूह नहीं है। 20 सितंबर को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक अन्य इंटरसेप्टर ड्रोन का वीडियो जारी किया और कहा कि इसे एक अज्ञात निर्माता ने विकसित किया है। उनके अनुसार, यह ड्रोन पहले ही यूक्रेन की सुरक्षा सेवा यानी एसबीयू के साथ सेवा में शामिल हो चुका है।
इस विमान का डिजाइन डेल्टा-विंग वाला है और इसमें जेट इंजन लगा है। इसका बाहरी रूप गेरान के पुराने मॉडलों से कुछ मिलता-जुलता है, लेकिन इसका ढांचा स्टिंग परिवार के ड्रोन से स्पष्ट रूप से अलग है। एसबीयू ने कहा कि इस प्रणाली ने भी एक गेरान-5 को नष्ट किया है।
गेरान-5 की गति करीब 375 मील प्रति घंटा
यूक्रेनी खुफिया एजेंसियां गेरान-5 को रूस के गेरान परिवार के अधिक उन्नत और तेज मॉडलों में से एक बताती हैं। इसके करीब 375 मील प्रति घंटे की गति से उड़ने और लगभग 200 पाउंड वजन का वारहेड ले जाने की जानकारी है। युद्ध के शुरुआती दौर में रूस प्रोपेलर इंजन वाले गेरान-2 पर अधिक निर्भर था। यह ईरान के शाहेद-136 का रूस में निर्मित संस्करण है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से यूक्रेनी शहरों पर हमलों में किया गया।
यूक्रेन ने प्रोपेलर से चलने वाले ड्रोन को रोकने के तरीके विकसित किए तो रूस ने छोटे टर्बोजेट इंजन वाले गेरान मॉडलों पर काम शुरू किया। अब तक पहचाने गए तीन जेट इंजन वाले मॉडलों की क्रूज गति 200 मील प्रति घंटे से अधिक है। गेरान-5 का आकार और ढांचा पहले इस्तेमाल किए गए धीमे हमलावर ड्रोन की तुलना में क्रूज मिसाइल के अधिक करीब है।
जेट इंजन वाले ड्रोन लॉन्च करने के लिए रूस ने हवाई अड्डों से जुड़ा बुनियादी ढांचा भी बढ़ाया है। यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों ने मई में चेतावनी दी थी कि मॉस्को हमलों में इन विमानों के इस्तेमाल की आवृत्ति बढ़ाने की योजना बना रहा है।
जेट ड्रोन के लॉन्च में तेज बढ़ोतरी
यूक्रेन की वायुसेना के अनुसार, रूस ने अगस्त में करीब 2,800 जेट इंजन वाले ड्रोन लॉन्च किए, जबकि जून में यह संख्या 350 थी। हमलों का पैमाना बढ़ने के साथ इन्हें रोकना भी कठिन हुआ है। यूक्रेन की पारंपरिक प्रोपेलर-चालित ड्रोन के खिलाफ इंटरसेप्शन दर कम से कम 90% है, लेकिन जेट इंजन वाले मॉडलों के खिलाफ यह दर घटकर करीब 60% रह गई है।
फिलहाल यूक्रेन जेट ड्रोन के खिलाफ लड़ाकू विमानों और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल करता है। साथ ही, वह ऐसे इंटरसेप्टर विकसित करने का काम तेज कर रहा है जो अधिक गति वाले हों और बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए उपयुक्त हों। पहले के इंटरसेप्टर ड्रोन की कीमत आम तौर पर कुछ हजार डॉलर होती थी, जो उन लक्ष्यों के मूल्य से काफी कम थी जिन्हें नष्ट करने के लिए उन्हें बनाया गया था। स्टिंग एस की अंतिम कीमत और युद्धक्षेत्र में उसका प्रदर्शन अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
गेरान-5 को गिराए जाने की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि यूक्रेन तेज रफ्तार ड्रोन से निपटने के लिए कई तकनीकी तरीकों पर काम कर रहा है। हालांकि, ये प्रणालियां अभी परीक्षण या शुरुआती तैनाती के चरण में हैं। इसलिए उनकी उत्पादन दर, वास्तविक इंटरसेप्शन क्षमता और रूस की ओर से जेट ड्रोन लॉन्च में लगातार बढ़ोतरी का सामना करने की क्षमता का आकलन करने के लिए पर्याप्त आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।