मॉस्को एक्सचेंज अपनी क्रिप्टो ट्रेडिंग सेवा का परीक्षण कर रहा है और दिसंबर में इसे शुरू करने की योजना है। तय समय पर लॉन्च होने पर रूस के स्थापित एक्सचेंज ढांचे के जरिए क्रिप्टो कारोबार का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, सेवा में कौन-से उत्पाद होंगे और ट्रेडिंग, सेटलमेंट तथा भागीदारी के नियम क्या होंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
दिसंबर लॉन्च की तैयारी में मॉस्को एक्सचेंज
एक्सचेंज प्रस्तावित सेवा का फिलहाल परीक्षण कर रहा है; औपचारिक शुरुआत दिसंबर में करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना अभी तैयारी और टेस्टिंग के चरण में है। लॉन्च की समयसीमा उत्पादों की रूपरेखा, परिचालन व्यवस्था और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगी।
मॉस्को एक्सचेंज ने यह नहीं बताया है कि किन क्रिप्टोकरेंसी को सूचीबद्ध किया जा सकता है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि सेवा में स्पॉट ट्रेडिंग, डेरिवेटिव या अन्य उत्पाद शामिल होंगे। ट्रेडिंग के समय, सेटलमेंट और कस्टडी की व्यवस्था, पात्रता मानदंड तथा पहुंच का दायरा भी घोषित नहीं किया गया है। इसलिए इस योजना को अभी आम लोगों के लिए खुलने वाले क्रिप्टो प्लेटफॉर्म की पुष्टि नहीं माना जा सकता।
एक्सचेंज के जरिए पहुंच से बदल सकता है कारोबार का ढांचा
सेवा शुरू होने पर बाजार प्रतिभागियों को पारंपरिक वित्तीय बाजारों के करीब एक चैनल के जरिए क्रिप्टो परिसंपत्तियों तक पहुंच मिल सकती है। मौजूदा क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के मुकाबले एक्सचेंज आधारित मॉडल में ऑर्डर मिलान, क्लियरिंग और सेटलमेंट, परिसंपत्ति कस्टडी तथा जानकारी के खुलासे के लिए तय प्रक्रियाएं जरूरी होती हैं। इन व्यवस्थाओं का असर ट्रेडिंग लागत, लिक्विडिटी और बाजार में धन के आने-जाने पर पड़ सकता है।
सेवा का प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन-से उत्पाद पेश किए जाते हैं और किन लोगों को कारोबार की अनुमति मिलती है। सीमित समूह या कुछ ही उत्पादों तक सीमित पायलट का शुरुआती कारोबार, खुदरा उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध प्लेटफॉर्म से अलग हो सकता है। इसके उलट, व्यापक पहुंच और अधिक संपूर्ण ट्रेडिंग व सेटलमेंट सेवाएं रूस के क्रिप्टो बाजार की संरचना को प्रभावित कर सकती हैं।
उत्पादों और ट्रेडिंग नियमों का ब्योरा बाकी
मॉस्को एक्सचेंज ने पायलट के लिए शुरुआती परिसंपत्तियों, ट्रेडिंग मुद्राओं, शुल्क, जोखिम नियंत्रण या लक्षित कारोबार की मात्रा की घोषणा नहीं की है। दिसंबर अभी प्रस्तावित लॉन्च की तारीख है। यह भी तय नहीं है कि सेवा समय पर शुरू होगी या अंतिम नियम मौजूदा परीक्षण व्यवस्था से मेल खाएंगे।
बाजार प्रतिभागियों की नजर इस पर भी रहेगी कि कौन कारोबार कर सकेगा, परिसंपत्तियों की कस्टडी किसके पास होगी, सौदों की क्लियरिंग कैसे होगी और क्रिप्टो कीमतों के उतार-चढ़ाव के बीच मार्जिन तथा जोखिम प्रबंधन की क्या शर्तें लागू होंगी। इन्हीं जानकारियों से तय होगा कि यह परियोजना सीमित परीक्षण तक रहती है या रूस के किसी पारंपरिक एक्सचेंज की क्रिप्टो ट्रेडिंग में औपचारिक शुरुआत बनती है।