29 सितंबर 2026 को बिटकॉइन 83,176 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। दिन के दौरान इसमें 0.92% की गिरावट आई, लेकिन कीमत 83,000 डॉलर के ऊपर बनी रही। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति धारणा पर दबाव डाला, जिससे बिटकॉइन की रिकवरी सीमित रही। निवेशक महंगाई, ब्याज दरों और व्यापक बाजार में नकदी की स्थिति पर इसके संभावित असर का आकलन कर रहे थे।
बिटकॉइन ने 83,000 डॉलर का स्तर बचाए रखा
कारोबारी सत्र में बिटकॉइन 83,000 डॉलर से नीचे नहीं गया, हालांकि दैनिक गिरावट से पता चला कि तेजी की गति अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है। खरीदारों ने अब तक इस स्तर का बचाव किया है। वहीं, तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई और ब्याज दरों की उम्मीदों के साथ-साथ वैश्विक बाजार में उपलब्ध तरलता पर भी नए सवाल खड़े किए। इस माहौल में क्रिप्टो बाजार पहले की बढ़त को पूरी तरह आगे नहीं बढ़ा सका।
उद्धृत कीमत 29 सितंबर 2026 को 16:34:04 UTC पर दर्ज की गई थी। बिटकॉइन चौबीसों घंटे कारोबार करता है, इसलिए यह आंकड़ा एक खास समय की बाजार स्थिति को दर्शाता है। इसके बाद की कीमतों पर व्यापक आर्थिक आंकड़ों, ऊर्जा बाजारों और पूंजी प्रवाह में बदलाव का असर पड़ सकता है।
अधिकांश बड़े टोकन में गिरावट
अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी भी कमजोर रहीं। एथेरियम (ETH) 0.48% गिरकर 2,678.92 डॉलर पर आ गया। सोलाना (SOL) 1.17% फिसलकर 118.36 डॉलर पर रहा। डॉजकॉइन (DOGE) 0.85% नीचे 0.094 डॉलर और रेंडर (RENDER) 1.31% गिरकर 1.92 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। एक्सआरपी (XRP) में 0.08% की मामूली गिरावट आई और इसकी कीमत 1.51 डॉलर रही।
कुछ टोकन व्यापक बाजार की दिशा से अलग चले। वर्ल्डकॉइन (WLD) 0.19% बढ़कर 0.50 डॉलर पर पहुंचा। ट्रॉन (TRX) 0.02% की मामूली गिरावट के साथ 0.33 डॉलर पर रहा, यानी इसमें लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ। वर्स (VERSE) 0.24% गिरकर 0.0000039 डॉलर पर आ गया। सूची में ग्राम (GRAM), जिसे पहले टोंकॉइन के नाम से जाना जाता था, 7.16% की गिरावट के साथ सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला टोकन रहा।
तेल बाजार से जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर दबाव
बिटकॉइन के एक अहम मूल्य स्तर पर टिके रहने के बीच तेल की बढ़ती कीमतों ने बाजार के लिए एक अतिरिक्त जोखिम कारक जोड़ दिया है। यदि ऊर्जा कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो महंगाई के दबाव और मौद्रिक नीति पर बाजार का ध्यान और बढ़ सकता है। इससे अस्थिर परिसंपत्तियों में निवेश को लेकर अधिक सतर्क रुख बन सकता है। उपलब्ध आंकड़े यह दिखाते हैं कि तेल की कीमतें बढ़ने के दौरान बिटकॉइन की रिकवरी सीमित रही, लेकिन दोनों के बीच लगातार और सीधा कारण-संबंध स्थापित नहीं करते।
निवेशक अब देख रहे हैं कि बिटकॉइन 83,000 डॉलर से ऊपर कितनी मजबूती से टिकता है और तेल बाजार की चाल जोखिम वाली परिसंपत्तियों के प्रति धारणा को आगे कितना प्रभावित करती है। उद्धृत आंकड़ों के समय बिटकॉइन 83,176 डॉलर पर था और अधिकांश प्रमुख टोकन नीचे कारोबार कर रहे थे। यह व्यापक आर्थिक अनिश्चितता के बीच अल्पकालिक कमजोरी को दर्शाता है।