Ethereum के सह-संस्थापक विटालिक बुटेरिन ने 16 अक्टूबर को AI एजेंट्स के लिए ‘पैरानॉयड मोड’ नाम का एक प्रायोगिक प्राइवेसी डिजाइन जारी किया। इसका उद्देश्य AI सेवा प्रदाताओं के लिए उपयोगकर्ताओं की पहचान, अनुरोध के नेटवर्क स्रोत और भुगतान विवरण के आधार पर उन्हें पहचानना कठिन बनाना है। वॉलेट या वित्तीय टूल से जुड़े AI एजेंट्स के मामले में ये संकेत यह उजागर कर सकते हैं कि उपयोगकर्ता किन टोकन पर नजर रख रहे हैं, उनके पास कौन-सी परिसंपत्तियां हैं और उनकी ट्रेडिंग योजनाएं क्या हैं।
हालांकि, बुटेरिन ने यह भी स्वीकार किया कि इस डिजाइन से प्रतिक्रिया में देरी बढ़ेगी और कई पक्षों की मिलीभगत से होने वाले हमलों के प्रति यह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। कोड सार्वजनिक है, लेकिन पूरा सिस्टम अभी प्रायोगिक चरण में है।
पहचान, ट्रैफिक और भुगतान डेटा को लक्षित करने वाली चार परतें
यह डिजाइन AI अनुरोधों से छूटने वाले अलग-अलग डिजिटल निशानों को कम करने के लिए कई प्राइवेसी टूल्स को जोड़ता है। Tor हर बातचीत के लिए अलग नेटवर्क रूट उपलब्ध कराता है, जिससे उपयोगकर्ता का IP पता छिपाने में मदद मिलती है। ट्रैफिक ओबफस्केशन के तहत अतिरिक्त या नकली अनुरोध जोड़े जाते हैं, ताकि वास्तविक गतिविधि को डेटा के व्यापक प्रवाह से अलग पहचानना कठिन हो।
प्रॉम्प्ट भेजे जाने से पहले उपयोगकर्ता के डिवाइस पर चलने वाला एक छोटा AI मॉडल इनपुट को दोबारा लिखता है। इसका उद्देश्य ऐसे विवरण हटाना है, जो किसी व्यक्ति की पहचान की ओर संकेत कर सकते हैं। इससे AI प्रदाता अनुरोध देखना बंद नहीं करता; इसका लक्ष्य केवल प्रॉम्प्ट में मौजूद पहचान-संबंधी जानकारी की मात्रा कम करना है।
भुगतान के लिए डिजाइन zkAPI का इस्तेमाल करता है। यह तरीका क्रिप्टोग्राफिक प्रूफ के जरिए यह साबित करने की कोशिश करता है कि अनुरोध का भुगतान हो चुका है, बिना सीधे भुगतान करने वाले व्यक्ति की पहचान बताए। इस तरह ये चारों उपाय नेटवर्क पते, अनुरोधों के पैटर्न, प्रॉम्प्ट की सामग्री और भुगतान रिकॉर्ड से बनने वाले संभावित संबंधों को अलग-अलग स्तर पर संबोधित करते हैं।
वित्तीय AI बातचीत से सामने आ सकती हैं उपयोगकर्ता की रुचियां
जब किसी AI एजेंट को वॉलेट या वित्तीय सेवा तक पहुंच मिलती है, तो बातचीत में संवेदनशील जानकारी शामिल हो सकती है। उपयोगकर्ता किसी खास टोकन के बारे में पूछ सकता है या अपने पोर्टफोलियो का विश्लेषण मांग सकता है, जिससे उसकी निवेश रुचियों का संकेत मिल सकता है। नाम साझा न किए जाने पर भी भुगतान रिकॉर्ड, नेटवर्क पते और कई प्रॉम्प्ट में दोहराई गई जानकारियों का इस्तेमाल उसी उपयोगकर्ता की पहचान करने या अलग-अलग अनुरोधों को आपस में जोड़ने के लिए किया जा सकता है।
इसी वजह से यह डिजाइन केवल इस सवाल पर ध्यान नहीं देता कि बातचीत की सामग्री सार्वजनिक होती है या नहीं। इसका दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि क्या सेवा प्रदाता किसी अनुरोध को किसी खास उपयोगकर्ता, नेटवर्क स्रोत या भुगतान रिकॉर्ड से जोड़ सकता है। वित्तीय सेवाओं में यह अंतर इस बात को प्रभावित कर सकता है कि उपयोगकर्ता अपने खाते या निजी वित्त से जुड़े सवाल AI एजेंट्स को सौंपने के लिए कितने तैयार होंगे। अभी ऐसा कोई संकेत नहीं है कि इस डिजाइन को व्यापक स्तर पर लागू या स्वतंत्र रूप से मान्य किया जा चुका है।
बुटेरिन ने देरी और मिलीभगत के जोखिम बताए
प्राइवेसी सुरक्षा की अतिरिक्त परतें सिस्टम में अधिक चरण जोड़ती हैं और इनके साथ व्यावहारिक समझौते भी आते हैं। बुटेरिन ने कहा कि ‘पैरानॉयड मोड’ से लेटेंसी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि कई प्रतिभागियों के बीच मिलीभगत होने पर सूचनाओं को आपस में जोड़ना अब भी संभव हो सकता है। Tor, ट्रैफिक ओबफस्केशन, लोकल री-राइटिंग और zkAPI अलग-अलग प्रकार के डिजिटल निशानों को संबोधित करते हैं, लेकिन इनमें से कोई भी हर संभावित हमले की स्थिति में उपयोगकर्ता की पहचान छिपे रहने की गारंटी नहीं देता।
कोड समीक्षा के लिए उपलब्ध है, लेकिन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होना पूरे सिस्टम के परिपक्व होने का प्रमाण नहीं है। उपयोगकर्ताओं के लिए मुख्य सवाल यह है कि यह व्यवस्था वास्तविक इस्तेमाल में कैसा प्रदर्शन करती है, प्रतिक्रिया समय में कितनी वृद्धि करती है और अलग-अलग सेवा प्रदाताओं के समन्वय की स्थिति में कितनी सुरक्षा दे पाती है।