1997 के बाद सबसे तेज मजदूरी वृद्धि से बाजार अपेक्षाएं बढ़ीं
जुलाई में जापान की नाममात्र नकद मजदूरी में सालाना 4.7% की वृद्धि हुई, जो विशेषज्ञों की 3.8% से 3.9% की अनुमानित दर से कहीं अधिक है। यह वृद्धि 1997 के बाद सबसे तेज़ और छह महीनों से लगातार 3% से ऊपर बनी रहने वाली बढ़ोतरी का रिकॉर्ड है, जो पिछले 34 वर्षों में सबसे लंबी अवधि है। वास्तविक मजदूरी में भी 2.4% की वृद्धि हुई, जो लगभग पांच साल में सबसे बड़ा उछाल दर्शाता है।
बोनस के बजाय मूल वेतन और पूर्णकालिक वेतन में वृद्धि प्रमुख
मजदूरी में यह उछाल मुख्य रूप से मौलिक वेतन वृद्धि के कारण है, जो 4.1% तक पहुंची है, जबकि बोनस, ओवरटाइम और नमूना विचलन को हटाकर देखें तो पूर्णकालिक कर्मचारियों की मजदूरी भी 2.7% बढ़ी है। श्रम बाजार में सख्ती बनी हुई है: संघित कर्मचारियों को पिछले तीन वर्षों से 5% से अधिक वेतन वृद्धि मिल रही है और राष्ट्रीय न्यूनतम घंटेवार वेतन 1,177 येन तक पहुंच चुका है। ये कारक बैंक ऑफ़ जापान के मौद्रिक नीति को सामान्य करने के फैसलों को बल देते हैं।
आय बढ़ने के बावजूद घरेलू खर्च में धीमी गति
हालांकि मजदूरी में तेज़ वृद्धि देखी गई है, पर जुलाई में घरेलू खर्च आठवें महीने लगातार घट गया और दूसरे तिमाही में निजी खपत स्थिर रही। मंद मुद्रास्फीति के चलते वास्तविक आय में सुधार हुआ है, लेकिन उपभोक्ता मनोवृत्ति सतर्क बनी हुई है। सितंबर में खाद्य एवं पेय सामग्रियों की कीमतों में वृद्धि ने खरीद क्षमता पर दबाव डाला है। इसलिए मजदूरी में सुधार के बावजूद घरेलू मांग का स्थायी उछाल नहीं दिखा।
मौद्रिक नीति और बाजार के नजरिए पर प्रभाव
यह आंकड़ा बैंक ऑफ़ जापान द्वारा सितंबर में मौद्रिक कड़ाई जारी रखने की उम्मीदों को पुष्ट करता है। हालांकि, इन आंकड़ों से 2027 से पहले कई बार ब्याज दरों में वृद्धि की पूरी पुष्टि नहीं होती। आने वाले समय में ये देखना चुनौतीपूर्ण होगा कि आय वृद्धि उपभोग में लगातार और टिकाऊ वृद्धि में बदल पाती है या नहीं। जापान में मजदूरी की मजबूती नीति नियमित करने के पक्ष में है, मगर उपभोक्ता व्यवहार की निरंतर निगरानी जरूरी बनी रहेगी।