पोलिश संसद राष्ट्रपति के वीटो को उलटने में नाकाम
पोलैंड की संसद सेज्म ने हाल ही में क्रिप्टो संपत्ति नियमावली विधेयक के राष्ट्रपति कैरोल नावरोकी के वीटो को पलटने के लिए मतदान किया। 241 ने समर्थन किया, 198 ने विरोध और 3 ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन प्रस्तावित दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं हो सका। यह तीसरी बार है जब यह विधेयक पास नहीं हो पाया। यह कानून पोलिश वित्तीय पर्यवेक्षी प्राधिकरण (KNF) को आधिकारिक क्रिप्टो नियामक बनाने वाली थी, और इसे यूरोपीय संघ के Markets in Crypto-Assets Regulation (MiCA) के अनुरूप बनाने का प्रयास था। विफलता से पोलैंड यूरोपीय संघ में एकमात्र सदस्य देश बना रहा जिसके पास प्रभावी MiCA मानकों के अनुरूप नियामक ढांचा नहीं है।
राष्ट्रपति के विरोध में विधायी मतभेद स्पष्ट
राष्ट्रपति नावरोकी ने दिसंबर 2023 से अब तक इस बिल पर तीन बार वीटो किया है। उन्होंने संसद की आलोचना की कि उसने प्रस्तावित 16 संशोधनों में से केवल एक को अपनाया। उनका कहना था कि विधेयक के बुनियादी दोष अब भी बने हुए हैं, और "एक खराब कानून बार-बार पारित होने के बाद भी खराब रहता है।" वीटो उलटने में समर्थ बहुमत न मिलना विधायकों के बीच देश की क्रिप्टो नियमावली को अंतिम रूप देने में मतभेदों को दर्शाता है।
नियामक खाई से बाजार व कानूनी अनिश्चितता बढ़ी
पोलैंड EU के 2026 जुलाई तक MiCA लागू करने के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया है। स्पष्ट क्रिप्टो नियमों के अभाव में पोलिश बाजार में कानूनी और अनुपालन जोखिम बढ़ गए हैं। इस बीच, क्रिप्टो एक्सचेंज ज़ोंडाक्रिप्टो (पूर्व में बिटबे) के संस्थापक सिल्वेस्टर सुस्ज़ेक के 2022 में गायब होने के मामले में फाउंडर के खिलाफ क्रिमिनल जांच चल रही है। इस मामले से निवेशकों को लगभग 350 मिलियन PLN (करीब 95 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का नुकसान हुआ है, जिससे बाजार निगरानी और उपभोक्ता संरक्षण संबंधित चिंताएं और बढ़ गई हैं।
राजनीतिक बहस में नियामक प्राथमिकताओं पर विवाद
पोलैंड के वित्त और आर्थिक मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की ने राष्ट्रपति और सत्ताधारी पार्टी को सार्वजनिक सुरक्षा की तुलना में क्रिप्टो इंडस्ट्री के हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है। डोमान्स्की ने सोशल मीडिया पर इसे आम जनता की सुरक्षा और "छायादार क्रिप्टो क्षेत्र के हितों" के बीच चुनाव बताया, जिससे देश के क्रिप्टो नियमों और उद्योग विकास पर सार्वजनिक बहस तेज हुई है।
यूरोपीय संघ के दबाव में असमंजस बनी नियामक स्थिति
लगातार गतिरोध के कारण पोलैंड का क्रिप्टो बाज़ार नियमन अभी भी EU के बीच एक महत्वपूर्ण कानूनी रिक्त स्थान में है। समय रहते राष्ट्रीय नियामक प्रणाली न बनने से घरेलू बाजार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और सीमा पार अनुपालन व निवेश प्रवाह जटिल हो सकते हैं। पोलैंड को प्रभावी क्रिप्टो निगरानी विकसित करने के लिए नए राजनीतिक समझौतों की आवश्यकता पड़ सकती है जो EU के एकीकृत नियामक एजेंडे के अनुरूप हों।