S&P 500 की उपलब्धि: अधिकांश वर्षों में मुद्रास्फीति से बेहतर प्रदर्शन
2026 में S&P 500 ने 13.5% की कुल वृद्धि दर्ज की, जबकि इसी अवधि में अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में मात्र 3.4% की बढ़ोतरी हुई। पिछले दो दशकों के आंकड़ों से पता चलता है कि 20 वर्षों में से 16 वर्षों में S&P 500 ने मुद्रास्फीति से बेहतर रिटर्न दिया, जबकि केवल चार वर्षों (2008, 2011, 2018, और 2022) में यह पीछे रहा।
मंदी के वर्ष और मुद्रास्फीति की भूमिका
जब S&P 500 मुद्रास्फीति से पीछे रहा, तो उन वर्षों की विशेषताएँ स्पष्ट होती हैं। 2022 को छोड़कर, उन वर्षों में मुद्रास्फीति दर 3% से कम थी। उदाहरण के लिए, दिसंबर 2008 में CPI केवल 0.1% बढ़ा, पर वित्तीय संकट के कारण S&P 500 में 37% की भारी गिरावट आई। 2011 और 2018 में भी कम मुद्रास्फीति के बावजूद बाजार ने कमजोर प्रदर्शन किया। 2022 में मुद्रास्फीति 6.5% तक पहुंच गई, जबकि इंडेक्स 18.11% गिरा, जिससे वास्तविक हानि करीब 23% हुई।
मुद्रास्फीति के स्तर और बाजार की प्रतिक्रिया
ब्लूमबर्ग डाटा के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में केवल तीन बार साल के अंत में मुद्रास्फीति 4% से ऊपर रही। 2007 और 2021 में वैश्विक मुद्रास्फीति ऊँची थी, लेकिन बाजार ने बेहतर रिटर्न दिया। 2022 इस प्रवृत्ति का अपवाद था, जब तेज सुधार की जरूरत पड़ी। 2013 का वर्ष सबसे अच्छा था, जब 1.5% मुद्रास्फीति के बावजूद बाजार में 30.42% की वास्तविक वृद्धि हुई।
2026 की आय वृद्धि के अनुमान से बनी बाजार की उम्मीदें
FactSet के अनुसार, Q3 2026 में S&P 500 कंपनियों की आय में 28.2% की मजबूत वृद्धि की उम्मीद है। आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की तेजी से बढ़ती आय ने इस विकास में अहम योगदान दिया है। यह आय वृद्धि बाजार को वास्तविक रिटर्न जारी रखने में सहायक हो सकती है।
S&P 500 लगातार मुद्रास्फीति के दबावों का सामना करते हुए अपनी मजबूती दर्शाता रहा है, जिसका आधार मुख्य रूप से कॉर्पोरेट लाभ में निरंतर मजबूती है। आने वाले तिमाही आय विवरण और व्यापक आर्थिक संकेतकों पर नजर रखना जरूरी होगा, ताकि विश्व आर्थिक परिदृश्य में बाजार की दिशा को सही तरीके से समझा जा सके।