डेमोक्रेट्स के प्रतिनिधि सभा और सीनेट—दोनों में बहुमत हासिल करने की उम्मीद है। इससे कांग्रेस पर रिपब्लिकन नियंत्रण खत्म होगा और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दूसरे हिस्से में उनके एजेंडे को आगे बढ़ाना कठिन हो सकता है। नया कांग्रेस सत्र स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी, टैरिफ और ईरान युद्ध पर जल्द बहस शुरू कर सकता है। साथ ही, डेमोक्रेट सांसद ट्रंप और उनके सहयोगियों की जांच की तैयारी कर रहे हैं।
वाशिंगटन में सत्ता का संतुलन बदलेगा, लेकिन इससे नीति पर ट्रंप का प्रभाव खत्म नहीं होगा। राष्ट्रपति कानूनों को वीटो कर सकते हैं। दूसरी ओर, डेमोक्रेट्स को सीनेट में फिलिबस्टर और राष्ट्रपति के वीटो को पलटने के लिए जरूरी ऊंचे मत-समर्थन की चुनौती का सामना करना होगा। ऐसे में अगले दो वर्षों में विधायी टकराव और जांच कांग्रेस के कामकाज पर हावी रह सकते हैं।
डेमोक्रेट्स के बहुमत के बीच ट्रंप ने वीटो की चेतावनी दी
डेमोक्रेट-नियंत्रित कांग्रेस के साथ काम करने को लेकर ट्रंप ने अपने वीटो अधिकार पर जोर दिया है। फॉक्स न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वे ऐसे कानूनों को मंजूरी नहीं देंगे जिन्हें वे “बेतुका” मानते हैं, हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों पक्ष बाद में समझौते पर पहुंच सकते हैं। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर रिपब्लिकन कांग्रेस का नियंत्रण गंवाते हैं तो वे हर विधेयक को वीटो करेंगे।
कार्यकाल के बाकी समय के लिए ट्रंप ने कोई विस्तृत योजना पेश नहीं की है। उन्होंने मौजूदा नीतियां जारी रखने को अपनी प्राथमिकता बताया और संकेत दिया कि डेमोक्रेट्स के सत्ता में लौटने पर वे “मिस्टर वीटो” बन सकते हैं। ये बयान व्हाइट हाउस और कांग्रेस के बीच कानूनों को लेकर लंबे खिंचने वाले संघर्ष की ओर इशारा करते हैं।
स्वास्थ्य सब्सिडी, मेडिकेड कटौती और टैरिफ पर डेमोक्रेट्स की योजना
न्यूयॉर्क के हाउस डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज, जिनके पद पर बने रहने की उम्मीद है, जनवरी में नए कांग्रेस सत्र की शुरुआत के लिए विधेयकों का एक पैकेज तैयार कर रहे हैं। सांसदों के शपथ लेने के बाद पहले 100 घंटों में डेमोक्रेट्स उन बढ़ी हुई स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी को बहाल करने की कोशिश करेंगे जिनकी अवधि समाप्त हो चुकी है। वे इस साल ट्रंप के हस्ताक्षर से कानून बनी मेडिकेड कटौतियों को पलटने का भी प्रयास करेंगे।
डेमोक्रेट्स ट्रंप के व्यापक टैरिफ वापस लेने और आयात शुल्क तय करने में कांग्रेस की भूमिका फिर से स्थापित करने के लिए भी विधेयक लाना चाहते हैं। एक अन्य प्रस्ताव का मकसद ईरान के साथ युद्ध समाप्त करना होगा, या फिर लड़ाई जारी रखने के लिए प्रशासन को कांग्रेस की मंजूरी लेने के लिए बाध्य करना। डेमोक्रेट्स ने रोजमर्रा के खर्च को प्राथमिकता बताया है; पेट्रोल और खाद्य पदार्थों की कीमतें उनकी प्रमुख चिंताओं में हैं।
इनमें से किसी प्रस्ताव के कानून बनने की संभावना अभी स्पष्ट नहीं है। राष्ट्रपति के वीटो को पलटने के लिए प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में दो-तिहाई समर्थन जरूरी है—ऐसा समर्थन डेमोक्रेट्स को अकेले मिलने की उम्मीद नहीं है। सीनेट में फिलिबस्टर को पार करने के लिए आम तौर पर जरूरी 60 वोट भी उनके पास नहीं होंगे। इस कारण अल्पमत में रहते हुए भी रिपब्लिकन के पास विधेयकों को रोकने की पर्याप्त ताकत रहेगी।
प्रस्तावों के कानून न बनने पर भी वे राजनीतिक बहस का मुद्दा बन सकते हैं। डेमोक्रेट्स 2028 के चुनाव में लोकप्रिय प्रस्तावों को ट्रंप के वीटो किए जाने को उनके खिलाफ मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
प्रतिनिधि सभा की निगरानी समिति ट्रंप के कारोबारी मामलों की जांच करेगी
प्रतिनिधि सभा की समितियों का नियंत्रण मिलने से डेमोक्रेट्स मौजूदा नियमों के तहत समन जारी कर सकेंगे। कैलिफोर्निया के प्रतिनिधि रॉबर्ट गार्सिया के हाउस ओवरसाइट कमेटी का अध्यक्ष बनने की उम्मीद है। उन्होंने कहा है कि समिति ट्रंप परिवार के कारोबारी लेन-देन, कॉरपोरेट भ्रष्टाचार के आरोपों और संघीय आव्रजन एजेंसियों की कथित ज्यादतियों की जांच करेगी। समिति दोषी ठहराए गए यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों पर ट्रंप प्रशासन के रवैये की भी दोबारा पड़ताल करना चाहती है।
चुनाव नतीजे आने के दौरान गार्सिया ने अपनी योजना का सार इन शब्दों में बताया: “अपने वकीलों को तैयार रखिए।” मैरीलैंड के प्रतिनिधि जेमी रस्किन ने इससे पहले सरकारी रिकॉर्ड मांगे थे और आरोप लगाया था कि ट्रंप ने कुछ उद्योगों को विशेष रियायत देने के लिए टैरिफ में छूट का इस्तेमाल किया। रस्किन के मुताबिक, उन क्षेत्रों के कारोबारी नेताओं ने ट्रंप को उपहार दिए थे। ये डेमोक्रेट्स के आरोप हैं; जांच का रुख उपलब्ध सबूतों और रिकॉर्ड पर निर्भर करेगा।
सीनेट के डेमोक्रेट्स ने भी निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं। मैसाचुसेट्स के सीनेटर एड मार्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आने वाले समनों के लिए कागज उपलब्ध कराने को नए जंगल लगाने पड़ेंगे। जांच में नए कांग्रेस सत्र का काफी समय लग सकता है और इससे व्हाइट हाउस तथा डेमोक्रेट्स के बीच सहयोग की गुंजाइश और सीमित हो सकती है।
ट्रंप को रिपब्लिकन सांसदों का कितना समर्थन मिलेगा, यह अनिश्चित
ट्रंप को अपने पहले कार्यकाल में प्रतिनिधि सभा में दो बार महाभियोग का सामना करना पड़ा था, इसलिए डेमोक्रेट्स के नेतृत्व वाली जांच नई बात नहीं है। लेकिन मिडटर्म चुनाव के बाद कांग्रेस में उनके समर्थकों की संख्या घटेगी, जबकि कई जनमत सर्वेक्षणों में उनकी लोकप्रियता अपने निचले स्तरों के करीब है। उपराष्ट्रपति माइक पेंस के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ और एडवांसिंग अमेरिकन फ्रीडम के अध्यक्ष मार्क शॉर्ट ने कहा कि रिपब्लिकन सांसदों के खुलकर पाला बदलने की संभावना कम है, हालांकि कुछ समय के साथ ट्रंप से दूरी बना सकते हैं।
शॉर्ट ने यह भी कहा कि रिपब्लिकन पार्टी अपनी रूढ़िवादी जड़ों से दूर चली गई है और उसे अपनी दिशा पर फिर से विचार करना चाहिए। यह अभी साफ नहीं है कि चुनाव नतीजों के बाद पार्टी व्यापक स्तर पर अपनी रणनीति की समीक्षा करेगी या नहीं। नई कांग्रेस को बजट और नीतियों पर मतभेद, ट्रंप के वीटो अधिकार और उनके प्रशासन की निगरानी जैसे मुद्दों से जूझना होगा।