नकली क्रिप्टो निवेश प्लेटफॉर्म से वैश्विक निवेशकों को निशाना
यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में एक जटिल क्रिप्टो फ्रॉड नेटवर्क का पता लगाया है, जो नकली निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए 20 से अधिक देशों में फैला था। ये गिरोह निवेशकों को फर्जी लाभ दिखाकर विश्वास में लेकर उनकी पूंजी ठगता था। अब तक कम से कम 62 पीड़ितों की पहचान हुई है और ठगी का मासिक आंकड़ा लगभग 1 मिलियन डॉलर बताया गया है।
नकली खातों में बढ़ती रकम के पीछे छुपा वॉलेट चोरी का तंत्र
बेचने वाले प्लेटफॉर्म में निवेशकों के खातों में रकम बढ़ती दिखती थी, जिससे वे अचंभित होकर बड़ी वापसी की उम्मीद करते थे। हालांकि, जब वे पैसे निकालने का प्रयास करते थे, तो सिस्टम मुख्य क्रिप्टो वॉलेट कनेक्ट करने का आदेश देता था। इसके बाद छोटी-छोटी "परीक्षण लेनदेन" की अनुमति के बाद एक छुपा हुआ वॉलेट चोरी का तंत्र सक्रिय हो जाता था, जो उपयोगकर्ताओं के धन को गिरोह के नियंत्रित वॉलेट में ट्रांसफर कर देता था। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ितों के खाते लॉक कर दिए जाते थे।
व्यक्तिगत डेटा और क्रिप्टो संपत्तियों की सुरक्षा को बड़ा खतरा
जांच में यह भी सामने आया कि ये फर्जी प्लेटफॉर्म पंजीकरण और पहचान सत्यापन के दौरान पासपोर्ट, फोन नंबर, ईमेल, लॉगिन जानकारी समेत संवेदनशील डेटा इकट्ठा करते थे। इस डेटा के दुरुपयोग से न केवल क्रिप्टो धन की चोरी होती थी बल्कि पीड़ितों की व्यक्तिगत पहचान से जुड़े अन्य फ्रॉड के खतरे भी बढ़ जाते थे।
गिरोह की संरचना और संचालन
इस अपराधी संगठन का नेतृत्व एक 25 वर्षीय आईटी विशेषज्ञ कर रहा था और इसमें 46 से अधिक यूक्रेनी नागरिक शामिल थे। इनके कई कार्यालय थे, जहां तकनीकी टीमें नकली वेबसाइटें बनाकर उनका रखरखाव करती थीं ताकि प्लेटफॉर्म सुचारू रूप से काम करता रहे। टीम के अन्य सदस्य ग्राहक संपर्क, रोजाना संचालन और सुरक्षा कार्य संभालते थे। पीड़ितों में जर्मनी, पोलैंड, लिथुआनिया, लातविया, स्पेन, फ्रांस, यूके, कनाडा, इजराइल और अन्य देशों के निवेशक शामिल थे।
अंतरराष्ट्रीय सर्वर जांच से जांच को मजबूती
जांच के दौरान यूक्रेनी अधिकारियों ने इस गिरोह के सर्वर नीदरलैंड में पाए और वहां के डेटाबेस तक पहुंच बनाई। इस डेटाबेस में पीड़ितों की सूची, वॉलेट पते, चुराए गए धन की मात्रा, आंतरिक संचार और संचालन की जानकारी शामिल थी। इस डेटा ने फ्रॉड नेटवर्क की पूरी संरचना को समझने और अन्य पीड़ितों की पहचान में मदद की।
पुलिस छापे और जाँच कार्य जारी
कीव और आसपास के इलाकों में संयुक्त छापों के तहत 34 स्थानों पर तलाशी ली गई, जहां 100 से अधिक कंप्यूटर, 100 मोबाइल फोन, 79 सिम कार्ड, कई दस्तावेज, नकदी और 15 वाहन जब्त किए गए। पुलिस अभी भी अन्य संदेहियों को पकड़ने, नए पीड़ितों का पता लगाने और चोरी हुई कुल क्रिप्टो संपत्ति की पुष्टि करने में लगी हुई है।
यह मामला दिखाता है कि क्रिप्टो सेक्टर में धोखाधड़ी कितनी जटिल और व्यवस्थित हो सकती है, जो निवेशकों के लिए सावधानी, सही सुरक्षा जांच और प्लेटफॉर्म परमिशन नियंत्रण की अनिवार्यता को रेखांकित करता है।