दो महीने की गिरावट के बाद सोना $4,000 प्रति औंस से नीचे आ गया है और बाजार ओवरसोल्ड स्तरों के करीब पहुंच रहा है। फिर भी Standard Chartered की वैश्विक कमोडिटी रिसर्च प्रमुख Suki Cooper का कहना है कि मौजूदा स्तरों के आसपास कीमतों को टिकाऊ आधार बनाना होगा। $3,886 प्रति औंस से नीचे लगातार गिरावट होने पर सोने में और गहरा करेक्शन आ सकता है।
$3,886 प्रति औंस पर बाजार की नजर
Standard Chartered की ताजा कीमती धातु रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह के अंत में वैश्विक गोल्ड-समर्थित एक्सचेंज-ट्रेडेड प्रोडक्ट्स (ETP) से फिर निकासी हुई। इससे निवेशकों की मांग का वह दौर थमा, जो तुलनात्मक रूप से मजबूत बना हुआ था। बिकवाली सोने तक सीमित नहीं रही; टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव की चिंता के बीच निवेशकों ने मार्जिन कॉल पूरा करने या नकदी जुटाने के लिए कई परिसंपत्तियों में अपनी हिस्सेदारी घटाई।
Cooper के मुताबिक, सोना ओवरसोल्ड स्तरों के करीब हो सकता है, लेकिन इससे आगे गिरावट का जोखिम खत्म नहीं होता। ऊर्जा की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ा रही हैं और निवेशकों को अमेरिकी मौद्रिक नीति के अनुमान पर फिर विचार करने को मजबूर कर रही हैं। तेल चढ़ता रहा और महंगाई की चिंता बनी रही, तो ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें सोने पर दबाव डाल सकती हैं।
ब्याज दरें और डॉलर बने हुए हैं दबाव
Standard Chartered को उम्मीद है कि चौथी तिमाही में सोने का औसत भाव $4,650 प्रति औंस और 2027 की पहली तिमाही में $4,850 रहेगा। यह दीर्घकालीन सकारात्मक अनुमान ऐसे समय में है जब बाजार इस आशंका से जूझ रहा है कि Federal Reserve मौद्रिक नीति और सख्त कर सकता है।
बाजार बुधवार की Fed बैठक में दर बढ़ने की संभावना 10% से कम मान रहा है। हालांकि, दिसंबर की बैठक में—अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के बाद—ब्याज दर बढ़ने की संभावना निवेशकों ने 86% आंकी है। 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड इस महीने की शुरुआत के 5.3% से घटकर करीब 4.97% पर आ गई है, लेकिन इस गिरावट से सोने को अब तक स्पष्ट समर्थन नहीं मिला। निवेशक लगातार ऊंची महंगाई और आगे दरें बढ़ने की आशंका पर ध्यान दे रहे हैं।
डॉलर भी सोने के लिए एक अहम प्रतिकूल कारक है। Standard Chartered के अनुसार, डॉलर के साथ सोने का तीन महीने का रोलिंग सहसंबंध माइनस 47% है। यह कीमतों पर अमेरिकी मुद्रा के लगातार प्रभाव को दिखाता है।
सट्टा निवेशकों की हिस्सेदारी मई के बाद सबसे कम
निवेशकों की पोजिशनिंग से संकेत मिलता है कि बाजार संभावित निचले स्तर के करीब हो सकता है। सट्टा निवेशकों ने लगातार आठ सप्ताह तक सोने में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। मुनाफावसूली और लॉन्ग पोजिशन बंद होने के बाद उनकी होल्डिंग मई के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई है। पिछले सप्ताह वैश्विक गोल्ड-समर्थित ETP होल्डिंग्स 1.3 टन घटीं, हालांकि अक्टूबर से अब तक कुल प्रवाह मामूली रूप से सकारात्मक रहा है।
Cooper का अनुमान है कि मौजूदा कीमतों पर ETP में कम से कम 350 टन सोना घाटे में है। इससे निवेशकों की और पोजिशन बंद होने का जोखिम बना हुआ है। दूसरी ओर, शॉर्ट पोजिशन कवर किए जाने के कुछ संकेत बताते हैं कि सट्टा निवेशक संभावित कीमत-तल तलाशने लगे हों। Standard Chartered ने कहा कि इस साल के अधिकांश समय में केंद्रीय बैंकों और ETP निवेशकों ने सोने की गिरावट को खरीदारी के अवसर के तौर पर लिया है। यही बात उसके दीर्घकालीन सकारात्मक नजरिये को सहारा देती है।
भारत में दिवाली से मांग सुधरने की उम्मीद, चीन का आयात बढ़ा
Standard Chartered को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में एशिया की भौतिक मांग सोने को कुछ समर्थन देगी। भारत में दिवाली 8 नवंबर को है। Cooper के मुताबिक, त्योहार से पहले खुदरा विक्रेताओं की दोबारा खरीदारी मांग को बढ़ा सकती है; मौसमी मांग की शुरुआत कमजोर रही है।
सितंबर में भारत का सोना आयात सालाना आधार पर 83% घटकर 13.9 टन रहा—जनवरी 2023 के बाद का सबसे निचला मासिक स्तर। साल के पहले नौ महीनों में आयात 17% कम हुआ और पूरे साल का आंकड़ा कम से कम 2020 के बाद सबसे निचले स्तर पर रहने की राह पर है। Cooper ने कहा कि कमजोर मानसून और सोने की ऊंची कीमतों के कारण मौसमी खरीदारी टली। त्योहार की तैयारी में खुदरा विक्रेताओं की खरीद से अगले दो सप्ताह में मांग सुधर सकती है।
चीन का बाजार अपेक्षाकृत मजबूत रहा। सितंबर में वहां सोने का आयात सालाना आधार पर 34% बढ़कर 144.9 टन पहुंचा, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है। साल की शुरुआत से अब तक आयात 1,286 टन रहा—पिछले साल की समान अवधि से 67% अधिक। Cooper ने आगाह किया कि तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई की उम्मीदें बढ़ाती हैं, तो आने वाले हफ्तों में सोना अपने अहम समर्थन स्तरों को फिर परख सकता है।