अमेरिकी सेना ने ईरानी टैंकरों पर पहली प्रतिशोधी हमले की शुरुआत की
1 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के सरकारी तेल टैंकरों पर पहली बार सीधे हमला किया। यह कदम तेहरान की खाड़ी में नौवहन क्षेत्र पर धमकियों को दबाने के लिए अमेरिका की नई टैंकर-प्रतिशोध नीति के तहत किया गया। इस नीति के तहत अमेरिकी प्रशासन ने ‘‘टैंकर-टू-टैंकर’’ जवाबी रणनीति अपनाई है, जो ईरानी जहाजों को निशाना बनाती है जिनपर पहले हमलों में शामिल होने का आरोप है। यह अमेरिकी रणनीति में एक अहम बदलाव है जो ईरानी खतरों को नियंत्रित करने की कोशिश करती है।
लगभग 100 ईरानी सैन्य सुविधाओं पर हमले, ईरानी जवाबी कार्रवाई का कुछ हिस्सा रोका गया
अमेरिका ने इस अभियान में ईरानी लगभग 100 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के वायु रक्षा बेस, रडार सिस्टम, खानों की तैनाती स्थल, संचार केंद्र, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल लॉन्चर और ड्रोन परिसरों शामिल थे। अमेरिकी ड्रोन मिसाइल हमलों ने ईरानी उत्तर तट पर दो तेल टैंकरों के इंजन रूम को निष्क्रिय कर दिया, जो अमेरिकी नौसैनिक घेरा क्षेत्र से बाहर थे।
ईरान ने करीब 25 बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिनमें से लगभग आधी जॉर्डन की हवाई सीमा का उल्लंघन कर गईं। अधिकांश मिसाइलें और ड्रोन उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले अमेरिकी तथा सहयोगी ठिकानों द्वारा मार गिराए गए। ईरानी ड्रोन ने बहरेन और कुवैत में अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर करीब-करीब हमला किया, पर उनमें से अधिकांश को भी रोका गया। इराक के कुर्दिस्तान में स्थित अमेरिकी बेस फिरबिल पर भी दो ईरानी ड्रोन हमलों को प्रभावहीन कर दिया गया। इन सबके बावजूद, अमेरिकी बलों ने कई एंटी-शिप मिसाइलों और ड्रोन को पकड़कर खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
व्यापारिक जहाज खाड़ी में परिचालन जारी, लगभग 40 जहाज सुरक्षित मार्ग से निकले
हमलों के बावजूद, खाड़ी में व्यापारिक नौवहन सामान्य बना रहा। हमले वाले दिन लगभग 40 वाणिज्यिक जहाजों ने बड़ी मात्रा में कच्चे तेल के साथ सुरक्षित मार्ग से गुजरना जारी रखा। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों के लिए सुरक्षित माहौल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नागरिक क्षति पर विवाद, अमेरिकी कमांड ने इनकार किया
ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि अमेरिकी हमलों में दक्षिणी कूहेस्ताक इलाके में एक शादी समारोह प्रभावित हुआ, जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत और 35 घायल होने की खबरें हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन हॉकिंस ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि अमेरिकी सेना ने कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि IRGC ही नागरिकों के लिए खतरा बना हुआ है।
अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान की खाड़ी और क्षेत्रीय नियंत्रण क्षमता कमजोर बताया
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार हालिया ऑपरेशन ने खाड़ी में वाणिज्यिक नौवहन पर ईरान की हमले की क्षमता को काफी हद तक कम कर दिया है। उन्हें उम्मीद है कि अगले महीने के दौरान समुद्री खतरे में उल्लेखनीय कमी आएगी। वहीं, अधिकारियों ने स्वीकार किया कि ईरान अब खाड़ी और मध्य पूर्व के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में सुरक्षा नियंत्रण बनाए रखने में असमर्थ दिख रहा है। आगामी दिनों में ‘‘टैंकर-प्रतिशोध’’ नीति की प्रभावशीलता का आकलन स्पष्ट होगा कि क्या यह ईरानी हमलों को रोक पाती है या नहीं।