फेडरल रिजर्व गवर्नर के बयान से सितंबर में ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदें कम
फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालेर ने हाल ही में संकेत दिया कि यदि आने वाले सप्ताह के महंगाई आंकड़े धीमी महंगाई का आगाज करें, तो वे ब्याज दरों में सितंबर में कोई बदलाव नहीं चाहते। इस बयान से बाजार में तुरंत प्रतिक्रिया आई, जिससे सितंबर में दर वृद्धि की संभावना बुधवार के 63.2% से घटकर लगभग 50.4% पर आ गई। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई, जिससे जोखिम लेने की प्रवृत्ति बढ़ी और अमेरिकी डॉलर दबाव में आया। इसके चलते गुरुवार की दोपहर की ट्रेडिंग में सोना और चांदी के दाम में उल्लेखनीय तेजी देखी गई। सोने की कीमत में लगभग 2% की छलांग लगी और यह $1,511.70 प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि चांदी 2% से अधिक बढ़कर $21.60 प्रति औंस हो गई।
अमेरिकी और यूरोपीय शेयर बाजारों में सुधार, निवेशकों का जोखिम भरा रुख बढ़ा
नॉर्ड अमेरिका की स्टॉक मार्केट ने भी जोखिम भरे रुख को अपनाया, जहाँ नास्डैक कंपोजिट 1.4% उड़ा, एसएंडपी 500 ने 1.1% की बढ़ोतरी दर्ज की और डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगभग 1.2% ऊपर गया। यूरोपीय बाजार भी फेड की नरम मुद्रा नीति के समर्थन से बढ़े- ब्रिटेन का FTSE 100 0.7%, जर्मनी का DAX 0.63%, फ्रांस का CAC 40 0.07% और इटली का FTSE MIB 0.88% ऊपर गया। यह समन्वित उछाल ब्याज दरों में और वृद्धि की कम होती आशंकाओं के बीच बढ़ती बाजार भरोसे को दर्शाता है।
ट्रेजरी यील्ड कम हुए, सोना तकनीकी स्तरों पर मजबूती के करीब
10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 4.77% पर आ गई, जबकि 2-वर्षीय यील्ड 4.34% पर गिर गई, जिससे ब्याज दर-संवेदनशील संपत्तियों पर दबाव आसान हुआ। इस पर सोने ने तकनीकी मजबूती दिखाई और $1,489.87 से $1,538.77 के बीच के रेसिस्टेंस क्षेत्र के करीब पहुंच गया। यदि सोने ने $1,490 के ऊपर स्तर बरकरार रखा, तो यह निकट अवधि में $1,532.67 या उससे ऊपर के रजिस्टरेंस तक पहुंचने की स्थिति में हो सकता है। चांदी ने $21.26 के महत्वपूर्ण समर्थन स्तर को बहाल किया, लेकिन अभी भी $21.72 से $22.14 के बीच रेसिस्टेंस का सामना कर रही है।
आर्थिक संकेतकों में असमंजस, नौकरियों और महंगाई रिपोर्ट से दिशा तय होगी
इस सप्ताह जारी आर्थिक आंकड़ों ने मिश्रित संकेत दिए हैं। अगस्त का ISM सर्विसेज इंडेक्स 54.1 से बढ़कर 55.4 हो गया, जबकि कीमतों के घटक में 72.6 की तेजी आई, जो अक्टूबर 2022 के बाद सबसे ज्यादा है, जो कीमतों पर दबाव बरकरार होने को दिखाता है। हालांकि, रोजगार सूचकांक 47.8 पर बना हुआ है, जो वृद्धि क्षेत्र से नीचे है और बाजार में रोजगार संबंधी चुनौतियों की तरफ इंगित करता है। निवेशकों की नजर शुक्रवार को आने वाली अगस्त की गैर-कृषि मजदूरी रिपोर्ट और 11 सितंबर की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) रिपोर्ट पर है, जो फेड की मुद्रा नीति के रुख को तय करेगी।
भू-राजनीतिक तनावों के कारण तेल की कीमतों में सीमित वृद्धि, महंगाई और सोने पर असर
भू-राजनीतिक मोर्चे पर, फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ गया है, जब ईरान ने अमेरिकी सैन्य हवाई हमलों के जवाब में कुवैत को रॉकेट हमला किया। इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग पर बढ़ते जोखिमों के बावजूद, गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में सीमित उछाल ही देखने को मिली। WTI क्रूड $91.30 प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड $95.52 के करीब बंद हुआ। तेल की उच्च कीमतें महंगाई दबाव बनाए रखे हुए हैं, जिससे सोने की कीमतों में संभावित तेजी सीमित हो रही है जो फेड की स्थिरता की उम्मीदों पर निर्भर हो सकती थी।
तकनीकी संकेत और आगामी आंकड़े तय करेंगे सोना-चांदी की दिशा
कुल मिलाकर सोने और चांदी की हालिया तेजी मुख्यतः ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और डॉलर की कमजोरी के कारण आई है, न कि महंगाई दबाव में स्पष्ट कमी के कारण। आने वाले गैर-कृषि मजदूरी और CPI डेटा बाजार की दिशा के लिए निर्णायक होंगे। मजबूत रोजगार और वेतन वृद्धि डॉलर और ट्रेजरी यील्ड को पुष्ट कर सकती है, जो कीमती धातुओं पर दबाव डाल सकती है। मौजूदा तकनीकी समर्थन सोने के लिए लगभग $1,436 और चांदी के लिए $20.26 के आसपास है, और निकट अवधि में इनमें उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
व्यापारी और निवेशक निकट भविष्य में जारी होने वाले प्रमुख मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़ों पर नजर बनाए रखें, क्योंकि ये रिपोर्टें कीमती धातुओं के दाम और व्यापक बाजार भावना को प्रभावित करेंगी।