महंगाई आंकड़ों से सामने आया फेड की नीति का जटिल परिदृश्य
अमेरिकी श्रम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में माहाना आधार पर 0.4% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है, जो जुलाई के 0.1% से काफी अधिक है। वार्षिक महंगाई दर 3.4% बनी रही। इस वृद्धि में गैसोलीन की कीमतों का बड़ा योगदान था, जो 3.9% बढ़ीं और कुल मासिक मुद्रास्फीति के एक-तिहाई से अधिक का हिस्सा थीं। ऊर्जा की कुल कीमतें 2.1% बढ़ीं, जो इस महीने महंगाई में ऊर्जा की महत्ता को दर्शाती हैं।
खाद्य और ऊर्जा जैसे अस्थिर क्षेत्रों को हटाकर देखे तो कोर CPI में भी माहाना 0.3% का इजाफा हुआ, जो जुलाई के 0.2% से ज्यादा है। हालांकि, सालाना कोर मुद्रास्फीति थोड़ा घटकर 2.4% रह गई। इससे संकेत मिलता है कि बुनियादी मुद्रास्फीति दबाव में धीरे-धीरे कमी आ रही है, पर हाल की तेजी चिंता का विषय बनी हुई है।
फेड के अधिकारी महंगाई पर ध्यान बनाए रखें
फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने 3 सितंबर को कहा कि अगर कोर मुद्रास्फीति में सुधार होता रहा तो वे मौजूदा ब्याज दरों को स्थिर रखने के पक्ष में हैं, लेकिन यदि महंगाई फिर से बढ़ती है तो सितंबर में दर बढ़ोतरी की संभावना भी बनी हुई है। वालर ने बताया कि ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव अल्पकालिक हो सकते हैं, लेकिन महंगाई दबाव पूरे अर्थव्यवस्था में फैल रहे हैं या नहीं, यह देखने की जरूरत है—जो अभी स्पष्ट नहीं है।
महंगाई रिपोर्ट से मिले मिश्रित संकेतों ने फेड की 15-16 सितंबर की बैठक से पहले बाजार की अस्थिरता बढ़ा दी है। फ्यूचर्स बाजारों ने 25 बेसिस पॉइंट की दर बढ़ोतरी की संभावना 70% से बढ़ाकर 85% कर दी है, जो कोर मुद्रास्फीति में संभावित वृद्धि पर निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाता है।
बिटकॉइन के भाव में मुद्रास्फीति से जुड़ी चपलता
अमेरिकी शेयर बाजार सप्ताह के अंत में बिटकॉइन के दाम 2% से अधिक बढ़कर लगभग $78,683 तक पहुंचे। हालांकि, विकेंद्रीकृत बाजार में तरलता कम होने के कारण सप्ताहांत तक कीमत लगभग $77,500 पर स्थिर हुई। यह उतार-चढ़ाव निवेशकों की मुद्रास्फीति और नीति निर्धारण की अनिश्चितताओं से जुड़ी आशंकाओं को दर्शाता है।
सितंबर में ऊर्जा कीमतों का महंगाई पर दबाव बना रहेगा
यह ध्यान रहे कि अगस्त के CPI आंकड़ों में उस समय की तेल कीमतों में तेज वृद्धि शामिल नहीं है, जो महीने के अंत में देखी गई। यदि ऊर्जा की कीमतें सितंबर में भी तेजी से बढ़ती रहीं, तो यह महंगाई पर दबाव और बढ़ा सकता है, जो आने वाले मुद्रास्फीति रिपोर्टों और बाजार की उम्मीदों को प्रभावित करेगा। यह फेड और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण विषय बना रहेगा।
संक्षेप में, अगस्त के महंगाई आंकड़ों ने गैसोलीन की बढ़ी हुई कीमतों को महंगाई में मुख्य घटक के रूप में उजागर किया, जबकि कोर मुद्रास्फीति की अप्रत्याशित वृद्धि दर्शाती है कि मुद्रास्फीति दबाव पूरी तरह कम नहीं हुए हैं। नीति निर्माता और बाजार अब ऊर्जा की कीमतों में हो रहे परिवर्तनों पर निगाह बनाए हुए हैं, ताकि आगामी महंगाई और ब्याज दर नीति के असर को समझा जा सके।