फेड के संकेतों से KOSPI में मजबूती
शुक्रवार को दक्षिण कोरिया का प्रमुख KOSPI सूचकांक 1.14% बढ़कर 6,650 अंकों पर बंद हुआ, जो 74.88 अंकों की तेजी दर्शाता है। यह उछाल अमेरिका के फेडरल रिजर्व गवर्नर क्रिस्टोफर वालेर के उस इशारे के बाद आया कि संभवतः सितंबर में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। साथ ही, मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनावों में कमी से एशियाई बाजारों में बिकवाली का दबाव घटा और ये भी तेजी में योगदान करने वाले कारक रहे।
फेड गवर्नर वालेर का रुख: दरों में विराम
गुरुवार को वालेर ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि फेडरल फंड्स की दर 3.5% से 3.75% की वर्तमान स्थिति को सितंबर में बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। इस बयान ने बॉन्ड यील्ड्स में गिरावट लाई और इस महीने और अधिक ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों को काफी कम कर दिया। इससे न केवल दक्षिण कोरिया के बाजार को फायदा हुआ बल्कि जापान का निक्की 225 और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स भी बढ़े। दक्षिण कोरिया के तकनीकी क्षेत्र केंद्रित Kosdaq सूचकांक में भी विशेष तेजी देखी गई।
अमेरिकी शेयर बाजार का मजबूत प्रदर्शन
अमेरिका के स्टॉक इंडेक्स ने भी गुरुवार को मजबूती दिखाई, जिसमें डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.18% चढ़ा जो कि 4 अगस्त के बाद का सबसे अच्छा प्रदर्शन था। S&P 500 और Nasdaq कंपोजिट क्रमशः 1.06% और 1.4% बढ़े। यह तीन सप्ताह लगातार सकारात्मक रिटर्न के संकेत देता है और वैश्विक जोखिम लेने की प्रवृत्ति को समर्थन देता है।
अमेरिकी अगस्त रोजगार रिपोर्ट पर नजर
अब बाजार की नजर शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल्स रिपोर्ट पर टिकी है। यह रोजगार आंकड़ा नौकरियों की वृद्धि और बेरोजगारी दर के बारे में महत्वपूर्ण संकेत देता है, जो फेड की मौद्रिक नीति दिशा और वैश्विक आर्थिक स्थिति पर प्रभाव डालता है। हाल के राजनीतिक तनावों और घरेलू आर्थिक उतार-चढ़ाव के बीच इस रिपोर्ट के परिणाम निवेशकों के लिए विशेष महत्व रखते हैं।
फेड के ब्याज दर स्थिर रखने के संकेत ने KOSPI समेत कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों को सकारात्मक दिशा दी है। निवेशक अब भविष्य की नीतिगत स्पष्टता के लिए आर्थिक आंकड़ों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।