फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दर का लक्ष्य 3.75% से 4% के दायरे में बनाए रखा। यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुरूप था, लेकिन आगे की नीति को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया गया। घोषणा के बाद हाजिर सोना 0.60% गिरकर 4,035.48 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। फेड ने कहा कि अगला कदम आने वाले आर्थिक और महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगा।
फेड ने दरों का दायरा 3.75% से 4% पर कायम रखा
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के मुताबिक, मौजूदा फैसला उसके दोहरे दायित्व और बैंकिंग व्यवस्था में पर्याप्त रिजर्व बनाए रखने की नीति के अनुरूप है। फिलहाल इससे अल्पकालिक उधारी की लागत में कोई बदलाव नहीं हुआ।
फेड ने अमेरिकी आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार को मजबूत बताया। घरेलू खर्च लचीला बना रहा, उत्पादकता में अच्छी वृद्धि हुई और पूंजी निवेश भी टिकाऊ रहा। रोजगार में बढ़ोतरी श्रमबल के आकार के अनुरूप रही, जबकि बेरोजगारी दर में बहुत कम बदलाव हुआ। समिति ने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रम समेत कई कारणों से अनिश्चितता अब भी ऊंची है।
कुक और हैमैक ने दरें बढ़ाने के पक्ष में मत दिया
लिसा कुक और बेथ हैमैक ने असहमति जताई। उन्होंने दरें स्थिर रखने के फैसले और उसके साथ जारी बयान—दोनों का विरोध किया। दोनों की राय थी कि इस बैठक में फेडरल फंड्स दर का लक्ष्य 25 आधार अंक बढ़ाया जाना चाहिए। 10-2 का मतदान दरें यथावत रखने के पक्ष में व्यापक समर्थन दिखाता है, हालांकि नीति के फैसले पर मतभेद भी सामने आए।
फेड ने यह भी कहा कि महंगाई अब भी ऊंची बनी हुई है। उसके मुताबिक, यह तय करने के लिए और जानकारी चाहिए कि महंगाई को समय रहते 2% के लक्ष्य तक लाने के लिए किस तरह की मौद्रिक नीति अपनाई जाए। समिति ने मूल्य स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, लेकिन यह नहीं बताया कि अगली बैठक में दरें बढ़ेंगी, घटेंगी या स्थिर रहेंगी।
फैसले के बाद हाजिर सोना 0.60% गिरा
घोषणा के बाद हाजिर सोना 4,035.48 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जो दिन के मुकाबले 0.60% कम था। सोने की कीमतें ब्याज दरों की उम्मीदों के प्रति संवेदनशील होती हैं। निवेशकों ने महंगाई और आर्थिक हालात पर फेड की टिप्पणियों के साथ-साथ समिति के बंटे हुए मतदान का भी आकलन किया। भविष्य की दरों का स्पष्ट रास्ता न मिलने से बाजार की उम्मीदें नए आंकड़ों के अधीन रहेंगी।
कीमती धातुओं के बाजार के लिए ब्याज दरों की दिशा और महंगाई अहम बने हुए हैं। फेड ने आर्थिक वृद्धि और रोजगार को स्थिर बताया, साथ ही महंगाई के ऊंचे स्तर पर रहने की बात कही। दो अधिकारियों ने दरें बढ़ाने का समर्थन किया, लेकिन समिति ने आगे की कार्रवाई को लेकर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई। सोने में 0.60% की गिरावट फैसले के बाद बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया को दर्शाती है।