ग्वांगडोंग में एल नीनो से जलविद्युत और पवन ऊर्जा उत्पादन प्रभावित होने के बाद बिजली कंपनियां अधिक महंगी प्राकृतिक गैस आधारित बिजली पर लौट रही हैं। औद्योगिक बिजली मांग बढ़ने के साथ यह बदलाव बिजली आपूर्तिकर्ताओं की ईंधन लागत बढ़ा रहा है और गैस भंडार तथा उत्पादन इकाइयों के संचालन को बाजार के प्रमुख केंद्र में ला रहा है।
मौसम से जलविद्युत और पवन उत्पादन प्रभावित
ग्वांगडोंग चीन के सबसे बड़े औद्योगिक और बिजली खपत वाले क्षेत्रों में शामिल है। इसकी अर्थव्यवस्था का आकार लगभग स्पेन के बराबर है। एल नीनो से जुड़े मौसम परिवर्तनों ने जलविद्युत और पवन ऊर्जा उत्पादन की उपलब्धता घटा दी है। नतीजतन, बिजली की वह आपूर्ति कम हुई है जो आमतौर पर इन अपेक्षाकृत कम लागत वाले स्रोतों से आती थी।
मांग लगातार बढ़ने के बीच स्थानीय बिजली कंपनियों के पास विकल्प सीमित हैं। उपयोगिताएं ईंधन भंडार को तेजी से फिर भर रही हैं और निष्क्रिय पड़ी गैस आधारित इकाइयों को दोबारा शुरू कर रही हैं। इसका उद्देश्य कमजोर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन से पैदा हुई कमी को पूरा करना है।
गैस संयंत्रों की वापसी से आपूर्ति लागत बढ़ी
गैस आधारित बिजली उत्पादन की ईंधन लागत आमतौर पर जलविद्युत और पवन ऊर्जा से अधिक होती है। गैस इकाइयों को फिर से चालू करने से ग्वांगडोंग की प्राकृतिक गैस खरीद की जरूरत बढ़ती है और बिजली उत्पादन की सीमांत लागत ऊपर जा सकती है। बिजली कंपनियों के लिए भंडार भरने की गति, गैस खरीद की कीमत और उपलब्ध उत्पादन इकाइयां मांग में उतार-चढ़ाव संभालने की क्षमता को सीधे प्रभावित करेंगी।
उत्पादन मिश्रण में यह बदलाव यह भी दिखाता है कि बिजली बाजार मौसम की स्थिति के प्रति कितना संवेदनशील है। जब जलविद्युत और पवन उत्पादन एक साथ कमजोर होते हैं, तब गैस संयंत्र अपेक्षाकृत लचीले बैकअप स्रोत के रूप में काम कर सकते हैं। हालांकि, प्रभावित नवीकरणीय स्रोतों की तुलना में उनकी परिचालन लागत अधिक रहती है। यदि एल नीनो का असर जारी रहता है, तो ग्वांगडोंग के आपूर्तिकर्ताओं को बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और ईंधन लागत के बीच संतुलन बनाने के लिए उत्पादन संचालन में अधिक बार बदलाव करना पड़ सकता है।
औद्योगिक मांग पर बाजार की नजर
ग्वांगडोंग का औद्योगिक आधार इतना बड़ा है कि बिजली खपत में बदलाव का असर ईंधन खरीद और उत्पादन संचालन पर तेजी से पड़ता है। बाजार के लिए मुख्य सवाल केवल यह नहीं है कि किसी एक बिजली स्रोत की उपलब्धता कम है। अहम बात यह है कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन घटने और औद्योगिक मांग बढ़ने पर गैस आधारित उत्पादन कितनी जल्दी उसकी जगह ले सकता है, और इस प्रक्रिया के दौरान गैस भंडार स्थिर रह पाते हैं या नहीं।
21 अक्टूबर 2026 तक ग्वांगडोंग की बिजली कंपनियों ने प्राकृतिक गैस का भंडार फिर बढ़ाना और निष्क्रिय गैस आधारित इकाइयों को दोबारा सेवा में लाना शुरू कर दिया था। इस अवधि में बिजली लागत और बाजार संचालन पर वास्तविक असर जलविद्युत तथा पवन उत्पादन की वापसी, बिजली मांग में आगे होने वाले बदलाव और गैस आपूर्ति की स्थिति से तय होगा।