अमेरिका के श्रम बाजार की मजबूती ने सोने की कीमत पर दबाव बढ़ा दिया है। श्रम विभाग ने 22 अक्टूबर को बताया कि 17 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में शुरुआती बेरोजगारी दावे मौसमी समायोजन के बाद घटकर 194,000 रह गए। बाजार का अनुमान 200,000 दावों का था। इससे पिछले सप्ताह का आंकड़ा 199,000 से संशोधित होकर 200,000 हो गया।
यह आंकड़ा जुलाई के अंत के बाद सबसे कम है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान हाजिर सोना अधिकांश समय दबाव में रहा। दिन के निचले स्तर से कुछ सुधार के बावजूद गिरावट बनी रही और सोना लगभग 1.5% नीचे 4,076 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। 4,100 डॉलर के नीचे आने के बाद अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कीमत 4,000 डॉलर के आसपास टिकती है या नहीं।
शुरुआती बेरोजगारी दावे घटकर 194,000
साप्ताहिक उतार-चढ़ाव को समतल करने वाला चार सप्ताह का औसत भी घटा। 17 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में यह पिछले सप्ताह के संशोधित 198,500 से कम होकर 197,750 रह गया।
शुरुआती दावों और चार सप्ताह के औसत में एक साथ गिरावट से संकेत मिलता है कि अमेरिकी कंपनियों ने अभी छंटनी में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं की है। इससे निकट अवधि में श्रम बाजार की स्थिति में तेज गिरावट की आशंकाएं भी कुछ कम हुई हैं।
हालांकि, लगातार बनी महंगाई फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति में नरमी की गुंजाइश सीमित कर रही है। बाजार प्रतिभागियों ने कहा कि उत्पादक मूल्य सूचकांक में 6.3% की वृद्धि हुई है, जबकि छंटनी में अभी कोई उल्लेखनीय तेजी नहीं आई। इन दोनों कारकों से ऊंची ब्याज दरों वाली नीति जारी रहने की संभावना को समर्थन मिलता है। आम तौर पर ऊंची दरें सोना रखने की अवसर लागत बढ़ाती हैं और डॉलर तथा बॉन्ड यील्ड के जरिए इसकी कीमत पर दबाव डाल सकती हैं।
GivTrade के तकनीकी विश्लेषक वलीद सईद ने कहा कि रोजगार के आंकड़े छंटनी में तेजी का संकेत नहीं देते। उनके अनुसार, उत्पादक मूल्य के आंकड़ों के साथ मिलाकर देखा जाए तो इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व को तत्काल नीति नरम करने की बहुत कम वजह मिलती है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि शुरुआती बेरोजगारी दावों का मजबूत आंकड़ा श्रम बाजार के हर हिस्से में समान मजबूती का अर्थ नहीं है।
लगातार दावे बढ़कर 17.28 लाख
10 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में लगातार बेरोजगारी दावे बढ़कर 1.728 मिलियन हो गए। इससे संकेत मिलता है कि नई नौकरियों के नुकसान की संख्या सीमित रहने के बावजूद, नौकरी गंवा चुके लोगों को नई स्थिति पाने में अधिक समय लग रहा है।
सईद ने मौजूदा स्थिति को कम छंटनी लेकिन धीमी भर्ती का पैटर्न बताया। इस दृष्टिकोण से श्रम बाजार में नरमी नए रोजगार गंवाने वालों की संख्या की तुलना में दोबारा रोजगार पाने की गति में अधिक स्पष्ट दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि मजबूत रोजगार आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की अपेक्षाकृत कड़ी नीति का मेल एक ही समय में सोने पर दबाव डाल रहा है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहने के बावजूद, ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड में बदलाव फिलहाल बाजार कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं।
4,000 डॉलर का स्तर बना अहम सहारा
Capital.com में मार्केट रिसर्च प्रमुख मोंटे सफीद्दीन ने कहा कि सोने के 4,100 डॉलर से नीचे आने के बाद अगला महत्वपूर्ण स्तर 4,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास का सपोर्ट है। उनके अनुसार, यह स्तर केवल तकनीकी सीमा नहीं है, बल्कि ब्याज दरों को लेकर सट्टा निवेशकों की बदलती उम्मीदों को भी दर्शाता है।
अगर सोना स्पष्ट रूप से 4,000 डॉलर से नीचे जाता है, तो इसे इस संकेत के रूप में देखा जा सकता है कि बाजार आसान मौद्रिक नीति की उम्मीद से दूर जा रहा है और लगातार महंगाई, ऊंची यील्ड तथा मजबूत डॉलर के संयोजन को कीमतों में शामिल कर रहा है।
सोने के लिए बाजार में परस्पर विरोधी कारक मौजूद हैं। भू-राजनीतिक जोखिम आम तौर पर सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में सोने की मांग को सहारा दे सकता है। लेकिन अगर ऐसे किसी झटके से तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो महंगाई का दबाव तेज हो सकता है और केंद्रीय बैंकों के लिए ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश और सीमित हो सकती है।
सफीद्दीन ने कहा कि जब तक भू-राजनीतिक तनाव इतना नहीं बढ़ता कि बाजार में व्यापक जोखिम-विमुखता पैदा हो, तब तक शुरुआती प्रतिक्रिया में सोने में लगातार तेजी के बजाय कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड—दोनों में बढ़ोतरी हो सकती है। सोने की अगली दिशा रोजगार, महंगाई, डॉलर और वास्तविक ब्याज दरों के बीच संबंध पर निर्भर रहेगी।