नाइजीरियाई फिनटेक कंपनी OPay ने न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) पर कारोबार शुरू होने से ठीक पहले 30.4 करोड़ डॉलर का अमेरिकी IPO रोक दिया। कंपनी ने एक ऐसी नियामकीय पूछताछ का हवाला दिया जिसका उसके कारोबार पर सीमित असर है, लेकिन न तो संबंधित नियामक का नाम बताया और न ही पूछताछ का विषय। OPay और अंडरराइटरों ने अंडरराइटिंग समझौता समाप्त करने पर सहमति जताई है।
19 डॉलर प्रति शेयर पर कीमत तय करने के बाद IPO वापस
शुक्रवार तड़के OPay ने घोषणा की थी कि उसने शेयरों का निर्गम मूल्य 19 डॉलर रखा है। यह कंपनी की पहले बताई गई 19 से 21 डॉलर की सीमा का निचला स्तर था। कीमत और कारोबार शुरू होने का कार्यक्रम घोषित होने के बावजूद OPay के शेयरों की NYSE पर ट्रेडिंग शुरू नहीं हुई।
अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) में दाखिल Form 6-K में OPay ने कहा कि पूछताछ पर विचार करने और अंडरराइटरों से सलाह लेने के बाद उसने फिलहाल IPO आगे न बढ़ाने को उचित कदम माना। कंपनी को उम्मीद है कि निकट भविष्य में पूछताछ का संतोषजनक समाधान हो जाएगा, लेकिन उसने अधिक जानकारी नहीं दी और नियामक की पहचान भी नहीं बताई। सोशल मीडिया पोस्ट में OPay ने कहा कि पूछताछ जारी रहने के दौरान भी वह ग्राहकों और कारोबारी साझेदारों को सामान्य रूप से सेवाएं दे रही है।
शेयरों की कीमत तय होने के बाद IPO वापस लेना असामान्य है, हालांकि ऐसा पहले भी हुआ है। Renaissance Capital के वरिष्ठ IPO बाजार रणनीतिकार मैथ्यू कैनेडी ने कहा कि पूछताछ किसी ऐसे छोटे बाजार से जुड़ी हो सकती है जहां OPay की मौजूदगी है—जैसे मिस्र या पाकिस्तान—या फिर ऐसे देश से जहां उसकी सहायक कंपनियां हैं, जिनमें संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन शामिल हैं। उन्होंने OPay और Standard Bank के बीच संभावित साझेदारी से जुड़े एक मामले की भी संभावना जताई। ये कैनेडी की ओर से बताई गई संभावनाएं थीं; OPay ने इन्हें पूछताछ का कारण नहीं बताया।
Standard Bank का 20 करोड़ डॉलर तक निवेश प्रस्ताव
OPay के F-1 पंजीकरण दस्तावेज के मुताबिक, Standard Bank ने शेयर खरीदकर 20 करोड़ डॉलर तक निवेश करने पर सहमति दी थी। IPO के बाद बैंक की हिस्सेदारी एक तय फॉर्मूले के अनुसार निर्धारित होनी थी और 4.99% तक सीमित रखी जानी थी। Standard Bank की सहायक कंपनी Stanbic Africa Holdings Limited ने अगस्त में OPay के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। लिस्टिंग के बाद Standard Bank के अफ्रीका कारोबार प्रमुख लुंगिसा फुज़िले के OPay बोर्ड में शामिल होने की उम्मीद थी।
IPO के लिए Citigroup, Standard Bank of South Africa Limited और Deutsche Bank की हांगकांग शाखा को संयुक्त बुक-रनिंग मैनेजर नियुक्त किया गया था। Standard Bank और Deutsche Bank ने टिप्पणी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया, जबकि Citigroup ने टिप्पणी करने से इनकार किया। अंडरराइटिंग व्यवस्था समाप्त होने के बाद, इस IPO के तहत प्रस्तावित Standard Bank निवेश और फुज़िले की बोर्ड नियुक्ति आगे नहीं बढ़ी।
शुरुआती संकेत निर्गम मूल्य से नीचे
शुक्रवार दोपहर OPay के शेयर 16.25 से 16.75 डॉलर पर खुलने के संकेत दे रहे थे—19 डॉलर के निर्गम मूल्य से कम। हालांकि, कारोबार शुरू नहीं हुआ। कैनेडी ने कहा कि शुक्रवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज बिकवाली भी बाजार की पृष्ठभूमि का हिस्सा थी। उनके मुताबिक, शुरुआती संकेतों को देखते हुए IPO में निवेश करने वाले संभावित निवेशक इसके रुकने से खास निराश नहीं होते।
OPay ने 9 अक्टूबर को IPO के लिए पहली बार दस्तावेज दाखिल किए थे और 23 अक्टूबर को संशोधित आवेदन में 19 से 21 डॉलर की मूल्य सीमा जोड़ी थी। कंपनी ने 2018 में भुगतान सेवा कारोबार के रूप में शुरुआत की थी। पहले जारी जानकारी के अनुसार, नाइजीरिया, मिस्र, पाकिस्तान और इंडोनेशिया में उसके करीब 5 करोड़ उपयोगकर्ता थे।
अपनी पहली वित्तीय जानकारी में OPay ने 2026 की पहली छमाही के लिए 9.1 करोड़ डॉलर की शुद्ध आय और 46.7 करोड़ डॉलर का राजस्व दर्ज किया। कंपनी पहले SoftBank, IDG Capital, HSG, GSR Ventures और Source Code Capital समेत निवेशकों से 27 करोड़ डॉलर से अधिक जुटा चुकी है।
पूछताछ किस नियामक और किस मामले से जुड़ी है, यह अब भी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में IPO की कीमत, Standard Bank का प्रस्तावित निवेश और बोर्ड से जुड़े इंतजाम आगे नहीं बढ़े हैं। OPay का कहना है कि उसका कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है; अमेरिकी लिस्टिंग पर दोबारा विचार कब होगा, यह पूछताछ के नतीजे पर निर्भर करेगा।