OpenAI के मुताबिक, ChatGPT पर खोज-जैसी क्वेरी की मात्रा अब Google की करीब पांचवीं हिस्सेदारी के बराबर है। यह आंकड़ा पारंपरिक सर्च के साथ चैटबॉट की प्रतिस्पर्धा का संकेत देता है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि ChatGPT के 1.2 अरब साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं में कितने लोग जानकारी खोजने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं या लोग कितनी तेजी से पारंपरिक सर्च से दूर जा रहे हैं।
OpenAI: ChatGPT की खोज-जैसी क्वेरी Google की 20% हैं
OpenAI के उपभोक्ता उत्पाद प्रमुख Adam Fry ने कहा कि ChatGPT पर “खोज-जैसी” क्वेरी की मात्रा Google की करीब 20% है। OpenAI ने न तो क्वेरी की कुल संख्या बताई और न ही यह समझाया कि वह इन खोजों को कैसे परिभाषित और मापता है। इसलिए AI टूल की ओर बदलाव की रफ्तार का आकलन सीमित रहता है।
OpenAI का कहना है कि ChatGPT के साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं की संख्या 1.2 अरब है। लोग इसका इस्तेमाल कोड लिखने, तस्वीरें बनाने, बातचीत करने और जानकारी खोजने के लिए करते हैं। कंपनी ने यह नहीं बताया कि इन गतिविधियों में हर काम का हिस्सा कितना है। फिर भी, यह आंकड़ा सर्च ट्रैफिक के लिए एक नए प्रतिस्पर्धी की ओर इशारा करता है। यह बाजार तकनीकी कंपनियों के बीच उपयोगकर्ताओं का ध्यान और डिजिटल विज्ञापन हासिल करने की होड़ के लिए अहम है।
इस गर्मी में प्रकाशित Pew Research Center के सर्वेक्षण में अमेरिका के 42% वयस्कों ने कहा कि उन्होंने जानकारी खोजने के लिए AI का इस्तेमाल किया है। सर्वेक्षण में दिए गए विकल्पों में यह AI का सबसे आम उपयोग था। नौकरीपेशा प्रतिभागियों में 38% ने काम से जुड़े कार्यों के लिए AI इस्तेमाल करने की बात कही। सर्वेक्षण केवल ChatGPT तक सीमित नहीं था, लेकिन नतीजों में यही सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला AI टूल था: 44% वयस्कों ने इसे आजमाया था, जबकि Google Gemini के लिए यह आंकड़ा 24% था।
Google का सर्च कारोबार अब भी कहीं बड़ा
Google के अनुसार, उसकी सर्च सेवा सालाना 5 ट्रिलियन खोजें संभालती है। सर्च लंबे समय से Alphabet के बड़े कारोबारों में शामिल है और कंपनी की कमाई का अहम स्रोत रहा है। ChatGPT की खोज-जैसी क्वेरी का Google की बताई गई मात्रा के करीब पांचवें हिस्से तक पहुंचना दोनों कंपनियों को बराबरी पर नहीं लाता। अकेले इस आंकड़े से यह भी साबित नहीं होता कि Google का सर्च ट्रैफिक या राजस्व घट रहा है।
हालांकि, हाल के वर्षों में कुछ उपयोगकर्ताओं ने Google के नतीजों की प्रासंगिकता और गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। सर्च इंजन के लिए अनुकूलित वेबपेजों की अधिकता से उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी जल्दी ढूंढना मुश्किल हो सकता है। कभी-कभी लोग व्यक्तिगत अनुभव वाली चर्चाएं खोजने के लिए Google क्वेरी में “Reddit” जोड़ते हैं। इस चलन से Reddit जैसे मंचों पर ट्रैफिक पहुंचा।
Reddit ने हाल में कहा कि Google सर्च से मिलने वाला ट्रैफिक घटा है और कंपनी को इसके लौटने की उम्मीद नहीं है। Reddit ने इस बदलाव के एक कारण के तौर पर Google के AI Overviews का उल्लेख किया। यानी AI का असर केवल चैटबॉट और उपयोगकर्ताओं के बीच प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है; इससे यह भी बदल सकता है कि पारंपरिक सर्च इंजन दूसरी वेबसाइटों तक लोगों को कैसे पहुंचाते हैं।
AI के जवाबों की सटीकता अब भी चुनौती
ChatGPT उपयोगकर्ताओं को वेबपेजों की सूची छांटे बिना सीधे जवाब दे सकता है। लेकिन जनरेटिव AI गलत जानकारी भी दे सकता है। Google के अपने AI टूल भी अविश्वसनीय सुझाव दे चुके हैं, जिनमें पिज्जा पर गोंद लगाने की सलाह शामिल थी। सिस्टम में सुधार के बावजूद, तथ्यात्मक दावों की पुष्टि करना जरूरी रहता है।
Alphabet के CEO Sundar Pichai ने पिछले साल चैटबॉट से प्रतिस्पर्धा पर बात करते हुए कहा था कि संवादात्मक उत्पादों के करोड़ों उपयोगकर्ता होने के बावजूद Google की क्वेरी संख्या बढ़ रही थी। उन्होंने TikTok और YouTube का उदाहरण देते हुए कहा कि नए मंचों के विस्तार से बाजार जरूरी नहीं कि शून्य-योग प्रतिस्पर्धा बन जाए। उस समय ChatGPT से मुकाबले पर टिप्पणी मांगने पर Google ने तुरंत जवाब नहीं दिया था।
ChatGPT की रफ्तार बढ़ने पर Google ने 2022 में “red alert” घोषित किया था। अब ChatGPT की खोज-जैसी क्वेरी Google की बताई गई मात्रा के करीब पांचवें हिस्से तक पहुंच गई है, लेकिन दोनों कंपनियों ने उपयोगकर्ता बनाए रखने, प्रति उपयोगकर्ता क्वेरी की आवृत्ति या कमाई की तुलना के लिए पर्याप्त आंकड़े जारी नहीं किए हैं। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि अधिक लोग खोज के विकल्पों में चैटबॉट भी शामिल कर रहे हैं। जवाबों की सटीकता और Google से दूसरी वेबसाइटों को मिलने वाले ट्रैफिक में बदलाव इस प्रतिस्पर्धा को मापने के अहम संकेत बने हुए हैं।