मंगलवार को तेल वायदा में तेज उतार-चढ़ाव के बाद कीमतें नीचे आईं। अमेरिकी बलों ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिन्हें अधिकारियों ने सीमित और रक्षात्मक कार्रवाई बताया। अमेरिकी कच्चा तेल 96 डॉलर प्रति बैरल से कुछ ऊपर रहा, जबकि ब्रेंट करीब 1% गिरकर 103 डॉलर के आसपास आ गया। संघर्ष को लेकर अनिश्चितता के बीच Exxon Mobil और Chevron के शेयरों में भी गिरावट जारी रही।
अमेरिकी कच्चे तेल का दायरा 93.59 से 98.82 डॉलर
मंगलवार देर सुबह तक अमेरिकी कच्चे तेल का वायदा मामूली गिरावट के साथ 96 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था। सत्र के शुरुआती हिस्से में दिसंबर अनुबंध 93.59 से 98.82 डॉलर के बीच रहा। सैन्य कार्रवाई की खबर के बाद कारोबारियों ने आपूर्ति से जुड़े जोखिमों का फिर आकलन किया। ब्रेंट वायदा करीब 1% नीचे, लगभग 103 डॉलर पर था।
अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार की कार्रवाई को ईरानी सैन्य सुविधाओं पर सीमित, रक्षात्मक और लक्षित हमला बताया; उनका कहना था कि यह पूर्ण पैमाने पर युद्ध की वापसी नहीं है। हमले मंगलवार को अमेरिकी मध्यावधि चुनाव समाप्त होने से एक दिन पहले हुए। राष्ट्रपति ट्रंप पहले कह चुके थे कि चुनाव दिवस के बाद ईरान के साथ शत्रुता फिर शुरू हो सकती है। इसलिए बाजार की नजर हमले के दायरे के साथ-साथ तनाव और बढ़ने की आशंका पर भी रही।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़ी आपूर्ति पर नजर
ईरान के साथ युद्ध चौथे महीने में प्रवेश कर चुका है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य का बंद रहना वैश्विक तेल भंडार तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर ध्यान बनाए हुए है। ऊर्जा शिपमेंट के लिए यह एक अहम मार्ग है; यहां सैन्य गतिविधि या जहाजरानी की स्थितियों में बदलाव से कच्चे तेल की उपलब्धता को लेकर बाजार की धारणाएं बदल सकती हैं।
हाल के उतार-चढ़ाव में कारोबारियों ने घटनाक्रम के साथ अपने जोखिम आकलन बदले हैं। सोमवार के हमलों के बारे में अब तक जारी जानकारी से यह संकेत नहीं मिला है कि कार्रवाई पूर्ण पैमाने के युद्ध में तब्दील हुई है।
Exxon Mobil और Chevron के शेयरों में गिरावट जारी
मंगलवार को ऊर्जा कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। Exxon Mobil करीब 1% गिरा, जबकि सोमवार को इसमें 4% की गिरावट आई थी। Chevron लगभग 1% नीचे रहा; पिछले कारोबारी सत्र में इसका शेयर 3.3% गिरा था। कच्चे तेल की कीमतों के साथ इन शेयरों में भी कमजोरी आई, क्योंकि निवेशक संभावित आपूर्ति बाधाओं के अलावा तेल कीमतों में बदलाव का ऊर्जा कंपनियों पर असर भी तौल रहे थे।
मंगलवार को अमेरिकी कच्चा तेल 96 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर और ब्रेंट करीब 103 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी अधिकारी सोमवार की कार्रवाई को सीमित बता रहे थे। तेल आपूर्ति के जोखिमों का बाजार आकलन होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति और आगे के सैन्य घटनाक्रम पर निर्भर बना हुआ है।