सोमवार को हाजिर सोना 2% उछलकर 3,952.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। एक साल से अधिक समय के निचले स्तर पर गिरने के बाद कम कीमतों पर खरीदारी लौटी, लेकिन Pepperstone के बाजार रणनीतिकार वू दिलिंग ने कहा कि हालिया गिरावट का दबाव कम करने के लिए सोने को फिर 4,000 डॉलर के ऊपर जाना होगा। ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें और वित्तीय बाजारों में कम होती तरलता टिकाऊ सुधार के रास्ते में बाधा बनी हुई हैं।
3,870 डॉलर से लौटा सोना, नजर 4,000 डॉलर पर
पिछले सप्ताह सोना 4,000 और 3,900 डॉलर के अहम स्तरों से नीचे फिसलकर 3,870 डॉलर तक आ गया था—यह एक साल से अधिक का उसका सबसे निचला स्तर था। वू के मुताबिक, इस बिकवाली ने सोने की तकनीकी स्थिति को काफी कमजोर किया। इस सप्ताह की शुरुआत में खरीदार लौटे और 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब पहुंचा, फिर भी रुझान कमजोर है और कीमतों में आगे गिरावट की आशंका बनी हुई है।
सोने पर ब्याज नहीं मिलता। इसलिए डॉलर की मजबूती और वास्तविक यील्ड का ऊंचा बने रहना इसे रखने की अवसर लागत बढ़ाता है और रिकवरी को सीमित कर सकता है। वू ने कहा कि 4,000 डॉलर के ऊपर वापसी, ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों और अधिक स्थिर बाजार तरलता के साथ, यह तय करने में अहम होगी कि मौजूदा उछाल टिक पाएगा या नहीं।
दरों की उम्मीदें और लीवरेज घटाने से दबाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने पिछले सप्ताह ब्याज दरें स्थिर रखीं, लेकिन उम्मीद से मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने यह धारणा मजबूत की कि उसका सख्ती का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। बाजार दिसंबर में दर बढ़ोतरी की संभावना को अब भी कीमतों में शामिल कर रहे हैं। वू के अनुसार, ऊंची दरों की उम्मीदें सोने के लिए प्रतिकूल हैं; हाल की बाजार अस्थिरता और नकदी की मांग ने भी बिकवाली बढ़ाई है।
पिछले सप्ताह टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज गिरावट आई और शुक्रवार को Intel का शेयर करीब 29% टूट गया। इससे AI बुनियादी ढांचे में निवेश के पैमाने और उससे मिलने वाले संभावित प्रतिफल पर निवेशकों की जांच-पड़ताल फिर तेज हुई। जोखिम वाले निवेश घटाने वाले निवेशक मार्जिन कॉल पूरा करने या नकदी जुटाने के लिए सोना भी बेच सकते हैं।
वू ने कहा कि मौजूदा माहौल में सुरक्षित निवेश की मांग सरकारी बॉन्ड की ओर गई है, जबकि निवेशक होल्डिंग बेचकर और लीवरेज घटाकर सोने पर दबाव डाल रहे हैं। केवल बॉन्ड यील्ड में गिरावट से सोने की तेजी टिकाऊ हो, यह जरूरी नहीं है।
रोजगार रिपोर्ट से दिसंबर की दरों पर संकेत
बाजार की नजर अमेरिका के मध्यावधि चुनाव, टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजों और शुक्रवार को आने वाली अक्टूबर की गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट पर भी है। चुनाव नतीजे भविष्य के सरकारी खर्च, बजट घाटे और ट्रेजरी बॉन्ड जारी करने को लेकर उम्मीदें बदल सकते हैं, जिसका असर बॉन्ड यील्ड और डॉलर पर पड़ सकता है। यदि कांग्रेस में नियंत्रण बदलने से बाजार को भविष्य में छोटे घाटे की उम्मीद होती है, तो लंबी अवधि की यील्ड घट सकती है और सोने को सहारा मिल सकता है। हालांकि, राजनीतिक अनिश्चितता कम होने से डॉलर मजबूत भी हो सकता है, जिससे सोने की बढ़त सीमित रहेगी।
इस सप्ताह सोने के लिए रोजगार रिपोर्ट खास अहम है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अक्टूबर के दौरान 65,000 नौकरियां जुड़ीं, जबकि सितंबर में यह संख्या 29,000 थी। बेरोजगारी दर 4.2% पर स्थिर रहने का अनुमान है। अपेक्षा से मजबूत रोजगार आंकड़े और वेतन का लगातार दबाव दिसंबर में दर बढ़ोतरी की उम्मीद को मजबूत कर सकते हैं, जिससे डॉलर और वास्तविक यील्ड को समर्थन मिलेगा। कमजोर आंकड़े आगे मौद्रिक सख्ती की उम्मीद घटाकर सोने को कुछ राहत दे सकते हैं।
हालांकि, वू ने आगाह किया कि वित्तीय बाजारों का तनाव जारी रहने पर कमजोर रोजगार रिपोर्ट से मिलने वाला सहारा टिकाऊ नहीं होगा। आर्थिक कमजोरी के कारण जोखिम वाले निवेशों में और बिकवाली हुई और निवेशक नकदी जुटाते हुए लीवरेज घटाते रहे, तो सोने पर भी मजबूरी में बिकवाली का दबाव आ सकता है।