कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सॉफ्टवेयर, डेटा, वित्त और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में कामकाज का स्वरूप बदल रही है। इसका असर केवल नौकरियों की संख्या तक सीमित नहीं है। Indeed Hiring Lab के आंकड़ों के अनुसार, एआई से अत्यधिक प्रभावित भूमिकाओं में विज्ञापित मध्य वेतन 2021 से 46% बढ़ा है, जबकि कम प्रभावित नौकरियों में यह वृद्धि 25% रही।
ये आंकड़े संकेत देते हैं कि एआई केवल नौकरियां कम नहीं कर रही, बल्कि यह भी बदल रही है कि नियोक्ता किन कौशलों के लिए अधिक भुगतान करने को तैयार हैं। अर्थशास्त्री जैक कैनेडी के अनुसार, एआई विशेष विशेषज्ञता वाले कर्मचारियों को सीधे हटाने के बजाय यह बदल रही है कि बाजार किन क्षमताओं का कितना मूल्य तय करता है।
सॉफ्टवेयर, डेटा और वित्तीय भूमिकाओं में वेतन बढ़त
Indeed Hiring Lab उन भूमिकाओं को एआई से अत्यधिक प्रभावित मानता है, जिनमें एआई कुछ कार्य खुद कर सकती है या काम करने के तरीके में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है। इस समूह में सॉफ्टवेयर विकास, आईटी सिस्टम और तकनीकी सहायता, डेटा एवं एनालिटिक्स, मार्केटिंग, बैंकिंग और वित्त से जुड़ी नौकरियां शामिल हैं।
2026 तक इन भूमिकाओं में विज्ञापित मध्य वेतन 2021 की तुलना में 46% अधिक था। इसके मुकाबले, कम एआई-प्रभावित नौकरियों में 25% वृद्धि दर्ज की गई। इस समूह में नर्सिंग, व्यक्तिगत देखभाल और घरेलू स्वास्थ्य सेवा, खाद्य तैयारी एवं सेवा, सफाई और स्वच्छता तथा उत्पादन और विनिर्माण जैसे काम शामिल हैं। इन नौकरियों में वेतन वृद्धि की रफ्तार पिछले वर्ष की तुलना में भी धीमी हुई।
वेतन वृद्धि का अंतर करियर के स्तर के अनुसार बदलता है। शुरुआती स्तर की भूमिकाओं में अत्यधिक और कम एआई-प्रभावित नौकरियों के बीच अंतर सीमित है। करियर की सीढ़ी पर ऊपर जाने के साथ यह अंतर अधिक स्पष्ट हो जाता है। इससे संकेत मिलता है कि एआई का असर अनुभवी कर्मचारियों की जिम्मेदारियों, कौशल-संयोजन और वेतन निर्धारण पर अधिक पड़ रहा है, न कि सभी नौकरी चाहने वालों पर एक जैसा।
एआई-प्रभावित क्षेत्रों में भर्ती मांग में सुधार
कैनेडी ने कहा कि पिछले एक वर्ष में एआई से अत्यधिक प्रभावित पेशों में भर्ती के अवसर सामान्य रूप से सुधरे हैं। इन क्षेत्रों में नौकरी के विज्ञापनों की संख्या लगातार बढ़ी है और वेतन भी ऊपर गया है। यह रुझान बताता है कि नियोक्ता इन पदों के लिए जरूरी कौशलों को अधिक महत्व दे रहे हैं।
अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स सैकड़ों पेशों के लिए 10 वर्ष की रोजगार संभावनाएं जारी करता है। 2026 में उसने एआई पर कई अध्ययनों को भी शामिल किया, ताकि अलग-अलग पेशों पर इस तकनीक के संभावित असर का वर्गीकरण किया जा सके।
एआई से “बहुत अधिक” प्रभावित मानी गई 206 भूमिकाओं में से कई में वेतन अपेक्षाकृत ऊंचा है और 2025 से 2035 के बीच रोजगार बढ़ने का अनुमान भी है। सॉफ्टवेयर डेवलपर और मैनेजमेंट एनालिस्ट इसके उदाहरण हैं। वहीं, फिजिशियन असिस्टेंट और डेंटल हाइजीनिस्ट अपेक्षाकृत ऊंचे वेतन और कम एआई-प्रभाव का संयोजन पेश करते हैं; इन भूमिकाओं में भी इसी अवधि में रोजगार बढ़ने की उम्मीद है।
एआई के रोजगार असर को लेकर चिंता कायम
एआई के रोजगार पर प्रभाव को लेकर जनचिंता बढ़ रही है। Pew Research Center के सर्वेक्षण में 71% अमेरिकी वयस्कों ने कहा कि अगले 20 वर्षों में एआई से देश में जरूरी नौकरियों की संख्या घटेगी। 2024 में यह आंकड़ा 64% था। सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद अधिक वाले देशों में लोग एआई के नौकरियां खत्म करने को लेकर आम तौर पर अधिक चिंतित हैं। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया में यह अनुपात 76%-76% रहा।
एआई उद्योग से जुड़े कुछ लोगों की राय इससे भी अधिक गंभीर है। OpenAI और Anthropic में पहले काम कर चुके जैकब कॉक्सन ने इस महीने X पर कहा कि उन्होंने Anthropic से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि एआई को गंभीरता से विकसित करने वाले कुछ लोग मानते हैं कि इस दशक के अंत से पहले यह तकनीक मानवता के विनाश का कारण बन सकती है। यह उनका व्यक्तिगत मत है, उद्योग की सर्वसम्मत राय नहीं, लेकिन इससे पता चलता है कि एआई की सीमाओं और संभावित परिणामों पर बहस जारी है।
इसके बावजूद कंपनियों और आम लोगों ने एआई का इस्तेमाल बंद नहीं किया है। अधिक कर्मचारी दोहराए जाने वाले कामों को स्वचालित करने और कार्यप्रवाह तेज करने के लिए एआई अपना रहे हैं। कुछ लोग रोजमर्रा की जिंदगी में सलाह लेने के लिए भी इसका उपयोग कर रहे हैं। Meta का पर्सनल एआई एजेंट हाल में अमेरिका के Apple App Store पर मुफ्त ऐप्स की रैंकिंग में पहले स्थान पर पहुंचा। कुछ उपयोगकर्ता रिश्तों और भावनात्मक सहारे के लिए भी एआई चैटबॉट्स का रुख करने लगे हैं।
आंकड़े दो समानांतर रुझान दिखाते हैं: बाजार संबंधित कौशलों का मूल्य नए सिरे से तय कर रहा है, जिसके साथ एआई से अत्यधिक प्रभावित भूमिकाओं में वेतन और भर्ती मांग बढ़ रही है; वहीं, एआई के दीर्घकालिक रोजगार प्रभाव को लेकर चिंता भी गहरी हो रही है। अलग-अलग पेशों पर अंतिम असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां कामों का पुनर्वितरण कैसे करती हैं, नौकरियों की संख्या किस तरह बदलती है और कर्मचारी नई तकनीकों के अनुरूप कौशल हासिल कर पाते हैं या नहीं।