अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने 5 नवंबर 2026 को चार लोगों और 41 संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए। मंत्रालय का आरोप है कि इन लोगों और कंपनियों ने विदेशी कंपनियों के ढांचे और कारोबारी सेवाओं के जरिए पहले के प्रतिबंधों के बाद भी प्रिंस ग्रुप को कामकाज जारी रखने में मदद की। अमेरिका में मौजूद, या अमेरिकी व्यक्तियों के कब्जे अथवा नियंत्रण वाली उनकी संपत्ति और संपत्ति में हितों को रोककर OFAC को रिपोर्ट करना होगा। यह रोक उन कंपनियों तक भी फैल सकती है जिनमें प्रतिबंधित व्यक्ति की कम से कम 50% हिस्सेदारी हो; इसलिए स्वामित्व की पूरी श्रृंखला की जांच अहम है।
OFAC ने प्रिंस ग्रुप को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन बताया है। उसके अनुसार, समूह से जुड़े लोगों ने डिजिटल परिसंपत्तियों में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी, रोमांस स्कैम और अन्य ऑनलाइन ठगी की। दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ परिसरों में इन गतिविधियों के लिए मानव तस्करी और जबरन काम कराने के शिकार लोगों का इस्तेमाल किया गया। ताजा कार्रवाई किसी एक कंपनी के बजाय उन लोगों और कंपनियों के कथित नेटवर्क पर केंद्रित है जो समूह को सहायता देते थे।
चार लोगों और कंपनियों के नेटवर्क पर कार्रवाई
प्रतिबंध सूची में शामिल लोगों के नाम क्यू योंग, झाओ मेंगयाओ, हे युजिंग और विसाल पांग हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, क्यू का संबंध हांगकांग की साहूकारी कंपनी प्रीमियम फाइनेंशियल लिमिटेड से सन स्पीड होल्डिंग्स लिमिटेड के जरिए है। सन स्पीड ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में पंजीकृत है। ट्रेजरी का आरोप है कि क्यू प्रीमियम फाइनेंशियल का अंतिम मालिक है और उसने प्रिंस ग्रुप की ओर से हांगकांग तथा ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स की अन्य कंपनियों पर नियंत्रण के लिए इसका इस्तेमाल किया।
ट्रेजरी के अनुसार, झाओ क्यू की निजी सहायक थीं और कई हांगकांग कंपनियों में कंपनी सचिव तथा सह-निदेशक के तौर पर काम कर चुकी थीं। इन कंपनियों का अंतिम नियंत्रण क्यू के पास था। प्रतिबंध कार्रवाई में बताए गए संबंध औपचारिक पदों, अंतिम लाभकारी स्वामित्व और अलग-अलग अधिकार क्षेत्रों के बीच धन तथा कारोबारी सेवाओं के प्रवाह की जांच की अहमियत दिखाते हैं।
हे, प्रिंस ग्रुप के कार्यकारी चेन बो की पत्नी हैं। ट्रेजरी का आरोप है कि अक्टूबर 2025 की प्रतिबंध कार्रवाई के बाद चेन ने टोक्यो स्थित एक आलीशान घर का स्वामित्व हे को हस्तांतरित किया। हालिया कार्रवाई में शामिल एक अन्य व्यक्ति पांग पर 11 कंबोडियाई कंपनियों को नियंत्रित करने का आरोप है। इनमें से कई कंपनियों में वह चेन के साथ सह-निदेशक थे। अमेरिका ने चेन पर 23 जून 2026 को प्रतिबंध लगाए थे।
कार्रवाई में पहले से प्रतिबंधित प्रिंस ग्रुप के अधिकारियों दाई आन और थेत ली से जुड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। ट्रेजरी का कहना है कि सिंगापुर स्थित ग्रीनबे मल्टी मीडिया का पूरा स्वामित्व थेत ली के पास है। ये व्यक्ति और कंपनियां कथित नेटवर्क के कुछ रास्ते दिखाते हैं; इससे यह साबित नहीं होता कि संबंधित हर कंपनी एक ही स्वामित्व श्रृंखला का हिस्सा है।
OFAC का 50% नियम सूची से बाहर की कंपनियों पर भी लागू
OFAC के प्रतिबंध केवल सूची में सीधे नामित लोगों और संस्थाओं तक सीमित नहीं हैं। यदि एक या अधिक प्रतिबंधित व्यक्तियों के पास किसी कंपनी का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कम से कम 50% स्वामित्व है, तो वह कंपनी भी प्रतिबंधों के तहत अवरुद्ध मानी जाती है। अलग-अलग प्रतिबंधित मालिकों की हिस्सेदारियों को जोड़कर देखा जा सकता है। इसलिए किसी कारोबारी पक्ष का नाम सार्वजनिक सूची में न होने पर भी वह रोक के दायरे में आ सकता है। अंतिम लाभकारी स्वामित्व और कई प्रतिबंधित शेयरधारकों की संयुक्त हिस्सेदारी की जांच जरूरी है।
अमेरिकी नियमों के तहत, नामित व्यक्तियों की संपत्ति और संपत्ति में उनके हितों को रोकना होगा, यदि वे अमेरिका में हों या अमेरिकी व्यक्तियों के कब्जे अथवा नियंत्रण में हों। ऐसी संपत्ति की OFAC को रिपोर्ट भी करनी होती है। सामान्य या विशेष लाइसेंस से अधिकृत, अथवा लागू छूट के दायरे में आने वाले लेनदेन को छोड़कर, अमेरिकी व्यक्तियों को नामित लोगों या अन्य अवरुद्ध संपत्ति से जुड़े लेनदेन करने की आम तौर पर अनुमति नहीं है। लेनदेन अमेरिका में भी नहीं किया जा सकता और न ही उसे अमेरिका के रास्ते भेजा जा सकता है।
ट्रेजरी के अनुसार, प्रतिबंधों का उल्लंघन करने पर दीवानी या आपराधिक दंड हो सकते हैं। कुछ मामलों में दीवानी दायित्व के लिए यह साबित करना जरूरी नहीं होता कि उल्लंघन जानबूझकर किया गया था। OFAC के अनुपालन मार्गदर्शन में लेनदेन और खातों से जुड़े कारोबारी संबंधों के दौरान स्वामित्व की पड़ताल करने की सलाह दी गई है। ताजा नामांकन और 50% नियम दिखाते हैं कि केवल कंपनी का नाम जांचना पर्याप्त नहीं हो सकता: कंपनियों को लाभकारी मालिकों, नियंत्रण रखने वालों और अप्रत्यक्ष स्वामित्व संबंधों की भी पहचान करनी होती है।