मैक्रो निवेशक राउल पाल का कहना है कि ब्याज दरों में दोबारा बढ़ोतरी होने पर बिटकॉइन नैस्डैक से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उनका आकलन अमेरिकी ब्याज दरों, राजकोषीय नीति और टेक्नोलॉजी शेयरों के मूल्यांकन को प्रभावित करने वाले व्यापक आर्थिक ढांचे से जुड़ा है। हालांकि, इस दृष्टिकोण का अर्थ यह नहीं है कि चक्र के हर चरण में बिटकॉइन और शेयर बाजार एक ही दिशा में चलेंगे।
पाल ने ब्याज दरों और राजकोषीय प्रभुत्व पर जोर दिया
पाल का मुख्य तर्क है कि ब्याज दरों में बदलाव बाजार के पुनर्मूल्यांकन का越来越 महत्वपूर्ण चालक बन रहा है। जब उधारी की लागत और बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो ग्रोथ और टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि उनके मूल्यांकन गुणक और भविष्य के नकदी प्रवाह पर लागू डिस्काउंट रेट प्रभावित होते हैं। इसके विपरीत, सीमित आपूर्ति नियमों और गैर-सॉवरेन परिसंपत्ति के रूप में बिटकॉइन की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है।
पाल ने “राजकोषीय प्रभुत्व” वाले व्यापक आर्थिक माहौल की ओर भी ध्यान दिलाया। इस शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर ऐसी स्थिति के लिए किया जाता है, जिसमें सरकार की वित्तपोषण जरूरतें मौद्रिक नीति पर अधिक प्रभाव डालने लगती हैं। ऐसे माहौल में निवेशक सार्वजनिक ऋण, मुद्रा आपूर्ति, वास्तविक ब्याज दरों और परिसंपत्तियों की क्रय शक्ति में बदलाव पर अधिक नजर रखते हैं। पाल का मानना है कि ये कारक नैस्डैक की तुलना में बिटकॉइन के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
पाल ने कोई मूल्य लक्ष्य या निश्चित समयसीमा नहीं दी है। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि किन परिस्थितियों में बिटकॉइन को नैस्डैक से बेहतर प्रदर्शन करना होगा। बिटकॉइन अब भी बाजार की तरलता, डॉलर, जोखिम लेने की इच्छा और क्रिप्टो बाजार में पूंजी प्रवाह के प्रति संवेदनशील है। ऊंची ब्याज दरें अस्थिर परिसंपत्तियों के मूल्यांकन पर दबाव डाल सकती हैं। इसलिए यह विचार अल्पकालिक मूल्य प्रदर्शन की गारंटी नहीं, बल्कि व्यापक आर्थिक आकलन है।
बिटकॉइन और टेक शेयरों के मूल्यांकन आधार अलग
नैस्डैक में मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, संचार और अन्य ग्रोथ कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों का मूल्यांकन ब्याज दरों और लंबी अवधि के नकदी प्रवाह पर लागू डिस्काउंट रेट के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील रहता है। यदि बाजार ऊंची ब्याज दरों की उम्मीद बनाए रखता है, तो टेक कंपनियों को मूल्यांकन पर पड़ने वाले दबाव को संभालने के लिए अधिक मजबूत आय वृद्धि दिखानी पड़ सकती है।
बिटकॉइन से पारंपरिक कॉरपोरेट नकदी प्रवाह उत्पन्न नहीं होता। इसकी कीमत पर आपूर्ति और मांग, बाजार की तरलता, संस्थागत आवंटन और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता का अधिक प्रभाव रहता है। दोनों परिसंपत्तियों का मूल्यांकन अलग-अलग आधारों पर होने के कारण पाल का तर्क है कि राजकोषीय और मौद्रिक परिस्थितियों में बदलाव के दौरान बिटकॉइन नैस्डैक से अलग व्यवहार कर सकता है।
फिर भी, यह अंतर दोनों परिसंपत्तियों में एक साथ गिरावट की संभावना को खत्म नहीं करता। व्यापक जोखिम-विमुखता या तरलता में कमी के दौर में बिटकॉइन अन्य जोखिम वाली परिसंपत्तियों के साथ दबाव में आ सकता है।
प्रमुख क्रिप्टो परिसंपत्तियों में उतार-चढ़ाव जारी
बाजार स्नैपशॉट में बिटकॉइन की कीमत $80,349 दिखाई गई, जो दिन में 1.09% नीचे थी। ईथर $2,576.46 पर 2.54% नीचे, जबकि सोलाना $108.24 पर 3.42% गिरा हुआ था। XRP $1.38 पर 2.51% नीचे और डॉगकॉइन $0.085 पर 2.60% नीचे था। इन आंकड़ों से पता चलता है कि स्नैपशॉट के समय प्रमुख क्रिप्टो परिसंपत्तियों में एकसमान तेजी नहीं थी।
इसी स्नैपशॉट में टोनकॉइन $1.38 पर 0.98% ऊपर, TRON $0.34 पर 1.08% ऊपर, Pepe $0.0000040 पर 6.09% ऊपर और Worldcoin $0.42 पर 0.79% ऊपर था। अलग-अलग टोकनों के प्रदर्शन में यह अंतर क्रिप्टो बाजार के भीतर पूंजी प्रवाह में जारी असमानता को दर्शाता है।
पाल का आकलन सही साबित होगा या नहीं, यह ब्याज दरों की दिशा, सरकारी वित्तपोषण जरूरतों के दबाव, डॉलर की तरलता और अत्यधिक अस्थिर परिसंपत्तियों में निवेश बनाए रखने की इच्छा पर निर्भर करेगा। फिलहाल, उनका तर्क बिटकॉइन और नैस्डैक के सापेक्ष प्रदर्शन को ब्याज दरों और राजकोषीय नीति में बदलाव के संदर्भ में रखता है। इसका वास्तविक परिणाम आगे के बाजार आंकड़ों से स्पष्ट होगा।